अंतरराष्ट्रीय टेनिस जगत में लैंगिक समानता की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है। महिला टेनिस संघ (डब्ल्यूटीए) ने यह ऐलान किया है कि अगले साल से सभी कंबाइंड 1,000 टूर्नामेंट्स में पुरुष और महिला खिलाड़ियों को बिल्कुल बराबर ईनामी राशि प्रदान की जाएगी। ग्रैंड स्लैम के बाद वैश्विक टेनिस में कंबाइंड 1,000 स्तर की प्रतियोगिताएं सबसे प्रतिष्ठित और उच्च स्तर की मानी जाती हैं। इस ऐतिहासिक कदम के जरिए महिला खिलाड़ियों को कोर्ट पर उनके प्रदर्शन के लिए पुरुषों के समान ही वित्तीय सम्मान सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा विस्तार किया जा रहा है।
समान ईनामी राशि का दायरा और मौजूदा स्थिति
टेनिस के कैलेंडर में कई शीर्ष आयोजन पहले से ही इस बराबरी के नियम का पालन कर रहे हैं। चारों ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट्स के अलावा इंडियन वेल्स, कैलिफ़ोर्निया, मियामी, मैड्रिड और बीजिंग में होने वाले मुकाबलों में महिला और पुरुष खिलाड़ियों को पहले से ही एक समान प्राइज मनी दी जा रही है। 1973 में गठित हुए डब्ल्यूटीए ने महिला टेनिस के पूरे परिदृश्य को बदलने का काम किया था, और यह ताजा निर्णय उसी लंबे संघर्ष की अगली मजबूत कड़ी है।
दूसरी तरफ, कुछ बड़े टूर्नामेंट्स में यह अंतर अब तक बना हुआ था। इटैलियन ओपन के आयोजकों ने साल 2023 में यह वादा किया था कि वे 2025 से दोनों वर्गों के लिए समान ईनामी राशि लागू कर देंगे, लेकिन वे अपने इस वादे को पूरा नहीं कर पाए। वित्तीय विषमता की बात करें तो इस साल रोम में कुल पुरुषों की ईनामी राशि 7.3 मिलियन पाउंड थी, जबकि महिला खिलाड़ियों को कुल 6.3 मिलियन पाउंड की राशि ही मिल सकी थी। डब्ल्यूटीए के इस नए और सख्त फैसले के बाद अब सभी कंबाइंड 1,000 स्तर के टूर्नामेंट्स में इस तरह के फासले को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।
डब्ल्यूटीए नेतृत्व का नजरिया
इस फैसले को खेल के इतिहास में एक मील का पत्थर करार दिया गया है। डब्ल्यूटीए की चेयर वैलेरी कैमिलो ने कहा कि सभी संयुक्त डब्ल्यूटीए 1,000 टूर्नामेंट्स में समान ईनामी राशि हासिल करना टेनिस के लिए एक बड़ा ऐतिहासिक पड़ाव है। उन्होंने आगे रेखांकित किया कि यह कदम अपने एथलीटों को प्रतिस्पर्धात्मक और वित्तीय समानता प्रदान करने में खेल उद्योग का नेतृत्व करने की संगठन की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है, साथ ही यह संगठन की मूल स्थापना के विजन की मजबूती का प्रमाण भी है।
कैलेंडर में ढील और वर्कलोड से राहत के नियम
ईनामी राशि में बराबरी लाने के साथ-साथ डब्ल्यूटीए ने टूर कैलेंडर में भी कुछ अहम रणनीतिक बदलावों की घोषणा की है, जिससे खिलाड़ियों को साल भर के व्यस्त कार्यक्रम में अधिक लचीलापन मिल सके। इन नए प्रावधानों के तहत दुनिया के शीर्ष 50 में शामिल खिलाड़ियों के लिए अनिवार्य रूप से खेले जाने वाले डब्ल्यूटीए 500 स्तर के टूर्नामेंट्स की संख्या को घटा दिया गया है। खिलाड़ियों को अब छह के बजाय केवल चार ऐसे टूर्नामेंट्स खेलने की बाध्यता होगी।
इसके अतिरिक्त, रैंकिंग व्यवस्था को भी अधिक खिलाड़ी-अनुकूल बनाया गया है। नए नियमों के अंतर्गत खिलाड़ियों को अपनी रैंकिंग तालिका में एक पात्र डब्ल्यूटीए 1,000 टूर्नामेंट के परिणाम के स्थान पर अपने किसी मजबूत डब्ल्यूटीए 500 या 250 परिणाम को बदलने की अनुमति मिलेगी। कैलेंडर की लगातार बढ़ती मांगों और खिलाड़ियों की शारीरिक थकान को लेकर लंबे समय से उठ रही चिंताओं के जवाब में यह निर्णय लिया गया है। वैलेरी कैमिलो ने कहा कि कैलेंडर की मांगों को लेकर खिलाड़ियों की राय को सुना गया और उनकी व्यस्तताओं में सार्थक कमी करके इसका जवाब दिया गया है।
खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया और भविष्य की रूपरेखा
टूर के शीर्ष खिलाड़ियों ने भी इस राहत और स्वायत्तता का स्वागत किया है। अमेरिका की दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी जेसिका पेगुला ने कहा कि 2027 के बदलाव खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी और व्यक्तिगत दोनों स्तरों पर अपने लक्ष्यों के इर्द-गिर्द अपने सीजन को तैयार करने की अधिक क्षमता देते हैं। उन्होंने इसे सभी खिलाड़ियों के लिए आगे की ओर एक प्रभावशाली कदम बताया। इन संशोधनों से स्पष्ट है कि टेनिस प्रशासन खेल में वित्तीय समानता सुनिश्चित करने के साथ-साथ एथलीटों के कार्यभार को संतुलित करने पर भी गंभीरता से ध्यान दे रहा है।



















