उत्तर प्रदेश के चंदौली स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय (DDU) जंक्शन पर रेल सुरक्षा बलों की देर रात तलाशी के दौरान एक बड़ी वित्तीय बरामदगी सामने आई है। पटना से राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली जा रही संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस के सामान्य (जनरल) डिब्बे में सवार एक यात्री के बैग की जब जांच की गई, तो उसमें बड़ी संख्या में नोटों के बंडल भरे मिले। पूछताछ के दौरान यात्री बैग में मौजूद भारी भरकम नकदी के पक्ष में कोई भी वैध रसीद या दस्तावेज प्रस्तुत करने में असमर्थ रहा, जिसके बाद पूरी नकदी को कब्जे में ले लिया गया।
प्लेटफॉर्म नंबर 7 पर नियमित जांच के दौरान खुला राज
यह घटना पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या 7 पर घटित हुई। राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) तथा रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के सुरक्षाकर्मियों की संयुक्त टुकड़ी देर रात स्टेशन पर रुकी संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस में रूटीन गश्त पर थी। ट्रेन के सामान्य कोच में चेकिंग करते वक्त जवानों का ध्यान एक युवक की संदिग्ध गतिविधियों पर गया। युवक के हाव-भाव और उसके पास मौजूद भारी पिट्ठू बैग पर शक गहराने के बाद पुलिसकर्मियों ने उसे घेरकर पूछताछ की और उसके सामान की गहन तलाशी लेने का फैसला किया।
500, 200 और 100 रुपये के नोटों के बंडल, कुल 43 लाख जब्त
युवक के पिट्ठू बैग की चेन खोलते ही सुरक्षाकर्मियों के होश उड़ गए। बैग के भीतर 500, 200 और 100 रुपये के भारतीय करेंसी नोटों की कई गड्डियां तरतीब से भरी हुई थीं। सुरक्षा अधिकारियों ने जब नकदी की गिनती कराई, तो यह कुल रकम 43 लाख रुपये निकली। अधिकारियों द्वारा इतनी बड़ी धनराशि ट्रेन के साधारण डिब्बे में बिना किसी सुरक्षा के ले जाने का उद्देश्य पूछे जाने पर वह कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सका। रकम के स्वामित्व और निकासी से जुड़े आधिकारिक कागजात न होने के कारण जीआरपी ने तत्काल प्रभाव से आयकर विभाग को इसकी सूचना भेजी। आयकर विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर 43 लाख रुपये की समूची रकम को विधिवत सीज कर अपने कब्जे में ले लिया।
मुजफ्फरपुर के गायघाट से जुड़ा यात्री, हवाला लेन-देन का संदेह
सुरक्षा बलों द्वारा पकड़े गए यात्री की पहचान बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट क्षेत्र के निवासी के रूप में हुई है। प्राथमिक पूछताछ में युवक द्वारा दिए गए बयानों के आधार पर पुलिस तंत्र को इस पूरे मामले में अवैध वित्तीय लेन-देन यानी हवाला नेटवर्क के तार जुड़े होने का मजबूत अंदेशा है। सीओ जीआरपी कुंवर प्रभात सिंह ने पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि पटना से नई दिल्ली जा रही ट्रेन में नियमित चेकिंग के दौरान यह जब्ती की गई है। फिलहाल आयकर विभाग की टीम पैसों के मूल स्रोत, गंतव्य और इसे पहुंचाने वाले नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने के लिए कानूनी कार्यवाही आगे बढ़ा रही है।



















