लगातार पांच फिल्में फ्लॉप होने पर पायलट बनने वाले थे मोहनीश बहल, जानिए कैसे सलमान खान की सिफारिश से मिला नया जीवनविदेशों में मिली आजादी और भारत में अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर शशि थरूर ने साझा किए विचारनई दिल्ली में खुला लाइबेरिया का नया दूतावास, एस जयशंकर और सारा बयसोलो न्यांती ने समुद्री सुरक्षा व खनन पर की चर्चा7वीं पास जॉन प्रकाश राव जनुमाला कैसे बने कॉमेडी किंग जॉनी लीवर, 300 से अधिक फिल्मों में दर्ज कराया नामरयानएयर विमान में उड़ान के दौरान खौफनाक हादसा: इंजन का टुकड़ा टकराने से टूटी खिड़की, बाहर की ओर खिंचा यात्रीसुनिधि चौहान की आवाज और कैटरीना कैफ के डांस से सजा तीस मार खान का गाना आज भी बना है पार्टी एंथमसिनेमा में 67 साल पूरे होने पर कमल हासन का विचार, केवल 20 वर्ष को माना असली सीखलेट समर में मानसिक सेहत सुधारने के आठ आसान और विज्ञान सम्मत उपायकक्षाओं में सजा के बजाय जुड़ाव पर जोर, जानिए कैसे बदल रहा है स्कूलों का माहौलनांदेड में सुखबीर सिंह बादल पर हमले के बाद अखिलेश यादव ने महाराष्ट्र सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर दागे सवाल
हरभजन सिंह ने दिया लियोनल मेसी का उदाहरण, 2027 वनडे वर्ल्ड कप में विराट कोहली और रोहित शर्मा के खेलने की उठाई मांगक्रिकेट
13 अग॰ 2026, 6:07 pm (11 घंटे पहले)· 1

हरभजन सिंह ने दिया लियोनल मेसी का उदाहरण, 2027 वनडे वर्ल्ड कप में विराट कोहली और रोहित शर्मा के खेलने की उठाई मांग

हरभजन सिंह का मानना है कि उम्र किसी खिलाड़ी की काबिलियत तय नहीं करती। उन्होंने लियोनल मेसी का उदाहरण देते हुए कहा कि फिटनेस बरकरार रहने पर विराट कोहली और रोहित शर्मा 2027 वनडे वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।

भारतीय क्रिकेट के दो महान बल्लेबाजों विराट कोहली और रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर जारी चर्चाओं के बीच पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने एक बड़ा बयान दिया है। हरभजन का स्पष्ट मानना है कि किसी भी खिलाड़ी का मूल्यांकन उसके जन्म का वर्ष देखकर नहीं, बल्कि मैदान पर उसके प्रदर्शन, फिटनेस और मैच जिताने की क्षमता से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर विराट और रोहित पूरी तरह फिट रहते हैं और मैदान पर अपना शत-प्रतिशत योगदान देते हैं, तो उनके लिए 2027 के वनडे वर्ल्ड कप में खेलने का रास्ता पूरी तरह खुला रहना चाहिए।

लियोनल मेसी की मिसाल और उम्र की बहस

वरिष्ठ खिलाड़ियों के करियर की अवधि पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए हरभजन सिंह ने वैश्विक खेल जगत से एक बेहद ही सटीक उदाहरण पेश किया। उन्होंने फुटबॉल के महानतम खिलाड़ी लियोनल मेसी का जिक्र करते हुए कहा कि जब 39 साल की उम्र में मेसी दुनिया के सबसे बड़े मंच पर अपनी टीम अर्जेंटीना का नेतृत्व कर सकते हैं और मैदान पर पांच-पांच डिफेंडरों को चकमा देकर मैच जिता सकते हैं, तो फिर विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज 2027 का वनडे वर्ल्ड कप क्यों नहीं खेल सकते?

ये भी पढ़ें

हरभजन का तर्क है कि आधुनिक खेलों में उम्र महज एक आंकड़ा बनकर रह गई है। अगर कोई एथलीट अपने खेल के उच्च स्तर को बनाए रखने में सक्षम है, मैदान पर शारीरिक रूप से चुस्त है और टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभा रहा है, तो केवल उम्र के आधार पर उसके भविष्य पर सवाल उठाना पूरी तरह से अनुचित है।

युवा खिलाड़ियों से भी आगे: विराट कोहली की बेमिसाल फिटनेस

विशेष रूप से विराट कोहली के फिटनेस स्तर की सराहना करते हुए हरभजन सिंह ने बताया कि 37 वर्ष की उम्र में भी कोहली आधुनिक क्रिकेट के लिए एक नया मापदंड स्थापित कर रहे हैं। जब बात मैदान पर तेजी से रन दौड़ने, बाउंड्री पर डाइव लगाने और चुस्ती-फुर्ती दिखाने की आती है, तो कोहली टीम में शामिल 20 से 22 साल के युवा खिलाड़ियों को भी पीछे छोड़ देते हैं।

हरभजन ने कहा कि जब कोई अनुभवी खिलाड़ी शारीरिक क्षमता और स्टैमिना के मामले में अपने से 15 साल छोटे खिलाड़ियों से भी बेहतर प्रदर्शन कर रहा हो, तो उसकी उम्र को लेकर संशय व्यक्त करना बेमानी है। कोहली की फिटनेस के प्रति समर्पण ने भारतीय क्रिकेट में शारीरिक दक्षता की नई परिभाषा तय की है।

2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए रणनीतिक जरूरत

आईसीसी ट्रॉफियों को जीतने की भारतीय टीम की आकांक्षाओं पर बात करते हुए हरभजन सिंह ने कहा कि बड़े टूर्नामेंटों में सफलता हासिल करने के लिए रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी बेहद जरूरी है। इन दोनों दिग्गजों के पास वह अनुभव और कौशल है जो किसी भी दबाव की स्थिति में टीम को संभाल सकता है।

रोहित शर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी और उनकी कुशल कप्तानी टीम को बेहतरीन शुरुआत और दिशा प्रदान करती है, जबकि विराट कोहली की पारी को संभालने और लक्ष्य का पीछा करने की असाधारण क्षमता किसी भी मुकाबले का पासा पलट सकती है। हरभजन के अनुसार, यदि इन दोनों खिलाड़ियों में खेलने का जज्बा, इच्छाशक्ति और फिटनेस मौजूद है, तो 2027 के वनडे वर्ल्ड कप में उनकी जगह पर कोई संशय नहीं होना चाहिए।

भारतीय टेस्ट क्रिकेट की संस्कृति और सोच में बदलाव

बातचीत के दौरान हरभजन सिंह ने 2014-15 के उस ऐतिहासिक दौर को भी याद किया जब विराट कोहली ने भारतीय टेस्ट टीम की कमान संभाली थी। उन्होंने स्वीकार किया कि कोहली ने ड्रेसिंग रूम के माहौल और टीम की मानसिकता को हमेशा के लिए बदल दिया। उन्होंने खिलाड़ियों के भीतर जीत हासिल करने की एक ऐसी भूख पैदा की, जिसने भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।

कोहली के दौर से पहले भारतीय टीम टेस्ट मैच के पांचवें दिन 400 रनों जैसे बड़े लक्ष्य का पीछा करने के बारे में कम ही सोचती थी। लेकिन कोहली ने टीम में यह अटूट विश्वास जगाया कि भारतीय टीम दुनिया के किसी भी कोने में जाकर किसी भी विरोधी टीम को मात देने का माद्दा रखती है। उन्होंने फिटनेस का जो ऊंचा मानदंड तय किया, उसने वरिष्ठ खिलाड़ियों को भी अपनी वास्तविक सीमाओं से आगे बढ़कर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

सवाल-जवाब

हरभजन सिंह ने विराट कोहली और रोहित शर्मा के संदर्भ में लियोनल मेसी का उदाहरण क्यों दिया?
हरभजन सिंह ने समझाया कि जब 39 साल की उम्र में लियोनल मेसी अर्जेंटीना को विश्व विजेता बना सकते हैं, तो पूरी तरह फिट रहने पर विराट कोहली और रोहित शर्मा भी 2027 का वनडे वर्ल्ड कप खेल सकते हैं।
टीम के युवा खिलाड़ियों की तुलना में विराट कोहली का फिटनेस स्तर कैसा है?
37 वर्ष की उम्र में भी विराट कोहली मैदान पर दौड़ने, डाइव लगाने और चुस्ती-फुर्ती के मामले में टीम के 20 से 22 साल के युवाओं को पीछे छोड़ देते हैं।
2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए रोहित शर्मा और विराट कोहली क्यों महत्वपूर्ण हैं?
रोहित शर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी और नेतृत्व क्षमता तथा विराट कोहली की एंकरिंग और रन चेज़ करने की क्षमता किसी भी आईसीसी ट्रॉफी को जीतने के लिए बेहद जरूरी है।
2014-15 में कप्तानी संभालने के बाद विराट कोहली ने भारतीय टेस्ट क्रिकेट में क्या बदलाव किए?
कोहली ने ड्रेसिंग रूम में जीत की मानसिकता का बीजारोपण किया, उच्च फिटनेस मानदंड स्थापित किए और टीम को यह विश्वास दिलाया कि वे मैच के पांचवें दिन 400 रनों का लक्ष्य भी हासिल कर सकते हैं।
खिलाड़ी के करियर का आकलन करने के लिए हरभजन सिंह का मुख्य मानदंड क्या है?
हरभजन सिंह का मानना है कि किसी भी एथलीट का आकलन उसकी उम्र से नहीं, बल्कि उसकी मैदान पर परफॉर्मेंस, फिटनेस और मैच जिताने की क्षमता से होना चाहिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR