इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (ICSI) की ओर से आयोजित सीएस प्रोफेशनल जून 2026 परीक्षा का परिणाम घोषित हो गया है। इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में राजस्थान के सीकर जिले के नीमकाथाना कस्बे की रहने वाली खुशी अग्रवाल ने ऐतिहासिक सफलता दर्ज करते हुए ऑल इंडिया पहली रैंक (AIR-1) हासिल की है। खुशी ने कुल 700 अंकों में से 432 अंक प्राप्त कर पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। इस परीक्षा में खुशी अग्रवाल ने सानिया समीर खान के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान साझा किया है।
परिणाम की घोषणा और परिवार में खुशी का माहौल
परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद जब खुशी अग्रवाल ने अपना रिजल्ट देखा, तो उन्हें शुरुआत में ऑल इंडिया पहली रैंक मिलने पर सहसा विश्वास ही नहीं हुआ। अपनी रैंक की पुष्टि करने के लिए उन्होंने दोबारा गूगल पर परिणाम की जांच की। जैसे ही पहली रैंक होने की पुष्टि हुई, उनके पूरे परिवार में जश्न का माहौल बन गया। इस बड़ी उपलब्धि की खबर फैलते ही रिश्तेदारों, मित्रों और पड़ोसियों का उनके घर पर बधाई देने के लिए तांता लग गया। खुशी की इस स्वर्णिम सफलता पर उनकी 82 वर्षीय दादी ने उन्हें गले लगाकर आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं।
ऑनलाइन क्लासेस, समयबद्ध टाइम टेबल और डिजिटल अनुशासन
अपनी शानदार सफलता का श्रेय खुशी अग्रवाल ने अपने माता-पिता के निरंतर प्रोत्साहन और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है। उन्होंने अपनी संपूर्ण तैयारी ऑनलाइन क्लासेस के माध्यम से पूरी की। तैयारी की रणनीति साझा करते हुए खुशी ने बताया कि उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती पूरे सिलेबस को समय पर समाप्त करने की थी। इसके लिए उन्होंने एक व्यवस्थित टाइम टेबल तैयार किया और चरणबद्ध तरीके से पढ़ाई आगे बढ़ाई। पूरी तैयारी के दौरान उन्होंने सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी और अपने स्मार्टफोन का इस्तेमाल केवल अध्ययन सामग्री एवं जरूरी शैक्षणिक कार्यों तक ही सीमित रखा।
मॉक टेस्ट, निरंतर रिवीजन और परीक्षा हॉल की रणनीति
खुशी के अनुसार एक बार सिलेबस पूरा हो जाने के बाद उनका पूरा ध्यान लगातार रिवीजन पर केंद्रित हो गया। परीक्षा हॉल में बैठने से पहले उन्होंने पूरे पाठ्यक्रम को कई बार पढ़ा। उन्होंने नियमित रूप से मॉक टेस्ट देने को अपनी सफलता की सबसे मजबूत कड़ी बताया। उनका मानना है कि दैनिक आधार पर टेस्ट देने से परीक्षा के प्रति आत्मविश्वास बढ़ता है और समय प्रबंधन में सुधार आता है। उन्होंने परीक्षा में सभी प्रश्नों को हल करने की रणनीति अपनाई और पूरे पेपर को अटेंप्ट किया। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए वह रोजाना 8 घंटे से भी अधिक समय तक पढ़ाई में जुटी रहती थीं।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और युवाओं के लिए सफलता का संदेश
खुशी अग्रवाल एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता गोपाल अग्रवाल नीमकाथाना में अपना व्यवसाय चलाते हैं, जबकि उनकी माता पूनम अग्रवाल एक गृहिणी हैं। दो भाई-बहनों में सबसे बड़ी खुशी बचपन से ही अपने लक्ष्यों के प्रति अत्यधिक गंभीर और परिश्रमी रही हैं। देश भर में शीर्ष स्थान हासिल करने के बाद खुशी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को संदेश दिया कि वे जीवन में जो भी लक्ष्य चुनें, उसमें अपना शत-प्रतिशत देने का प्रयास करें। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि पढ़ाई के दौरान सोशल मीडिया से दूर रहें, मोबाइल का सीमित उपयोग करें और कठोर परिश्रम के साथ सही टाइम टेबल का पालन करें।



















