इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में खेल रही पाकिस्तान की टीम के लिए एक ऐसी अनोखी कहानी सामने आई है जिसने पूरे क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है। सीरीज के तीसरे और आखिरी टेस्ट मैच में पाकिस्तानी टीम पर क्लीन स्वीप का संकट मंडरा रहा है, लेकिन इसी मैच में अपना डेब्यू करने वाले 21 साल के युवा खिलाड़ी रजाउल्लाह खान ने अपने प्रदर्शन से इतिहास रच दिया है। पेशावर के रहने वाले इस ऑलराउंडर ने अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों से मैदान पर तहलका मचा दिया। सबसे दिलचस्प बात यह है कि मैच शुरू होने से महज पांच दिन पहले तक उनके पास विदेश जाने का वीजा और पासपोर्ट तक नहीं था, लेकिन टीम में शामिल होते ही उन्होंने कमाल का प्रदर्शन किया।
नौवें नंबर पर बल्लेबाजी का तूफान और वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी
मुकाबले की दूसरी पारी में जब पाकिस्तान की टीम संघर्ष कर रही थी और 312 रनों के स्कोर पर उसके 7 विकेट गिर चुके थे, तब रजाउल्लाह खान नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करने मैदान पर आए। उन्होंने बिना किसी दबाव के इंग्लिश गेंदबाजों पर धावा बोल दिया और ताबड़तोड़ अंदाज में रन बनाना शुरू किया। रजाउल्लाह ने मात्र 63 गेंदों का सामना करते हुए 81 रनों की तूफानी पारी खेली। उनकी इस आतिशी पारी की बदौलत पाकिस्तान की टीम दूसरी पारी में एक मजबूत बढ़त बनाने में कामयाब रही।
अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने 4 चौके और 9 गगनचुंबी छक्के लगाए। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में अपने डेब्यू मैच में नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए किसी भी खिलाड़ी द्वारा लगाए गए यह सबसे ज्यादा छक्के हैं। अपनी इस पारी से उन्होंने 18 साल पुराने एक ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली है। रजाउल्लाह की इस बेखौफ बल्लेबाजी ने मैच का रुख बदल दिया और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
मैच का घटनाक्रम और पाकिस्तान का जोरदार पलटवार
इस टेस्ट मैच में पाकिस्तान की शुरुआत काफी खराब रही थी। इंग्लैंड की टीम ने अपनी पहली पारी में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 453 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में पाकिस्तानी टीम पहली पारी में ताश के पत्तों की तरह ढह गई और केवल 133 रन पर सिमट गई, जिसके बाद इंग्लैंड ने उसे फॉलोऑन खेलने के लिए कहा। फॉलोऑन मिलने के बाद पाकिस्तान ने शानदार जुझारूपन दिखाया और अपनी दूसरी पारी में 449 रन बोर्ड पर लगा दिए। रजाउल्लाह खान के बहुमूल्य योगदान की मदद से पाकिस्तान ने इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 130 रनों का लक्ष्य रखा है।
गेंदबाजी में भी चटकाए 4 महत्वपूर्ण विकेट
दाएं हाथ के मीडियम पेसर ऑलराउंडर रजाउल्लाह खान ने न केवल बल्ले से जौहर दिखाए, बल्कि गेंद से भी अपनी उपयोगिता साबित की। इंग्लैंड की पहली पारी के दौरान उन्होंने शानदार लाइन और लेंथ से गेंदबाजी की और कुल 4 विकेट चटकाए। उनके शिकार बने खिलाड़ियों में इंग्लैंड के सबसे भरोसेमंद और अनुभवी बल्लेबाज जो रूट भी शामिल थे। जो रूट का विकेट लेना किसी भी युवा गेंदबाज के लिए एक बड़ा सपना होता है और रजाउल्लाह ने अपने डेब्यू मैच में ही यह कारनामा कर दिखाया।
फोन बंद, पासपोर्ट गायब: टीम में चयन का अनोखा ड्रामा
मैदान पर तहलका मचाने वाले रजाउल्लाह खान के पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम में चुने जाने की कहानी किसी रोमांचक फिल्म जैसी है। लॉर्ड्स टेस्ट मैच में पाकिस्तान की करारी हार के बाद टीम प्रबंधन ने बड़ा फैसला लेते हुए अचानक 7 खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर दिया था। इसके बाद घरेलू क्रिकेट में पिछले साल ही कदम रखने वाले रजाउल्लाह को टीम में शामिल करने का फैसला किया गया। जब उन्हें टीम में चुना गया, तो रजाउल्लाह को इस बात की भनक तक नहीं थी क्योंकि उनका फोन बंद था और उनके पास कोई पासपोर्ट भी नहीं था।
चयनकर्ताओं ने जब उनसे संपर्क करने का प्रयास किया और फोन बंद पाया, तो उन्होंने खिलाड़ी के कोच से बात की। कोच ने किसी तरह रजाउल्लाह से संपर्क साधा, जो उस समय खैबर पख्तूनख्वा की खूबसूरत पहाड़ियों में घूम रहे थे। सूचना मिलते ही रजाउल्लाह तुरंत वहां से भागे और बेहद कम समय में अपना पासपोर्ट बनवाने के साथ-साथ UK वीजा के लिए बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी की। इन सभी अड़चनों को पार कर वह इंग्लैंड पहुंचे और टीम में शामिल होने के पांच दिनों के भीतर ही मैदान पर उतरकर इतिहास रच दिया।


















