बर्मिंघम टेस्ट मैच में शुरुआती दो मुकाबलों और सीरीज गंवाने के बाद पाकिस्तान की स्थिति एक बार फिर मुश्किल में नजर आई। मुकाबले की पहली पारी में पाकिस्तानी टीम महज 133 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। आसमान में छाए बादलों और मददगार पिचों पर अंग्रेजी गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद अब जिम्मेदारी पाकिस्तानी गेंदबाजी क्रम पर थी। पाकिस्तान की तरफ से गेंदबाजी की शुरुआत करने के लिए एक ऐसा खिलाड़ी मैदान पर उतरा जिसे उस समय बहुत कम लोग जानते थे, लेकिन कुछ ही पलों में उसका नाम पूरी क्रिकेट दुनिया की जुबान पर आ गया।
पहली ही गेंद पर रफ्तार का जादू
अपने टेस्ट करियर की पहली ही गेंद पर गेंदबाज ने 143 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार दर्ज कराई। इसके बाद ओवर की तीसरी गेंद पर गति बढ़कर 144 किलोमीटर प्रति घंटा हो गई। चौथी गेंद और भी तेज गति से आई और सीधे इंग्लैंड के कप्तान जो रूट के पैड पर जा लगी। जोरदार अपील के बाद अंपायर ने तुरंत आउट करार दे दिया। इस प्रकार, अपने टेस्ट करियर में एक भी रन खर्च करने से पहले ही रजाउल्लाह ने इंग्लैंड के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज को पवेलियन भेज दिया था।
सीमित अनुभव के साथ बड़ा मौका
यह केवल वैश्विक क्रिकेट प्रेमियों के लिए ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान के अपने खेल प्रशंसकों के लिए भी एक चौंकाने वाला पल था। रजाउल्लाह को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड द्वारा लंबे समय से टेस्ट स्तर के लिए तराशा गया कोई स्थापित नाम नहीं माना जाता है। इंग्लैंड के खिलाफ इस मुकाबले से उतरने से पहले उनके खाते में केवल आठ फर्स्ट-क्लास मैच दर्ज थे। हालांकि उन्होंने पाकिस्तान सुपर लीग में कुछ मैच खेले हैं, लेकिन लाल गेंद के क्रिकेट में उनका अनुभव बेहद कम है। यदि पाकिस्तानी क्रिकेट खेमे में विवाद और खिलाड़ियों की वापसी जैसी परिस्थितियां उत्पन्न नहीं होतीं, तो शायद उन्हें एजबेस्टन बुलाकर टेस्ट कैप सौंपने का अवसर कभी न मिलता।
महान गेंदबाजों की श्रेणी में चर्चा
जो रूट को आउट करने के बाद रजाउल्लाह का आत्मविश्वास और अधिक बढ़ गया और वह लगातार 140 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति से गेंदबाजी करते रहे। इसके बाद उन्होंने अपनी तेज बाउंसर से हैरी ब्रूक को भी जमीन पर गिराने के लिए मजबूर कर दिया। सलामी बल्लेबाज एमिलियो गे 60 रन बनाकर उनके दूसरे शिकार बने। रजाउल्लाह ने कुछ ही ओवरों में यह साबित कर दिया कि वह केवल स्विंग या सीम पर निर्भर रहने वाले गेंदबाज नहीं हैं, बल्कि देश के पुराने तेज गेंदबाजों की तरह गति ही उनकी असली ताकत है। सोशल मीडिया पर उनकी गेंदबाजी एक्शन और शारीरिक बनावट की तुलना महान पाकिस्तानी तेज गेंदबाज वकार युनिस से की जाने लगी है।

















