जयपुर में दिल दहला देने वाला एक मामला सामने आया है, जहां एक ही परिवार के चार लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। इस सनसनीखेज वारदात की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे उस काली रात की परतें खुलती जा रही हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में इस भीषण हत्याकांड के पीछे शेयर बाजार में हुआ बड़ा वित्तीय नुकसान और पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहा गृहक्लेश मुख्य वजहों के रूप में उभरकर सामने आ रहे हैं। हालांकि, जांच एजेंसियां अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी कड़ियों को बारीकी से खंगाल रही हैं। वारदात वाले घर के सेकंड फ्लोर पर संघर्ष के गंभीर निशान मिले हैं, जिससे यह साफ होता है कि मौत के घाट उतारे जाने से पहले वहां भारी हाथापाई हुई थी।
ईंटों से हमला और कमरे में संघर्ष के निशान
घर के ठीक सामने एक खाली जमीन है जहां निर्माण कार्य चल रहा था। वहां सीमेंट की भारी और मोटी ईंटें रखी हुई थीं। आरोपी राहुल वहां से दो मजबूत ईंटें उठाकर अपने घर के भीतर लाया था। पुलिस को आशंका है कि इन भारी ईंटों का इस्तेमाल ही परिवार के चारों सदस्यों के सिर पर जानलेवा वार करने के लिए किया गया था। वारदात की जगह यानी दूसरी मंजिल पर बने राहुल और उसकी पत्नी गीता के कमरे की हालत देखकर साफ पता चलता है कि दोनों के बीच जमकर मारपीट हुई थी। संघर्ष के ये निशान चीख-चीखकर बयां कर रहे हैं कि गीता ने खुद को बचाने की हरसंभव कोशिश की होगी, लेकिन राहुल ने गुस्से में आकर उसके सिर पर ईंट या किसी भारी पत्थर से वार कर दिया जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद, आरोपी नीचे ग्राउंड फ्लोर पर गया और वहां अलग-अलग कमरों में सो रही अपनी तीनों मासूम बेटियों पर एक-एक करके हमला किया।
गुजरात का वह आखिरी फोन कॉल
इस खौफनाक वारदात के सामने आने के बाद जो सबसे महत्वपूर्ण सुराग पुलिस के हाथ लगा है, वह है गीता के मोबाइल फोन का कॉल रिकॉर्ड। पुलिस जांच में यह बात उजागर हुई है कि घटना वाली रात को करीब डेढ़ बजे गीता ने गुजरात में रहने वाले अपने पीहर यानी मायके के लोगों से फोन पर बात की थी। यह आखिरी बातचीत अब इस पूरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने का सबसे बड़ा जरिया बन चुकी है। जांच दल अब गीता के पीहर वालों से संपर्क साधकर यह जानने की कोशिश कर रहा है कि उस रात आखिर दोनों पक्षों के बीच क्या बातचीत हुई थी। पुलिस के सामने बड़ा सवाल यह है कि क्या गीता ने विवाद शुरू होने से पहले घबराकर मदद के लिए फोन किया था, या फिर झगड़ा शुरू होने के बाद उसने अपनी जान को खतरा महसूस करते हुए अपने परिवार को इसके बारे में सूचित किया था।
हत्या के बाद का ठंडा दिमाग और असामान्य व्यवहार
इस पूरी घटना में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात आरोपी का वारदात के बाद का व्यवहार है। चार लोगों की बेरहमी से हत्या करने के बाद भी आरोपी के चेहरे पर कोई शिकन या घबराहट नहीं थी। पुलिस जांच के अनुसार, हत्याकांड को अंजाम देने के बाद राहुल ने सबसे पहले अपने खून से सने कपड़े बदले। इसके बाद वह सुबह होने का इंतजार करता रहा। सुबह करीब सात बजे जब दूधवाला आया, तो राहुल ने उससे रोजाना की तरह दूध लिया। इसके बाद उसने रसोई में जाकर अपने बुजुर्ग पिता लक्ष्मीनाथ झा के लिए बेहद सामान्य तरीके से चाय बनाई और उन्हें पिलाई। चाय पिलाने के बाद, राहुल अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़कर चुपचाप वहां से रफूचक्कर हो गया। यह पूरी टाइमलाइन पुलिस को हैरान कर रही है कि कोई व्यक्ति इतने बड़े अपराध के बाद इतना शांत कैसे रह सकता है।
बुजुर्ग पिता ने देखा रूह कंपा देने वाला मंजर
सुबह के समय जब काफी देर हो गई और लगभग नौ बज गए, तब भी बहू गीता और तीनों पोतियां अपने कमरों से बाहर नहीं आईं। रोज सुबह जल्दी उठने वाली बहू और बच्चों के न जागने पर बुजुर्ग पिता लक्ष्मीनाथ झा को कुछ अजीब लगा। वे उन्हें आवाज देते हुए घर के भीतर और कमरों की तरफ गए। जब उन्होंने कमरों का दरवाजा खोला, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। चारों तरफ खून फैला हुआ था और उनकी बहू व तीनों पोतियां खून से लथपथ हालत में मृत पड़ी थीं। इस खौफनाक मंजर को देखकर बुजुर्ग पिता बदहवास हो गए और उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस को इस सामूहिक हत्याकांड की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस की आला अधिकारी और फॉरेंसिक टीमें मौके पर पहुंचीं और पूरे घर को सील कर जांच शुरू कर दी।
पुलिस की गहन तलाश और परिवार का विवरण
घटनास्थल की सघन तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी राहुल का मोबाइल फोन घर से ही बरामद कर लिया है। इस समय राहुल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है और उसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। इसके साथ ही, पुलिस पड़ोसियों, रिश्तेदारों और अन्य करीबियों से पूछताछ कर राहुल के व्यवहार और उसकी आर्थिक स्थिति के बारे में जानकारी जुटा रही है। मृतका गीता के बारे में पड़ोसियों ने बताया कि वह अपने पैरों पर खड़ी थी और घर से ही एक छोटा ब्यूटी पार्लर चलाती थी ताकि परिवार की आमदनी में मदद हो सके। उनकी सबसे बड़ी बेटी नंदिनी एक प्राइवेट कॉलेज से बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी और पढ़ाई के साथ-साथ अपनी मां के ब्यूटी पार्लर के काम में हाथ भी बंटाती थी। दूसरी बेटी राधिका 12वीं कक्षा में पढ़ रही थी, जबकि सबसे छोटी बेटी गिरिशा अभी आठवीं कक्षा की छात्रा थी। इस हंसते-खेलते परिवार के इस तरह दर्दनाक अंत से पूरे इलाके में गहरा सन्नाटा और दहशत का माहौल है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या की सही वजहों और पूरी घटना की कड़ियों का पूरी तरह से खुलासा हो सकेगा।


















