सफर के लिए शानदार वाई-फाई 7 पॉकेट राउटर: घर पर कमजोर लेकिन यात्रा में बेहद दमदार है टीपी-लिंक रोम 7द ऑफिस की याद सताने पर जरूर देखें ये 6 बेहतरीन ऑफिस कॉमेडी फिल्में, मिलेगा भरपूर मनोरंजनअफगानिस्तान टी20 सीरीज से पहले टीम इंडिया की बढ़ी परेशानी, नेट प्रैक्टिस के दौरान चोटिल हुए ईशान किशननई दिल्ली में रूसी राष्ट्रपति का बिना प्रोटोकॉल वाला इशारा, अजित डोभाल से पुतिन की मुलाकात के क्या हैं कूटनीतिक मायने?राजनाथ सिंह ने स्वामी विवेकानंद के साल 1893 के ऐतिहासिक शिकागो भाषण को भारतीय सभ्यता का निर्णायक मोड़ बतायाब्रिक्स शिखर सम्मेलन में व्लादिमीर पुतिन और मसूद पेजेशकियान से मिले पीएम नरेंद्र मोदी, अब शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक पर टिकीं नजरेंगंगा के बढ़ते जलस्तर से भोजपुर के घांघर में गहराया चारे का संकट, भुखमरी की कगार पर पहुंचे मवेशीजापान सरकार के विरोध के बीच बैंक ऑफ जापान बढ़ाएगा ब्याज दरें, अप्रैल तक 1.75 प्रतिशत होने का अनुमानपॉलीमार्केट पर बड़ा संकट: अमेरिकी नियामकों ने सीक्रेट तौर पर शुरू की इनसाइडर ट्रेडिंग की तीन नई जांचेंसफर के लिए शानदार लेकिन बड़े मकानों के लिए कमजोर साबित होगा यह बेहद छोटा टीपी-लिंक Wi-Fi 6 ट्रैवल राउटर
क्रिकेट के अमर लीजेंड विल्फ्रेड रोड्स: 52 साल की उम्र तक खेला खेल, सचिन और विराट के रिकॉर्ड भी पड़े फीकेक्रिकेट
27 जुल॰ 2026, 5:19 pm (46 दिन पहले)· 0

क्रिकेट के अमर लीजेंड विल्फ्रेड रोड्स: 52 साल की उम्र तक खेला खेल, सचिन और विराट के रिकॉर्ड भी पड़े फीके

क्रिकेट इतिहास के सबसे लंबे करियर वाले खिलाड़ी विल्फ्रेड रोड्स ने 30 साल से ज्यादा समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला और 39000 से अधिक रन व 4000 से ज्यादा विकेट अपने नाम किए।

क्रिकेट की दुनिया में जहां आज के आधुनिक खिलाड़ी 10 से 15 साल खेलने के बाद ही थकान महसूस करने लगते हैं या संन्यास का रास्ता चुन लेते हैं, वहीं इतिहास के पन्नों में एक ऐसा खिलाड़ी भी दर्ज है जिसने तीन दशकों तक दुनिया के दिग्गज बल्लेबाजों और धारदार गेंदबाजों को अपनी कला से मात दी। वह सिर्फ एक आम क्रिकेटर नहीं थे, बल्कि खेल के मैदान पर लंबी उम्र, अटूट निरंतरता और दृढ़ संकल्प की एक जीवंत मिसाल थे। विल्फ्रेड रोड्स क्रिकेट इतिहास के एक ऐसे अद्वितीय स्तंभ हैं, जिनके रिकॉर्ड्स के आस-पास पहुंचना आज के दौर के सचिन तेंदुलकर या विराट कोहली जैसे महान खिलाड़ियों के लिए भी संभव नहीं दिखता है। साल 1899 में अपना पदार्पण करने से लेकर 1930 में अपने आखिरी मैच तक, विल्फ्रेड रोड्स का अंतरराष्ट्रीय करियर पूरे 30 साल और 315 दिनों तक लगातार चलता रहा।

प्रथम श्रेणी क्रिकेट के बेताज बादशाह

प्रथम श्रेणी क्रिकेट के इतिहास में विल्फ्रेड रोड्स के आंकड़े इतने विराट और विशाल हैं कि वे किसी अवास्तविक कहानी या परीकथा जैसे प्रतीत होते हैं। उन्होंने अपने पूरे जीवनकाल में कुल 1,110 प्रथम श्रेणी मैच खेले, जो एक ऐसा विश्व कीर्तिमान है जिसे वर्तमान युग में छूना भी पूरी तरह असंभव नजर आता है। अपने इस ऐतिहासिक और लंबे करियर के दौरान उन्होंने किसी एक मोर्चे पर नहीं, बल्कि अपने ऑलराउंड खेल से सबको हैरान किया। एक गेंदबाज के रूप में अपने सफर की शुरुआत करने के बाद मध्यक्रम और फिर पारी की शुरुआत यानी ओपनर के तौर पर इतने भारी-भरकम रन बनाना उनकी असाधारण प्रतिभा को दर्शाता है। वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट के इतिहास में 4,000 से अधिक विकेट लेने और 39,000 से ज्यादा रन बनाने वाले दुनिया के इकलौते और एकमात्र क्रिकेटर हैं।

ये भी पढ़ें

साल 1926 की एशेज और वह चमत्कारी वापसी

विल्फ्रेड रोड्स के पूरे खेल जीवन का सबसे स्वर्णिम और रोमांचक अध्याय साल 1926 में लिखा गया था। उस समय इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच पारंपरिक और बेहद प्रतिष्ठित एशेज सीरीज खेली जा रही थी। उस सीरीज के शुरुआती चार टेस्ट मैच लगातार ड्रॉ पर समाप्त हुए थे और सीरीज 0-0 की बराबरी पर टिकी हुई थी। द ओवल के मैदान पर खेला जाने वाला आखिरी और पांचवां मैच इस बात का फैसला करने वाला था कि श्रृंखला कौन जीतेगा। ऐसे में इंग्लैंड क्रिकेट टीम के चयनकर्ताओं ने एक बेहद चौंकाने वाला, असाधारण और साहसी कदम उठाया। उन्होंने 48 वर्ष की आयु पूरी कर चुके विल्फ्रेड रोड्स को अचानक टीम में वापस बुला लिया। दिलचस्प बात यह थी कि रोड्स ने तब अपना पिछला टेस्ट मुकाबला पूरे छह साल पहले यानी साल 1920 में खेला था। उस समय के तमाम क्रिकेट आलोचकों को यही लगा कि चयनकर्ताओं का यह फैसला पूरी तरह आत्मघाती साबित होगा, लेकिन विल्फ्रेड रोड्स ने मैदान पर उतरकर इतिहास का रुख ही मोड़ दिया। रोड्स ने न सिर्फ उस दबाव भरे मैच में हिस्सा लिया, बल्कि अपनी जादुई स्पिन गेंदबाजी के आगे ऑस्ट्रेलिया के मजबूत बल्लेबाजी क्रम की धज्जियां उड़ा दीं। उन्होंने उस मैच में कुल 6 विकेट अपने नाम किए, जिसमें पहली पारी में 2 और दूसरी पारी में 4 महत्वपूर्ण विकेट शामिल थे। उनकी इस घातक और धारदार गेंदबाजी का ही नतीजा था कि इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को करारी शिकस्त दी और प्रतिष्ठित एशेज ट्रॉफी पर अपना अधिकार जमा लिया। 48 साल की उम्र के एक बुजुर्ग खिलाड़ी ने अपनी टीम को वह ऐतिहासिक जीत दिलाई जिसे देश और दुनिया सदियों तक याद रखेगी।

आधुनिक दिग्गजों से क्यों आगे हैं विल्फ्रेड रोड्स

क्रिकेट की दुनिया में सचिन तेंदुलकर को उनकी महानता के कारण गॉड ऑफ क्रिकेट कहा जाता है, क्योंकि उनका अंतरराष्ट्रीय करियर लगभग 24 साल लंबा रहा था। वहीं दूसरी तरफ, विराट कोहली अपनी बेहतरीन फिटनेस और लगातार रन बनाने की अचूक भूख के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं, लेकिन इन सबके बावजूद विल्फ्रेड रोड्स का यह रिकॉर्ड इन दोनों आधुनिक युग के दिग्गजों के कद से भी कहीं ज्यादा बड़ा और भारी नजर आता है। तीन दशक से भी अधिक समय तक टेस्ट करियर को जिंदा रखना, 52 साल की उम्र तक शीर्ष स्तर का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना और कुल 1,110 मैच खेलना—ये ऐसी उपलब्धियां हैं जिन्हें आज के आधुनिक दौर में हासिल करने के लिए किसी भी खिलाड़ी को शायद कम से कम दो जन्म लेने पड़ जाएंगे। विल्फ्रेड रोड्स का पूरा जीवन और उनका संघर्ष यह बात साबित करता है कि उम्र महज एक संख्या भर है, बशर्ते आपके भीतर खेल के प्रति अटूट समर्पण, अनुशासन और कुछ कर दिखाने का जूनून हो। आप किसी भी उम्र में अपनी मेहनत के दम पर इतिहास रच सकते हैं। विल्फ्रेड रोड्स का यह नाम क्रिकेट के सुनहरे पन्नों पर हमेशा के लिए अमर हो चुका है, क्योंकि उनके द्वारा बनाए गए कई रिकॉर्ड समय की सभी सीमाओं को पार कर चुके हैं।

सवाल-जवाब

विल्फ्रेड रोड्स का अंतरराष्ट्रीय करियर कितने साल तक चला?
विल्फ्रेड रोड्स का अंतरराष्ट्रीय करियर पूरे 30 साल और 315 दिनों तक चला था।
विल्फ्रेड रोड्स ने कुल कितने प्रथम श्रेणी मैच खेले?
उन्होंने अपने पूरे करियर में कुल 1,110 प्रथम श्रेणी मैच खेले।
रोड्स ने किस वर्ष की एशेज सीरीज में ऐतिहासिक वापसी की थी?
उन्होंने 48 साल की उम्र में साल 1926 की एशेज सीरीज के निर्णायक मैच में वापसी की थी।
विल्फ्रेड रोड्स ने अपने करियर में कुल कितने रन और विकेट बनाए?
उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 39,000 से अधिक रन बनाए और 4,000 से ज्यादा विकेट झटके।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR