अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहराने की तैयारी कर रहे भारत के युवा पहलवानों के सामने अप्रत्याशित प्रशासनिक अड़चन खड़ी हो गई है। लास वेगास के मैट पर 12 से 18 अक्टूबर तक आयोजित होने वाली U23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व करने जा रहे 9 रेसलर्स के वीजा आवेदन नामंजूर कर दिए गए हैं। इस झटके का असर उन होनहार एथलीटों की तैयारियों पर पड़ा है जो महीनों से इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिए पसीना बहा रहे थे। आवेदन खारिज होने वालों में साल 2024 की U17 वर्ल्ड चैंपियन नेहा सांगवान का नाम भी शामिल है, जिससे खेल हलकों में गहरी निराशा है।
दूतावास के साक्षात्कार के बाद लौटाए गए पासपोर्ट
टूर्नामेंट में उतरने वाले दल के सदस्यों को 7 अक्टूबर के दिन नई दिल्ली में स्थित संयुक्त राज्य अमेरिका के दूतावास में औपचारिक साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। प्रक्रिया पूरी होने के बाद अधिकारियों ने 9 पहलवानों के आवेदन अस्वीकार करते हुए उनके पासपोर्ट वापस थमा दिए। दूतावास की तरफ से दिए गए स्पष्टीकरण में बताया गया कि आवेदकों की आयु 20 वर्ष से कम होना और उनके पास नियमित रोजगार का अभाव होना इस नामंजूरी की मुख्य वजह बना।
महासंघ ने पत्र लिखकर फैसले पर पुनर्विचार का आग्रह किया
इस अप्रत्याशित संकट के तुरंत बाद भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) हरकत में आया और उसने अमेरिकी दूतावास को औपचारिक पत्र भेजकर दखल देने का अनुरोध किया। महासंघ ने अपने पत्र में रेखांकित किया कि 7 अक्टूबर को कुल 24 प्रतिभागी साक्षात्कार में शामिल हुए थे, जिनमें 16 पहलवान थे। इनमें से 9 खिलाड़ियों के वीजा उनकी रोजगार स्थिति और 20 साल से कम उम्र के हवाले से खारिज किए गए।
महासंघ ने दूतावास के सामने तर्क रखा कि यह टूर्नामेंट विशेष रूप से अंडर-23 आयु वर्ग के लिए निर्धारित है, जिसमें स्वाभाविक तौर पर 18 से 23 वर्ष के युवा ही मैट पर उतरते हैं। खेल के शुरुआती पड़ाव में होने के कारण इन उभरते हुए एथलीटों के पास औपचारिक नौकरी होना संभव नहीं है, क्योंकि उनका पूरा ध्यान खेल प्रशिक्षण और करियर संवारने पर केंद्रित रहता है। महासंघ ने आग्रह किया कि खेल के संदर्भ को ध्यान में रखते हुए खारिज आवेदनों की तत्काल समीक्षा की जाए।
आगामी साक्षात्कारों को लेकर भी बढ़ी चिंता
डब्ल्यूएफआई की सूची के अनुसार जिन पहलवानों के आवेदन खारिज हुए हैं, उनमें नेहा सांगवान के अलावा समर्थ गजानन म्हाकवे, धीरज कुमार मलिक, सचिन कुमार, निखिल, हरदीप, परवीन, अहिल्या शत्रुघ्न शिंदे और नेहा शर्मा शामिल हैं। महासंघ ने पत्र में उन अन्य रेसलर्स के भविष्य को लेकर भी गंभीर चिंता जताई है जिनका साक्षात्कार 8 अक्टूबर को होना तय है। यदि उम्र और रोजगार के इसी मापदंड को आगे भी लागू रखा गया, तो चैंपियनशिप में भारत की पूरी टीम की भागीदारी पर संकट गहरा सकता है।


















