हिंदी सिनेमा के सुनहरे दौर की दिग्गज अभिनेत्रियां आशा पारेख, वहीदा रहमान और हेलन एक बार फिर साथ वक्त बिताती नजर आई हैं। इन दिनों तीनों कलाकार पहाड़ों की खूबसूरत वादियों में छुट्टियां मना रही हैं। बुधवार को इस खास यात्रा की एक खूबसूरत तस्वीर साझा की गई, जिसमें तीनों कलाकार बेहद गर्मजोशी और सुकून के साथ बैठी दिखाई दे रही हैं। इस तस्वीर को साझा करते हुए आशा पारेख ने अपनी भावनाएं जाहिर कीं और बताया कि अपने प्रिय दोस्तों के साथ पहाड़ों में वक्त बिताना और सफर करना हमेशा बेहद सुखद अहसास देता है।
फिल्म जगत में मिसाल बनी 'गोल्डन गर्ल्स' की तिगड़ी
सिनेमा जगत में अक्सर कलाकारों के बीच कड़े मुकाबले की चर्चा रहती है, लेकिन वहीदा रहमान, आशा पारेख और हेलन का बंधन इन सभी बातों से परे रहा है। फिल्म उद्योग में इस खास मंडली को 'गोल्डन गर्ल्स' के नाम से भी पहचाना जाता है। अपने दौर में शीर्ष पायदान पर रहने के बावजूद इन अभिनेत्रियों के निजी रिश्ते में कभी ईर्ष्या या प्रतिद्वंद्विता की भावना नहीं आई। उनका यह रिश्ता वर्षों से आपसी सम्मान, गहरे स्नेह और अटूट विश्वास की मजबूत नींव पर टिका हुआ है।
बिना किसी साझा फिल्म के भी गहराया रिश्ता
इस अटूट दोस्ती का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि अपने लंबे और बेहद सफल फिल्मी करियर के दौरान इन तीनों ने कभी किसी एक फिल्म में एक साथ काम नहीं किया। फिल्मों में साथ स्क्रीन शेयर न करने के बावजूद इनकी निजी जिंदगी हमेशा एक-दूसरे से जुड़ी रही। सजने-संवरने, कार्यक्रमों में शिरकत करने, शानदार डिनर पार्टी और साथ मिलकर विदेश यात्राओं पर जाने का शौक तीनों में हमेशा साझा रहा है। अक्सर इनकी मुलाकातों, डिनर और यात्राओं की तस्वीरें सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचती रही हैं।
मुश्किल दौर में बना एक-दूसरे का सहारा
यह रिश्ता सिर्फ अच्छी मुलाकातों या छुट्टियों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि जिंदगी के सबसे कठिन मोड़ों पर भी तीनों एक-दूसरे की ढाल बनीं। अपने जीवन के एक बेहद मुश्किल दौर में जब आशा पारेख अकेलेपन और गंभीर अवसाद का सामना कर रही थीं, तब वहीदा रहमान और हेलन लगातार उनके साथ खड़ी रहीं। दोनों सहेलियों ने उन्हें भावनात्मक संबल दिया और यह यकीन दिलाया कि वे इस संघर्ष में कतई अकेली नहीं हैं। आशा पारेख ने भी कई मौकों पर इस बात को याद किया है कि कैसे उनकी सहेलियों ने उस नाजुक वक्त में उन्हें संभाला था।
सायरा बानो और शम्मी आंटी भी रहीं इस समूह का हिस्सा
अभिनेत्रियों का यह आत्मीय समूह केवल इन तीन नामों तक ही सीमित नहीं रहा। इस करीबी महिला मित्र मंडली में सायरा बानो और शम्मी आंटी भी अहम रूप से शामिल रही हैं। जीवन के सुख और दुख के हर पड़ाव पर यह समूह एक-दूसरे की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा। करियर की चकाचौंध से दूर, एक-दूसरे के प्रति सच्ची निष्ठा और परस्पर सहयोग ही इस दोस्ती को दशकों बाद भी उतना ही जीवंत बनाए हुए है।



















