सार्वजनिक सेवा और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने देश भर में कई विशेष आयोजनों की शुरुआत की है। इसी कड़ी में बुधवार को देश की राजधानी दिल्ली स्थित आईजी इंडोर स्टेडियम से चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र की सेवा ज्योति यात्रा को विधिवत हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने यात्रा का शुभारंभ किया, जबकि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंच पर मौजूद रहकर कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा।
राष्ट्र प्रथम के संकल्प का प्रतीक बनी यात्रा
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह और पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अभियान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह सेवा ज्योति यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीते ढाई दशकों के सेवाभाव, राष्ट्र प्रथम की अडिग भावना और जनकल्याण की निरंतर साधना का सजीव प्रतीक है। उनके अनुसार, यह यात्रा विकसित भारत के निर्माण के साझा संकल्प को प्रत्येक नागरिक के भीतर और अधिक मजबूत करने का स्पष्ट संदेश देती है।
इस गरिमामय समारोह में दिल्ली भाजपा के प्रभारी विनय सहस्रबुद्धे, दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, कैबिनेट सहयोगी, सांसद, विधायक, पार्टी के प्रमुख पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में उत्साही कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने एक स्वर में प्रधानमंत्री के प्रशासनिक सफर और उनके जनहितकारी कार्यों की सराहना की।
140 करोड़ देशवासियों का भरोसा और समर्पण
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री के विजन और उनकी कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्हें अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और उस अटूट संकल्प पर गहरा गर्व है जिसमें हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा गया है। उन्होंने रेखांकित किया कि आज देश के 140 करोड़ नागरिकों का अटूट विश्वास, स्नेह और आशीर्वाद उनके साथ मजबूती से खड़ा है, क्योंकि जनता ने उनकी कठिन तपस्या, अनवरत परिश्रम और देश के प्रति संपूर्ण समर्पण को बेहद करीब से देखा है।
उन्होंने आगे कहा कि विकसित भारत का जो महान स्वप्न प्रधानमंत्री ने देखा है, वह अब केवल एक विचार नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का साझा राष्ट्रीय संकल्प बन चुका है। इस बड़े लक्ष्य को सिद्धि तक पहुंचाने के लिए सभी देशवासियों को एकजुट होकर, अपनी पूरी ऊर्जा, सामर्थ्य और निष्ठा के साथ आगे बढ़ना होगा ताकि एक सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र का निर्माण तय समय में पूरा किया जा सके।
गुजरात के मुख्यमंत्री से देश के प्रधानमंत्री तक का सफर
नरेंद्र मोदी के प्रशासनिक जीवन के इस ऐतिहासिक पड़ाव की पृष्ठभूमि काफी उल्लेखनीय रही है। उन्होंने 7 अक्टूबर 2001 को पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में संवैधानिक पद की शपथ ली थी। इसके बाद वे लगातार 13 वर्षों तक गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर आसीन रहे और राज्य के विकास का एक नया मॉडल प्रस्तुत किया। गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए ही वर्ष 2014 के आम चुनावों में उन्हें देश का नेतृत्व करने का जनादेश मिला और वे भारत के प्रधानमंत्री बने।
बीते 12 वर्षों से नरेंद्र मोदी लगातार देश के प्रधानमंत्री पद का दायित्व संभाल रहे हैं। इस 25 साल के लंबे कार्यकाल के दौरान उनके नेतृत्व में कई ऐतिहासिक और साहसिक नीतिगत निर्णय लिए गए। इनमें जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना, सख्त कानून बनाकर तीन तलाक जैसी सामाजिक कुप्रथा को समाप्त करना, अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण, पूरे देश में एकीकृत कर व्यवस्था के तहत GST कानून लागू करना, सीमा पार पाकिस्तान के खिलाफ प्रभावी सैन्य कार्रवाई और समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने वाली अनगिनत जनकल्याणकारी योजनाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं।
2047 तक विकसित भारत के लिए नया नारा
शासन और जनसेवा में 25 वर्ष पूरे होने के इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को एक नया प्रेरणादायी नारा और विजन दिया है। प्रधानमंत्री ने इस मौके पर वी विल डू इट का नया संकल्प सामने रखा है। इस नए नारे के तहत केंद्र सरकार का स्पष्ट लक्ष्य वर्ष 2047 तक देश को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाना, भारत को प्रत्येक क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और भारतीय अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाते हुए दुनिया की शीर्ष 3 अर्थव्यवस्थाओं में स्थापित करना है।



















