इंडियन प्रीमियर लीग के आगामी 2027 सत्र के लिए दिल्ली कैपिटल्स ने अपनी रणनीतिक रूपरेखा तैयार करना शुरू कर दिया है। फ्रेंचाइजी की कमान संभालने वाले मुख्य कोच सौरव गांगुली का मानना है कि ऋषभ पंत टीम के मध्यक्रम में सबसे प्रभावशाली साबित होंगे। लखनऊ सुपरजायंट्स से कुलदीप यादव के बदले हुए ट्रेड के जरिए अपनी पुरानी फ्रेंचाइजी में वापस लौटे इस विकेटकीपर बल्लेबाज से टीम प्रबंधन को काफी उम्मीदें हैं।
मिडिल ऑर्डर में पंत की भूमिका और कोटला का मैदान
फ्रेंचाइजी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर जारी चर्चा में सौरव गांगुली ने टीम संयोजन पर विस्तार से बात की। गांगुली ने कहा कि लाइनअप को बीच के ओवरों में एक मजबूत बल्लेबाज की दरकार थी और पंत उस जगह के लिए बिल्कुल सटीक बैठते हैं। उनके अनुसार, दिल्ली के मैदान पर खेलने का पिछला अनुभव और वहां का माहौल पंत को फिर से अपनी लय हासिल करने में मदद करेगा।
पंत का इतिहास दिल्ली के साथ काफी लंबा रहा है। 2025 में लखनऊ जाने से पहले उन्होंने दिल्ली की तरफ से कुल 111 मुकाबलों में 3,284 रन बनाए थे और नेतृत्व की जिम्मेदारी भी निभाई थी। हालांकि लखनऊ के साथ बीता दौर उनके लिए उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। 2022 के भीषण सड़क हादसे के बाद से वे लगातार फिटनेस समस्याओं और फॉर्म की तलाश से जूझ रहे हैं, लेकिन अरुण जेटली स्टेडियम (फिरोजशाह कोटला) के घरेलू मैदान पर उनकी वापसी से नए आत्मविश्वास की उम्मीद की जा रही है।
कोचिंग की नई भूमिका और गांगुली की कार्यशैली
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष और बंगाल क्रिकेट संघ के प्रमुख रह चुके गांगुली के लिए भी यह एक नई शुरुआत की तरह है। दिल्ली कैपिटल्स के साथ उनका संपर्क 2019 में बतौर सलाहकार शुरू हुआ था। इसके अलावा उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में प्रिटोरिया कैपिटल्स के साथ भी कोचिंग का जिम्मा संभाला था।
कोचिंग की बारीकियों को रेखांकित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि यह काम एक सक्रिय क्रिकेटर के तौर पर मैदान पर उतरने से काफी अलग होता है। गांगुली ने कहा,
"यह खिलाड़ी की तरह नहीं है, आपको शांत रहने और चीजों को समझने की जरूरत है।"उनका मानना है कि एक मार्गदर्शक का काम अलग-अलग मिजाज वाले खिलाड़ियों को समझना, उनके साथ तालमेल बिठाना और उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निकलवाना होता है।
प्लेऑफ की दौड़ और टीम की ताकत
बीते संस्करण में छठे पायदान पर सिमटने वाली दिल्ली कैपिटल्स का मुख्य लक्ष्य अब नॉकआउट चरण में जगह पक्की करना है। लीग के इतिहास में टीम केवल एक बार, साल 2020 में, खिताबी मुकाबले तक पहुंच पाई थी। 2019 और 2020 के दौर में जब टीम ने शानदार प्रदर्शन किया था, तब गांगुली टीम निर्माण का हिस्सा थे, जिसके बाद वे प्रशासनिक जिम्मेदारियों के तहत बीसीसीआई अध्यक्ष पद पर चले गए थे।
वर्तमान स्क्वॉड में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। दल में केएल राहुल, अक्षर पटेल, ऋषभ पंत, मिशेल स्टार्क, लुंगी एनगिडी, डेविड मिलर और ट्रिस्टन स्टब्स जैसे अनुभवी और आक्रामक नाम मौजूद हैं। गांगुली का कहना है कि अगर सभी खिलाड़ी अपनी पूरी क्षमता और निडरता के साथ मैदान में उतरते हैं, तो टीम को शीर्ष पर पहुंचने से रोकना मुश्किल होगा। ड्रेसिंग रूम में मौजूद इस विविधता और अनुभव को एकजुट कर मैदान पर उतारना ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।



















