भारतीय घरेलू क्रिकेट के मंच पर कुछ ऐसे खिलाड़ी लंबे समय से लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, जो चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचने में संघर्ष करते नजर आ रहे हैं। इन क्रिकेटरों के दमदार आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि इन्हें विशेष तौर पर टेस्ट फॉर्मेट में मौका मिलना चाहिए और टी20 से आने वाले खिलाड़ियों के मुकाबले इन्हें प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
अभिमन्यु ईश्वरन का लंबा इंतजार
फर्स्ट-क्लास क्रिकेट के 114 मुकाबलों में 47 की औसत के साथ 8,396 रन बना चुके अभिमन्यु ईश्वरन भारतीय ड्रेसिंग रूम का हिस्सा तो बन चुके हैं, लेकिन पिछले तीन साल से अपनी प्लेइंग इलेवन में जगह मिलने का इंतजार कर रहे हैं। भारी अनुभव और मजबूत रिकॉर्ड होने के बावजूद अभिमन्यु को मैदान पर देश की जर्सी पहनने का पूरा मौका नहीं मिल सका है। इस फॉर्मेट में वह 27 शतक और 36 अर्धशतक अपने नाम कर चुके हैं। साल 2013 में अपना फर्स्ट-क्लास डेब्यू करने वाले अभिमन्यु की उम्र अब 30 साल हो चुकी है और वह लगातार अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
धर्मेंद्रसिंह जडेजा की गेंदबाजी का जलवा
कुल 100 फर्स्ट-क्लास मैचों में 423 विकेट चटकाने वाले धर्मेंद्रसिंह जडेजा ने अपनी फिरकी या गेंदबाजी से खासा प्रभावित किया है। इसके अलावा लिस्ट-ए क्रिकेट में 121 और टी20 मुकाबलों में 65 विकेट उनके नाम दर्ज हैं। साल 2013 में फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में कदम रखने वाले धर्मेंद्रसिंह पिछले 13 वर्षों से भारतीय टेस्ट टीम में चुने जाने की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन अब तक उन्हें यह बड़ा अवसर नहीं मिल पाया है।
शाहबाज अहमद का ऑलराउंड प्रदर्शन
भारत के लिए 3 वनडे और 2 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके शाहबाज अहमद लंबे समय से टेस्ट टीम में जगह बनाने की उम्मीद में हैं। शाहबाज बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों मोर्चों पर टीम के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं। कुल 43 फर्स्ट-क्लास मैचों में वह 146 विकेट अपने नाम कर चुके हैं, जबकि बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 2,493 रन बनाए हैं। दलीप ट्रॉफी 2026 में भी शाहबाज अपने खेल से सभी का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करने में जुटे हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीमित प्रारूप खेलने के बावजूद टेस्ट टीम का दरवाजा उनके लिए अब तक नहीं खुला है।
सरफराज खान की संघर्षपूर्ण राह
सरफराज खान भारतीय टीम के लिए टेस्ट डेब्यू कर चुके हैं, लेकिन साल 2024 में पदार्पण के बाद पिछले दो वर्षों में उन्हें केवल 6 टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला है। जिन मुकाबलों में उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया, उनमें भी उनका बल्लेबाजी क्रम लगभग हर पारी में बदला गया। फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में 64 की बेहतरीन औसत से रन बनाने वाले सरफराज ने अपनी फिटनेस पर काफी काम किया है और वजन भी घटाया है, फिर भी उन्हें उनकी काबिलियत के अनुसार पर्याप्त और लगातार मौके नहीं मिल सके हैं।
घरेलू क्रिकेट में मुंबई के स्टार ऑलराउंडर के रूप में पहचाने जाने वाले शम्स मुलानी किसी भी मैच का पासा पलटने का हुनर रखते हैं। कुल 59 फर्स्ट-क्लास मैचों में मुलानी 269 विकेट ले चुके हैं और बल्लेबाजी में 2,577 रन बना चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 1 शतक और 22 अर्धशतक भी जड़े हैं। रणजी ट्रॉफी 2025-26 के दौरान उन्होंने 7 मैचों में कुल 30 विकेट झटके थे। घरेलू स्तर पर ऐसा निरंतर प्रदर्शन करने के बावजूद वह चयनकर्ताओं का भरोसा पूरी तरह जीतने में अब तक नाकाम रहे हैं।



















