श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज के समापन के ठीक 48 घंटे के भीतर भारतीय क्रिकेट टीम के शीर्ष केंद्रीय अनुबंधित खिलाड़ी शनिवार को बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में नए घरेलू सत्र की शुरुआत से पहले फिटनेस मूल्यांकन के लिए पहुंचे। आने वाले आठ महीनों तक चलने वाले बेहद व्यस्त क्रिकेट कैलेंडर को ध्यान में रखते हुए टीम के कई प्रमुख और नियमित खिलाड़ियों ने लगातार तीन दिनों तक मैदान पर कड़ी मेहनत की और फिटनेस मानकों की कड़ी परीक्षा से गुजरे।
कौन-कौन से खिलाड़ी हुए शामिल
बेंगलुरु स्थित इस विशेष कैंप में भारतीय क्रिकेट के कई बड़े चेहरे पसीना बहाते नजर आए। इस फिटनेस प्रक्रिया में अनुभवी ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा, विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत और सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने हिस्सा लिया। इसके अलावा टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर, सीमित ओवरों के विशेषज्ञ रिंकू सिंह, संजू सैमसन और चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान रुतुराज गायकवाड़ जैसे खिलाड़ी भी इस अनिवार्य जांच का हिस्सा बने। यह पूरा क्रिकेट सत्र वर्ष 2027 में होने वाली इंडियन प्रीमियर लीग तक लगातार जारी रहेगा, जिसके चलते बोर्ड ने खिलाड़ियों की शारीरिक दक्षता पर यह विशेष जोर दिया है।
क्या-क्या हुए फिटनेस टेस्ट
इस अनिवार्य फिटनेस मूल्यांकन के दौरान खिलाड़ियों को कई कठिन चरणों से गुजरना पड़ा। इसमें ब्रोंको टेस्ट, दो किलोमीटर की दौड़, प्रसिद्ध यो-यो टेस्ट और क्रिकेट की विशिष्ट ड्रिल्स शामिल थीं, जैसे कि विकेटों के बीच तेजी से दौड़ना। ब्रोंको टेस्ट की प्रक्रिया काफी चुनौतीपूर्ण होती है, जिसमें शुरुआती बिंदु यानी शून्य मीटर के अलावा 20 मीटर, 40 मीटर और 60 मीटर की दूरी पर कोन लगाए जाते हैं। इसमें खिलाड़ियों को बिना रुके पांच सेट में शून्य से 20 मीटर तक जाकर वापस आना होता है, और फिर इसी तरह 40 मीटर तथा 60 मीटर की दूरी तय करनी होती है। इस पूरे ब्रोंको टेस्ट के तहत खिलाड़ियों को कुल 1200 मीटर की दूरी पांच मिनट और 30 सेकंड के भीतर पूरी करनी होती है। वहीं, यो-यो टेस्ट का मानक काफी समय से 16.5 पर तय किया गया है, जबकि दो किलोमीटर यानी 2000 मीटर की दौड़ को पूरा करने के लिए 10 मिनट का समय सीमा निर्धारित की गई है।
किसे मिली छूट और कौन है प्रक्रिया में
सभी खिलाड़ियों को एक साथ इस परीक्षण से नहीं गुजरना पड़ा है। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह, ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या और नीतिश कुमार रेड्डी पूरी तरह से फिट घोषित किए जाने के बाद ही इन फिटनेस परीक्षणों में भाग लेंगे, क्योंकि ये खिलाड़ी फिलहाल अपनी चोट से उबरने के लिए रिहैब प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। इसके अलावा तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा को भी इस जांच से फिलहाल छूट दी गई है, क्योंकि उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ खेली गई श्रृंखला के दोनों टेस्ट मैचों में लगातार काफी गेंदबाजी की थी और उनका कार्यभार प्रबंधन जरूरी था। दूसरी ओर, इंग्लैंड दौरे के दौरान मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या का सामना करने वाले प्रिंस यादव अब पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं और चयन के लिए पूरी तरह उपलब्ध हैं।
अगला व्यस्त घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सत्र
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का घरेलू सत्र हर साल सितंबर के महीने से शुरू होता है। इस बार इसकी शुरुआत नई दिल्ली में अफगानिस्तान के खिलाफ खेली जाने वाली तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज से होगी। इसके तुरंत बाद टी20 टीम एशियाई खेलों में भाग लेने के लिए जापान रवाना होगी, जबकि उसी समय सीमित ओवरों के स्पेशलिस्ट खिलाड़ियों की एक अन्य टीम घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज खेलेगी। इसके अतिरिक्त, सितंबर के अंतिम सप्ताह से लेकर अक्टूबर के दूसरे सप्ताह तक पुडुचेरी में भारत ए और ऑस्ट्रेलिया ए के बीच रोमांचक सीरीज का आयोजन भी किया जाना है।



















