घरेलू क्रिकेट सत्र का प्रतिष्ठित टूर्नामेंट दलीप ट्रॉफी 2026 अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। बेंगलुरु में खेले गए दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में नॉर्थ जोन पर धमाकेदार जीत दर्ज करने के साथ ही साउथ जोन ने लगातार दूसरी बार और इतिहास में 24वीं बार दलीप ट्रॉफी के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। अब 6 सितंबर से चेन्नई के ऐतिहासिक एमए चिदंबरम स्टेडियम में खिताबी जंग शुरू होगी, जहां साउथ जोन का सामना ईस्ट जोन से होगा। इस खिताबी मुकाबले में भारतीय क्रिकेट के दो अलग-अलग पीढ़ियों के प्रतिभाशाली खिलाड़ी आमने-सामने होंगे। एक ओर साउथ जोन की कमान संभाल रहे टीम इंडिया के प्रतिभाशाली मध्यक्रम बल्लेबाज तिलक वर्मा होंगे, तो दूसरी ओर ईस्ट जोन के पास ईशान किशन और महज 15 वर्ष की उम्र में सनसनी मचाने वाले युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का आक्रामक कॉम्बिनेशन होगा।
नॉर्थ जोन को हराकर साउथ जोन ने बनाई फाइनल में जगह
साउथ जोन के फाइनल तक के सफर की पटकथा बेंगलुरु में खेले गए सेमीफाइनल मैच में ही लिख दी गई थी। मुकाबले में टॉस और परिस्थितियों के अनुकूल गेंदबाजी करते हुए साउथ जोन ने नॉर्थ जोन की पहली पारी को महज 195 रनों पर समेट दिया था। इसके जवाब में साउथ जोन ने अपनी पहली पारी में 312 रन बनाकर 117 रनों की मजबूत और निर्णायक बढ़त हासिल कर ली। नॉर्थ जोन की टीम ने दूसरी पारी में वापसी की कोशिश की, जिसमें यूपी के बल्लेबाज सनत सांगवान ने 76 रन और दिल्ली के आयुष डोसेजा ने 52 रन का योगदान दिया। इन दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 104 रनों की शतकीय साझेदारी भी हुई। हालांकि, साउथ जोन के तेज गेंदबाज कावरेप्पा और निधीश की धारदार गेंदबाजी के सामने नॉर्थ जोन की पूरी टीम दूसरी पारी में 297 रनों पर सिमट गई।
कप्तान तिलक वर्मा का ऑलराउंड प्रदर्शन और खिताबी चुनौती
जीत के लिए मिले 180 रनों के आसान लक्ष्य का पीछा करने उतरी साउथ जोन की शुरुआत थोड़ी डगमगाई और उनके तीन विकेट जल्दी गिर गए। ऐसे नाजुक मोड़ पर कप्तान तिलक वर्मा ने एक बार फिर जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने पहली पारी में बनाए गए शानदार 116 रनों के शतक के बाद दूसरी पारी में भी नाबाद 51 रनों की जिम्मेदारी भरी अर्धशतकीय पारी खेली। उनका साथ निभाते हुए रविचंद्रन स्मरण ने नाबाद 32 रन बनाए और टीम को बिना किसी और नुकसान के जीत की मंजिल तक पहुंचा दिया। पिछली बार फाइनल में पहुंचकर सेंट्रल जोन से खिताब गंवाने वाली साउथ जोन इस बार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। हालांकि, फाइनल में तिलक वर्मा और उनकी टीम के सामने ईस्ट जोन का घातक गेंदबाजी आक्रमण होगा, जिसकी अगुवाई अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और मुकेश कुमार कर रहे हैं। मोहम्मद शमी ने सेमीफाइनल में पांच विकेट चटकाने के साथ-साथ एक अद्भुत लो-फ्लोर कैच पकड़कर सुर्खियां बटोरी थीं।
रेड बॉल फॉर्मेट में भी रंग जमा रहे 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी
दूसरी तरफ ईस्ट जोन की टीम की ताकत उनके युवा और निडर बल्लेबाजों में निहित है। सिर्फ 15 साल की उम्र में भारतीय क्रिकेट के नए पोस्टर बॉय बनकर उभरे वैभव सूर्यवंशी पर सभी क्रिकेट प्रेमियों की नजरें टिकी होंगी। आईपीएल में 200 से अधिक के स्ट्राइक रेट से गेंदबाजों की धुनाई करने वाले वैभव ने हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना पदार्पण किया था। इस दलीप ट्रॉफी सीजन में उन्होंने साबित कर दिया है कि वे केवल सीमित ओवरों के आक्रामक बल्लेबाज ही नहीं हैं, बल्कि रेड बॉल क्रिकेट की लंबी पारियों में भी उतनी ही समझदारी से बैटिंग कर सकते हैं। सेंट्रल जोन के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने विपरीत परिस्थितियों में पहली पारी में 81 गेंदों पर 92 रन बनाए, जबकि दूसरी पारी में महज 43 गेंदों में 40 रनों की तेजतर्रार पारी खेलकर ईस्ट जोन को खिताबी मुकाबले में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।



















