राजस्थान में आगामी नगर निकाय चुनाव 2026 को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अपना चुनावी रोडमैप प्रस्तुत कर दिया है। राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजधानी जयपुर में आयोजित एक समारोह के दौरान पार्टी के "नगरीय विकास संकल्प पत्र" का औपचारिक विमोचन किया। यह संकल्प पत्र प्रदेश के सभी 309 नगरीय निकायों के सर्वांगीण विकास को गति देने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। इसमें आने वाले पांच वर्षों के दौरान शहरी क्षेत्रों के इंफ्रास्ट्रक्चर, जनसुविधाओं, सुरक्षा और रोजगार से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कार्यों को शामिल किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शहरों के कायाकल्प के बिना किसी भी राज्य या देश का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है।
बुनियादी सुविधाओं के विकास पर सरकार का खास ध्यान
संकल्प पत्र को सार्वजनिक करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विकसित भारत का सपना देश के सुव्यवस्थित शहरों से होकर ही पूरा होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों को तेजी से आधुनिक बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी दृष्टिकोण के साथ पार्टी इस संकल्प पत्र के वादों को लेकर जनता के बीच जा रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार ने पूर्व में भी अपने वादों को धरातल पर उतार कर दिखाया है और आगे भी यही कार्यशैली जारी रहेगी।
आगामी पांच सालों के दौरान राज्य के शहरों में मूलभूत ढांचागत सुधारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इस घोषणापत्र में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं को शामिल किया गया है
- बिजली और पेयजल आपूर्ति: शहरों में निर्बाध बिजली सप्लाई और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता को और सुदृढ़ किया जाएगा।
- सड़क एवं चिकित्सा सुविधा: शहरी सड़कों का चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण करने के साथ ही स्थानीय चिकित्सा सेवाओं और प्राथमिक शिक्षा के स्तर को उन्नत बनाया जाएगा।
- वैज्ञानिक कचरा निस्तारण: शहरी स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए कचरे के निस्तारण के लिए आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
- सीवरेज नेटवर्क का नवीनीकरण: पुरानी और जर्जर हो चुकी सीवरेज लाइनों को पूरी तरह बदलकर नई व्यवस्था लागू की जाएगी।
- ई-चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर: पर्यावरण प्रदूषण को रोकने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
सुरक्षा और हाई-टेक तकनीक: अभय कमांड सेंटर से जुड़ेगा AI
शहरी क्षेत्रों में नागरिक सुरक्षा और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाने के लिए नई तकनीकों के प्रयोग पर विशेष बल दिया गया है। संकल्प पत्र के अनुसार, राज्य में काम कर रहे अभय कमांड सेंटरों को अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI जैसी आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा। इससे शहरों में निगरानी प्रणाली अधिक सशक्त होगी और अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी। इसके अलावा, नगरीय निकायों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को तेजी से भरने का वादा भी किया गया है ताकि प्रशासनिक कार्य बिना किसी रुकावट के पूरे हो सकें।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिस्ट सेवाओं के विस्तार की योजना बनाई गई है। इससे आम नागरिकों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े महानगरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निकाय क्षेत्रों में हरित पट्टियों का विकास किया जाएगा। साथ ही, राजस्थान के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाले पर्यटन स्थलों के बुनियादी ढांचे को सुधार कर उन्हें विश्वस्तरीय पहचान दिलाने पर जोर दिया जाएगा।
यातायात सुधार और छोटे कारोबारियों के लिए विशेष योजनाएं
बढ़ती आबादी और शहरी यातायात के दबाव को कम करने के लिए संकल्प पत्र में विशेष यातायात योजनाओं का खाका खींचा गया है। राज्य के विभिन्न जिलों और संभाग मुख्यालयों पर रिंग रोड का निर्माण करने का प्रावधान किया गया है, जिससे भारी वाहनों को शहर के बाहर से निकाला जा सके और अंदरूनी हिस्सों में लगने वाले जाम से मुक्ति मिले। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को आधुनिक और सुलभ बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
शहर के छोटे कारोबारियों और दैनिक वेतनभोगियों का ध्यान रखते हुए छोटे वेंडर्स के लिए विशेष आर्थिक और सामाजिक योजनाएं तैयार की जाएंगी। सरकार का लक्ष्य है कि रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे व्यापारियों को आसान ऋण और सुरक्षित कार्यस्थल उपलब्ध कराया जाए ताकि उनका जीविकोपार्जन सुचारू रूप से चल सके। नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी और प्रशासनिक रूप से मजबूत बनाना इस संकल्प पत्र का मुख्य ध्येय है।
पिछले ढाई साल के प्रदर्शन का रिपोर्ट कार्ड: 78 प्रतिशत वादे पूरे
अपनी सरकार के ढाई साल के कार्यकाल का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बताया कि लगभग 32 महीने पहले जब राज्य में पार्टी की सरकार बनी थी, तब जनता के सामने रखे गए संकल्प पत्र के 78 फीसदी वादों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। सरकार की इस कार्यकुशलता से यह सिद्ध होता है कि पार्टी जो कहती है, उसे समय सीमा के भीतर पूरा करती है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि सरकार ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को विकास कार्यों के संचालन के लिए 28 करोड़ रुपये की राशि आवंटित करने का ऐतिहासिक काम किया है। ऊर्जा क्षेत्र में हुए सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राजस्थान अब ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और जल्द ही दूसरे राज्यों को भी बिजली आपूर्ति करने की स्थिति में होगा। आगामी पांच वर्षों में भी बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती प्रदान की जाएगी।
विपक्ष पर प्रहार: 'वन स्टेट वन इलेक्शन' और यमुना जल विवाद
संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्षी दल कांग्रेस पर भी जोरदार राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान निकाय और पंचायत चुनावों को जानबूझकर बार-बार टाला जाता था, जिससे न केवल विकास कार्य बाधित होते थे बल्कि जनता के करों का करोड़ों रुपया भी पानी की तरह बह जाता था। इस अव्यवस्था को समाप्त करने के लिए वर्तमान सरकार 'वन स्टेट वन इलेक्शन' का पारदर्शी ढांचा लेकर आई है, जिससे चुनाव कराने में लगने वाले समय और सरकारी धन दोनों की बचत हो रही है।
भजनलाल शर्मा ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान उन्होंने कांग्रेस से अपने पांच साल के कार्यकाल की तुलना में सरकार के दो साल का प्रगति पत्र मांगा था, लेकिन विपक्ष इस चुनौती का सामना करने से भाग गया। उन्होंने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण के आधार पर नीतियां बनाने तथा युवाओं के सपनों को चकनाचूर करने का आरोप लगाया। यमुना जल विवाद का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस दावा करती थी कि राजस्थान में यमुना का पानी लाना असंभव है, लेकिन वर्तमान सरकार की इच्छाशक्ति के कारण अब यमुना का पानी राजस्थान की धरा तक पहुंचने लगा है।





















