इंग्लैंड में चल रहे आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय महिला टीम अब उस दोराहे पर है, जहां एक भी गलती सफर खत्म कर सकती है। दक्षिण अफ्रीका के हाथों मिली हार ने हरमनप्रीत कौर की टीम के लिए हर आगामी मैच को करो या मरो में बदल दिया है। इसी दबाव के बीच बांग्लादेश के खिलाफ मैनचेस्टर में खेले जा रहे इस मस्ट-विन मुकाबले से पहले टीम मैनेजमेंट ने प्लेइंग इलेवन में दो बड़े और साहसिक फैसले लिए हैं।
पिछली हार से सीख लेते हुए थिंक टैंक ने तेज गेंदबाज अरुंधति रेड्डी और लेग स्पिनर प्रेमा रावत को बाहर कर दिया है। इनकी जगह नई गेंद की माहिर तेज गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर और अनुभवी स्पिन ऑलराउंडर राधा यादव की टीम में वापसी हुई है। ये बदलाव अचानक नहीं आए, बल्कि इनकी जमीन पिछले मैच में ही तैयार हो चुकी थी।
दक्षिण अफ्रीका से हार ने खड़े किए सवाल
ओल्ड ट्रैफर्ड की धीमी और मुश्किल पिच पर भारतीय बल्लेबाजों ने जूझते हुए 158/7 का स्कोर बनाया था। टी20 क्रिकेट में इस टोटल को सुरक्षित और मैच जिताने लायक माना जा रहा था, लेकिन मारिजान कैप के इरादे कुछ और थे। पहले उन्होंने गेंद से दो अहम विकेट झटके और फिर बल्ले से नाबाद 81 रनों की तूफानी पारी खेल डाली। उनकी इस पारी के दम पर दक्षिण अफ्रीका ने आखिरी ओवर में 6 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस नतीजे ने भारत की सेमीफाइनल की राह कठिन कर दी और गेंदबाजी आक्रमण पर बड़े सवाल खड़े कर दिए।
क्यों बाहर हुए अरुंधति और प्रेमा
इतने बड़े टूर्नामेंट में किसी भी खिलाड़ी को फॉर्म में लौटने के लिए लंबा वक्त नहीं मिलता, और यही वजह रही कि अरुंधति रेड्डी और प्रेमा रावत को जगह गंवानी पड़ी। अरुंधति को टी20 के लिहाज से बेहद वर्सेटाइल और स्वाभाविक रूप से फिट खिलाड़ी माना जाता है, लेकिन इस वर्ल्ड कप के पहले दो मैचों में, पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ, वह पूरी तरह बेअसर रहीं और एक भी विकेट नहीं ले सकीं।
प्रेमा रावत को इस टूर्नामेंट में चोटिल श्रेयंका पाटिल की देर से हुई रिप्लेसमेंट के रूप में शामिल किया गया था। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्हें मौका मिला, पर वह अपनी गेंदबाजी से छाप नहीं छोड़ सकीं और उन्हें बाहर बैठना पड़ा।
गलती के बावजूद राधा पर भरोसा
दिलचस्प बात यह है कि राधा यादव पिछले मैच में एक नकारात्मक वजह से सुर्खियों में रही थीं। जब मुकाबला भारत की ओर झुक रहा था, तभी उन्होंने डीप में मारिजान कैप का एक बेहद आसान और निर्णायक कैच छोड़ दिया, जो आखिरकार हार की बड़ी वजह बना। इसके बावजूद मैनेजमेंट ने उन पर भरोसा बरकरार रखा है। राधा को इस समय देश की सबसे बेहतरीन फील्डरों में गिना जाता है, इसलिए टीम को उम्मीद है कि वह उस चूक को पीछे छोड़कर अपनी पुरानी लय में लौटेंगी। उन्हें न सिर्फ मिडिल ओवरों में किफायती गेंदबाजी करनी होगी, बल्कि निचले क्रम में बल्ले से भी हाथ बंटाना होगा।
रेणुका से पावरप्ले में झटकों की उम्मीद
दूसरी ओर रेणुका सिंह ठाकुर से टीम को वही पुरानी उम्मीद है, जिसके लिए वह मशहूर हैं, पावरप्ले में स्विंग से विकेट निकालना। अगर वह अपने पहले स्पेल में बांग्लादेश के टॉप ऑर्डर को बिखेर देती हैं, तो विपक्षी टीम मैच में काफी पीछे चली जाएगी। हालांकि सच यह भी है कि वापसी कर रहीं इन दोनों खिलाड़ियों का हालिया फॉर्म कुछ खास नहीं रहा। ऐसे में अगर भारत को इस वर्ल्ड कप में आगे बढ़ना है, तो दोनों को आज अपना सर्वश्रेष्ठ देना ही होगा।
बांग्लादेश ने जीता टॉस
मैनचेस्टर के इस अहम मुकाबले में बांग्लादेश की कप्तान निगार सुल्ताना ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी और भारत को गेंदबाजी का न्योता दिया। अब भारतीय टीम को बांग्लादेश को कम स्कोर पर रोकना होगा, ताकि नेट रन रेट को भी सुधारा जा सके।
बांग्लादेश के खिलाफ भारत की प्लेइंग इलेवन
स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, यास्तिका भाटिया, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, राधा यादव, श्री चरणी, रेणुका सिंह ठाकुर और नंदनी शर्मा।













