भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच एक दिवसीय मैचों की श्रृंखला शुरू होने से ठीक पहले भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने मैचों की समय-सारणी पर अपनी असहमति खुलकर जाहिर की है। 4 नवंबर से शुरू होने वाले इस दौरे के शुरुआती एक दिवसीय मैच से पूर्व कप्तान ने स्पष्ट किया कि श्रृंखला का वर्तमान ढांचा खिलाड़ियों के कार्यभार प्रबंधन के लिहाज से पूरी तरह अनुकूल नहीं है। उनका मानना है कि यदि प्रारूपों का क्रम अलग तरीके से तय किया जाता, तो राष्ट्रीय टीम के लिए सभी प्रमुख खिलाड़ियों को एक दिवसीय मुकाबलों में उतारना कहीं अधिक आसान हो जाता।
प्रारूपों के क्रम को लेकर कप्तान का दृष्टिकोण
कप्तान शुभमन गिल के अनुसार, श्रृंखला का आगाज एक दिवसीय मुकाबलों से होने के बाद बीच में टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच कराए जाने चाहिए थे और सबसे अंत में टेस्ट श्रृंखला रखी जानी चाहिए थी। वर्तमान तय कार्यक्रम के अनुसार एक दिवसीय मैचों की समाप्ति के ठीक तुरंत बाद टेस्ट मैच खेले जाने हैं। इस स्थिति के कारण टेस्ट टीम के नियमित सदस्यों के लिए पांचों एक दिवसीय मैचों में लगातार मैदान पर उतरना शारीरिक रूप से संभव नहीं रह गया है। गिल ने कहा कि यदि यह उनके अधिकार क्षेत्र में होता, तो वह पूरी मजबूत और फिट टीम के साथ एक दिवसीय मुकाबलों में उतरना पसंद करते, लेकिन तुरंत बाद होने वाली टेस्ट श्रृंखला की वजह से ऐसा कर पाना मुमकिन नहीं होगा।
शेड्यूल मंजूरी और कप्तानी में फेरबदल
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट दौरों में मेजबान क्रिकेट बोर्ड मैचों का कार्यक्रम तैयार करता है, जिसे संबंधित मेहमान बोर्ड की सहमति के बाद ही अंतिम रूप दिया जाता है। इस दौरे के लिए न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड द्वारा तैयार की गई रूपरेखा को भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड ने अपनी औपचारिक स्वीकृति दी है। हालांकि, इस व्यवस्था का सीधा असर टीम संयोजन पर पड़ा है। शुभमन गिल पांच मैचों की इस एक दिवसीय श्रृंखला के शुरुआती तीन मैचों में कप्तानी की जिम्मेदारी निभाएंगे। इसके बाद वह टेस्ट श्रृंखला की विशेष तैयारियों में जुटने के लिए अंतिम दो एक दिवसीय मैचों से हट जाएंगे। गिल की गैरमौजूदगी में अंतिम दो एक दिवसीय मुकाबलों में टीम की कमान श्रेयस अय्यर संभालेंगे। साथ ही, टेस्ट टीम में चुने गए अन्य खिलाड़ी भी इन अंतिम दो वनडे मैचों में खेलते हुए नजर नहीं आएंगे।
आगामी वैश्विक टूर्नामेंटों की अहमियत
वर्तमान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सत्र में टीमों के लिए टेस्ट और एक दिवसीय दोनों प्रारूप अत्यधिक महत्वपूर्ण बने हुए हैं। आने वाले वर्ष में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के दो प्रमुख वैश्विक टूर्नामेंट आयोजित होने हैं। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का खिताबी मुकाबला अगले वर्ष जून के महीने में खेला जाना है, जबकि एक दिवसीय विश्व कप का आयोजन अगले साल अक्टूबर से नवंबर के दौरान निर्धारित है। ऑकलैंड में खेले जाने वाले पहले एक दिवसीय मैच से पूर्व बातचीत करते हुए गिल ने रेखांकित किया कि टीम प्रबंधन के लिए दोनों ही प्रारूप सर्वोच्च प्राथमिकता रखते हैं। इसी संतुलन को बनाए रखने के लिए प्रबंधन को खिलाड़ियों के कार्यभार का कड़ाई से ध्यान रखना पड़ रहा है।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की दौड़
कप्तान शुभमन गिल ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा अंक तालिका परिदृश्य को बेहद रोमांचक और चुनौतीपूर्ण करार दिया है। इस चैंपियनशिप के फाइनल में कौन सी दो टीमें आमने-सामने होंगी, यह अभी तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुआ है। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच समाप्त हुई टेस्ट श्रृंखला के नतीजों ने भारतीय टीम के लिए फाइनल में जगह बनाने की संभावनाओं को जीवित और मजबूत कर दिया है। गिल ने स्पष्ट किया कि यदि भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले दो टेस्ट मैचों में प्रभावी प्रदर्शन करती है और उसके उपरांत अपने घरेलू मैदानों पर ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध मजबूत खेल दिखाती है, तो टीम इंडिया के लिए लगातार विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह पक्की करने का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा।



















