भारतीय क्रिकेट टीम के प्रमुख ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या की राष्ट्रीय टीम में वापसी का रास्ता अब घरेलू क्रिकेट से होकर गुजरेगा। 4 अक्टूबर को न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले पहले वनडे मुकाबले से पूर्व शुभमन गिल ने टीम की रणनीतियों और चोटिल खिलाड़ियों की स्थिति पर बात करते हुए यह स्पष्ट किया कि हार्दिक पंड्या को भारतीय टीम की जर्सी दोबारा पहनने से पहले अपनी मैच फिटनेस साबित करनी होगी। 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप की दीर्घकालिक योजनाओं के मद्देनजर टीम प्रबंधन चाहता है कि यह स्टार खिलाड़ी पूरी तरह स्वस्थ होकर ही मैदान पर उतरे।
घरेलू टूर्नामेंट खेलकर देनी होगी फिटनेस की परीक्षा
शुभमन गिल के मुताबिक भारतीय टीम हार्दिक की वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रही है, क्योंकि उनके बाहर रहने से टीम संयोजन अपनी पूरी क्षमता से नहीं खेल पा रहा है। गिल ने उम्मीद जताई कि हार्दिक कुछ घरेलू क्रिकेट खेलेंगे और जल्द ही राष्ट्रीय टीम में लौटेंगे। इसका सीधा मतलब यह निकलता है कि पंड्या को नवंबर और दिसंबर में आयोजित होने वाली सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी या विजय हजारे ट्रॉफी में उतरकर खुद को साबित करना होगा। इंडियन प्रीमियर लीग यानी IPL के बाद से उन्होंने कोई प्रतिस्पर्धी मैच नहीं खेला है और मई से ही वे लगातार चोटों से जूझ रहे हैं। वर्तमान समय में वे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैबिलिटेशन से गुजर रहे हैं।
नई और पुरानी गेंद से गेंदबाजी और निचले क्रम में मजबूती
टीम में हार्दिक पंड्या के प्रभाव पर विस्तार से चर्चा करते हुए गिल ने कहा कि दुनिया में बहुत कम ऐसे क्रिकेटर हैं जिनके पास हार्दिक जैसा हुनर है। वे एक ऐसे ऑलराउंडर हैं जो नई और पुरानी दोनों गेंदों से धारदार गेंदबाजी करने में सक्षम हैं। बातचीत के दौरान यह बात भी सामने आई कि चोटों के मामले में हार्दिक काफी बदकिस्मत रहे हैं। भारतीय वनडे एकादश में वे नंबर 7 या नंबर 8 पर एक बेहद मजबूत विकल्प माने जाते हैं, जहां उनका प्राथमिक दायित्व पारी के अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाना और गेंदबाजी में अहम साझेदारियां तोड़ना होता है। 2027 वनडे वर्ल्ड कप के रोडमैप में उनके इस दोहरे कौशल को अपरिहार्य माना जा रहा है।
IPL 2026 से शुरू हुआ चोटों का अंतहीन सिलसिला
हार्दिक पंड्या की मौजूदा शारीरिक समस्याओं का क्रम IPL 2026 के दौरान शुरू हुआ था। उस समय पीठ में गंभीर ऐंठन के कारण वे मुंबई इंडियंस के लिए तीन मुकाबलों से बाहर रहे। टूर्नामेंट के अंतिम पड़ाव में उनकी वापसी जरूर हुई, लेकिन उनकी गेंदबाजी और बल्लेबाजी में वह पुरानी लय नजर नहीं आई। इसके बाद जून में जब वे BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैबिलिटेशन कर रहे थे, तब उनकी जांघ की मांसपेशियों यानी क्वाड्रिसेप्स में खिंचाव आ गया। इस नई परेशानी ने उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज से महरूम कर दिया।
शिन इंजरी बनी नई रुकावट, न्यूजीलैंड सीरीज से भी हुए बाहर
जांघ की चोट से पूरी तरह न उबर पाने के चलते हार्दिक इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भी मैदान पर नहीं उतर सके। स्थिति में थोड़ा सुधार होने पर सितंबर में उन्हें ऑस्ट्रेलिया A के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए चुना गया था। हालांकि मैच से पहले किए गए मेडिकल स्कैन में उनके दाहिने पैर के निचले हिस्से यानी शिन में चोट पाई गई। इस ताजा इंजरी के कारण वे अब न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली जाने वाली पांच मैचों की वनडे सीरीज और पांच मैचों की टी-20 सीरीज से भी पूरी तरह बाहर हो चुके हैं।



















