न्यूजीलैंड के अहम दौरे पर पांच मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला के लिए भारतीय टीम प्रबंधन ने एक अनोखी और रणनीतिक योजना तैयार की है। इस दौरे पर भारतीय टीम की अगुवाई एक नहीं बल्कि दो अलग-अलग खिलाड़ी करते हुए दिखाई देंगे। भारत की टेस्ट और वनडे टीम के पूर्णकालिक कप्तान शुभमन गिल पहले तीन मुकाबलों में कप्तानी का दायित्व संभालेंगे। इसके बाद वे अंतिम दो मैचों के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे, जिसके चलते मध्यक्रम के अनुभवी बल्लेबाज श्रेयस अय्यर को बाकी बचे दो मुकाबलों के लिए टीम की बागडोर सौंपी जाएगी। श्रेयस अय्यर इससे पहले भारतीय टीम के लिए 26 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में नेतृत्व कर चुके हैं, लेकिन एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टीम इंडिया की कप्तानी करने का यह उनका पहला अवसर होगा।
रोहित शर्मा और विराट कोहली की वापसी से मजबूत हुआ बल्लेबाजी क्रम
इस एकदिवसीय दल में सबसे बड़ा आकर्षण भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली का शामिल होना है। दोनों ही अनुभवी खिलाड़ी अब टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट से अलग हो चुके हैं, जिसके कारण 50 ओवरों का फॉर्मेट ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी मुख्य प्राथमिकता बन चुका है। न्यूजीलैंड की चुनौतीपूर्ण पिचों और परिस्थितियों में इन दोनों वरिष्ठ खिलाड़ियों की मौजूदगी भारतीय बल्लेबाजी को अभूतपूर्व गहराई, स्थिरता और आक्रामकता प्रदान करेगी। शीर्ष क्रम में रोहित का अनुभव और विराट की पारी संवारने की कला विरोधी गेंदबाजों के लिए कड़ी चुनौती पेश करेगी।
19 सदस्यीय विशाल दल और कार्यभार प्रबंधन का खाका
चयनकर्ताओं ने इस दौरे की जटिलताओं और खिलाड़ियों के कार्यभार को ध्यान में रखते हुए 19 सदस्यीय व्यापक दल की घोषणा की है। इस दल की संरचना बेहद लचीली रखी गई है ताकि जरूरत के अनुसार सर्वश्रेष्ठ एकादश मैदान पर उतारी जा सके। पूरे 19 खिलाड़ियों में से केवल 12 खिलाड़ी ऐसे हैं जो पूरी पांच मैचों की सीरीज के दौरान टीम के साथ बने रहेंगे। बाकी सात खिलाड़ियों की उपलब्धता मैचों के चरणों के हिसाब से तय की गई है। इस रणनीति से न केवल प्रमुख खिलाड़ियों को पर्याप्त आराम मिलेगा, बल्कि नए चेहरों और बेंच स्ट्रेंथ की क्षमता को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परखा जा सकेगा।
शुरुआती तीन मुकाबलों का संयोजन और विकेटकीपिंग विकल्प
श्रृंखला के पहले हिस्से यानी शुरुआती तीन एकदिवसीय मैचों के लिए भारत ने बेहद संतुलित और मजबूत दल चुना है। कप्तान शुभमन गिल के साथ रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज शीर्ष क्रम की जिम्मेदारी संभालेंगे। इस चरण में विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में केएल राहुल को खास तौर पर टीम में शामिल किया गया है। उनके साथ ईशान किशन भी दूसरे विकेटकीपर बल्लेबाज के विकल्प के तौर पर मौजूद रहेंगे। दो सक्षम विकेटकीपर बल्लेबाजों के होने से भारतीय मध्यक्रम को लचीलापन और मजबूती दोनों हासिल होंगे, जिससे परिस्थितियों के अनुसार सही संतुलन बनाया जा सकेगा।
अंतिम दो मुकाबलों में युवाओं को मौका और अय्यर की कप्तानी
जब यह श्रृंखला अपने अंतिम चरण यानी चौथे और पांचवें मुकाबले में पहुंचेगी, तब टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में होगी। इस चरण में भारतीय टीम में कई बदलाव देखने को मिलेंगे, जहां नए और प्रतिभाशाली युवाओं को मौका दिया जाएगा। तिलक वर्मा, विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार कुशाग्र और तेज गेंदबाज यश ठाकुर को विशेष तौर पर केवल अंतिम दो मुकाबलों के लिए दल में चुना गया है। न्यूजीलैंड जैसी मजबूत और अनुशासित टीम के खिलाफ दबाव की परिस्थितियों में इन युवा खिलाड़ियों के पास अपनी प्रतिभा साबित करने और राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान खींचने का बेहतरीन मौका रहेगा।
नितिश कुमार रेड्डी और आकिब नबी को लेकर विशेष रणनीति
इस चयन प्रक्रिया में ऑलराउंडर नितिश कुमार रेड्डी की भूमिका भी काफी विशिष्ट रखी गई है। नितिश कुमार रेड्डी इस 19 सदस्यीय दल में इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं जो सिर्फ पहले एकदिवसीय मैच के लिए उपलब्ध रहेंगे। पहला मैच खेलने के तुरंत बाद वे भारत ए दल से जुड़ जाएंगे, जहां वे न्यूजीलैंड ए के खिलाफ चार दिवसीय अनौपचारिक टेस्ट मैच खेलेंगे। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि वे आगामी टेस्ट सीरीज के मद्देनजर लाल गेंद से खेलने का जरूरी अभ्यास कर सकें। वहीं तेज गेंदबाजी विभाग में आकिब नबी को शुरुआत में केवल अंतिम दो मैचों के लिए चुना गया था, लेकिन तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा के चोटिल होने के कारण आकिब नबी को शुरुआती तीन मैचों के दल में भी शामिल कर लिया गया है।
तेज गेंदबाजी आक्रमण में नए चेहरे और सिराज की वापसी
टी20 श्रृंखला के मुकाबले एकदिवसीय दल के तेज गेंदबाजी विभाग में अहम बदलाव किए गए हैं। तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज और युवा गुरनूर बराड़ को इस वनडे दल में जगह दी गई है, जबकि ये दोनों खिलाड़ी टी20 दल में शामिल नहीं थे। सिराज के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई और पुरानी गेंद से गेंदबाजी करने का व्यापक अनुभव है, जो कीवी बल्लेबाजों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। वहीं गुरनूर बराड़ और अंशुल कंबोज जैसे गेंदबाजों को शामिल करके तेज आक्रमण को अतिरिक्त गति और विविधता दी गई है, जिससे भारतीय तेज गेंदबाजी काफी घातक नजर आ रही है।
टी20 दल से बाहर हुए आठ खिलाड़ी वतन लौटेंगे
प्रारूप के बदलाव के साथ चयनकर्ताओं ने कई कड़े फैसले भी लिए हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ हाल ही में संपन्न हुई टी20 सीरीज का हिस्सा रहे आठ खिलाड़ियों को वनडे दल में जगह नहीं मिली है और वे भारत वापस लौट रहे हैं। जिन आठ खिलाड़ियों को बाहर रखा गया है उनमें सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, युवा वैभव सूर्यवंशी, प्रिंस यादव, अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार, ऑलराउंडर शिवम दुबे, स्पिनर वरुण चक्रवर्ती और तेज गेंदबाज मयंक यादव शामिल हैं। 50 ओवर के प्रारूप की रणनीतिक मांगों को देखते हुए चयनकर्ताओं ने इन खिलाड़ियों की जगह अन्य विशेषज्ञों को तरजीह दी है।
दोनों प्रारूपों में बरकरार रहने वाले सात अहम खिलाड़ी
इन तमाम फेरबदल के बीच चयनकर्ताओं ने एक मजबूत कोर ग्रुप पर भरोसा बनाए रखा है। 19 खिलाड़ियों के इस वनडे दल में सात खिलाड़ी ऐसे हैं जो टी20 सीरीज का हिस्सा भी थे और अब वनडे में भी खेलेंगे। इनमें श्रेयस अय्यर, विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन, स्टार ऑलराउंडर अक्षर पटेल, नमन धीर, बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह, कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव और पहले मैच के लिए उपलब्ध ऑलराउंडर नितिश कुमार रेड्डी शामिल हैं। यह सात खिलाड़ी दोनों प्रारूपों के बीच निरंतरता और टीम के संतुलन को बनाए रखने में सबसे अहम भूमिका निभाएंगे।



















