भारतीय क्रिकेट टीम का न्यूजीलैंड दौरा एक बेहद रोमांचक मोड़ पर आ खड़ा हुआ है, जहां दोनों टीमों के बीच पांच मुकाबलों की द्विपक्षीय एकदिवसीय श्रृंखला 4 नवंबर 2026 से शुरू होने जा रही है। आधुनिक क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली बल्लेबाजों में शुमार विराट कोहली के करियर के लिहाज से यह दौरा बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि भौगोलिक परिस्थितियों और उम्र के पड़ाव को देखते हुए कीवी धरती पर यह उनकी आखिरी द्विपक्षीय वनडे सीरीज साबित हो सकती है। 2027 में होने वाले पचास ओवरों के आईसीसी विश्व कप में अब एक वर्ष से भी कम का वक्त बाकी रह गया है। ऐसे अहम मोड़ पर इस श्रृंखला को पूर्व भारतीय कप्तान के लिए अपनी तकनीक को तराशने, कमजोरियों को दूर करने और वैश्विक टूर्नामेंट से पूर्व अपनी फॉर्म को शीर्ष स्तर पर पहुंचाने का सबसे मुफीद मंच माना जा रहा है।
विराट कोहली ने अब तक न्यूजीलैंड के मैदानों पर कुल तेरह एकदिवसीय मुकाबले खेले हैं, जिनमें उनके नाम पांच सौ से अधिक रन दर्ज हैं। इस आगामी दौरे पर उनके पास पूर्व आक्रामक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के एक ऐतिहासिक आंकड़े को पीछे छोड़ने का खुला अवसर मौजूद रहेगा। पिछला कीवी दौरा विराट के व्यक्तिगत कद और खेल के मानकों के अनुरूप नहीं गुजरा था, जहां मेजबान गेंदबाजों के तीखे आक्रमण के सामने उन्हें रन बनाने के लिए लगातार जूझना पड़ा था। इस वजह से यह नई श्रृंखला उनके सामने अपने आलोचकों को बल्ले की धार से जवाब देने की एक मजबूत चुनौती पेश कर रही है। सबसे छोटे प्रारूप यानी टी20 के घमासान के बाद भारतीय खेमा अब इस पचास ओवरों के फॉर्मेट पर अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी में है, जिसमें मध्यक्रम में कोहली का अनुभव जीत की सबसे बड़ी बुनियाद बनेगा।
कीवी गेंदबाजों के सामने विराट का समग्र एकदिवसीय रिकॉर्ड
जब भी भारत और न्यूजीलैंड के बीच एकदिवसीय मुकाबलों के इतिहास को खंगाला जाता है, विराट कोहली के आंकड़े विपक्षी टीम के लिए सबसे बड़ी चेतावनी बनकर उभरते हैं। कीवी टीम के विरुद्ध अपने करियर में विराट ने अब तक कुल 36 एकदिवसीय मुकाबले खेले हैं। इस दौरान उन्होंने 57.48 के बेहतरीन और निरंतर औसत के साथ कुल 1897 रन अपनी झोली में डाले हैं। इस निरंतरता के साथ ही उन्होंने 7 शानदार शतक और 10 अर्धशतक जड़कर विरोधी खेमे की रणनीतियों को लगातार ध्वस्त किया है।
न्यूजीलैंड की चुनौतीपूर्ण गेंदबाजी के सामने खुलकर खेलना विराट को हमेशा से रास आया है। दोनों टीमों के बीच हुई पिछली एकदिवसीय श्रृंखला इस बात की गवाह है, जहां उन्होंने मात्र तीन मुकाबलों के भीतर 240 रन ठोक दिए थे और वह पूरी भारतीय टीम के सबसे सफल स्कोरर बनकर उभरे थे। इसके साथ ही कीवी टीम के खिलाफ उनका स्ट्राइक रेट 96.63 का रहा है, जो यह साफ दर्शाता है कि उन्होंने सिर्फ विकेट पर समय नहीं बिताया, बल्कि आक्रामक अंदाज में रन गति को भी आगे बढ़ाया है।
न्यूजीलैंड की मुश्किल पिचों पर आंकड़े और संघर्ष
न्यूजीलैंड की पिचों पर तेज हवाओं के बीच गेंद का स्विंग और सीम होना दुनिया भर के किसी भी तकनीक-सक्षम बल्लेबाज के लिए कड़ा इम्तिहान माना जाता है। इन तेज और हरी परिस्थितियों के बावजूद विराट कोहली ने खेल के इस मैदान पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। अगर कीवी सरजमीं पर उनके व्यक्तिगत रिकॉर्ड को देखें, तो उन्होंने वहां खेले 13 वनडे मैचों में 49.66 के मजबूत औसत से कुल 596 रन बनाए हैं।
विदेशी माहौल में भी उनका बल्ला पूरी तरह खामोश नहीं रहा है। न्यूजीलैंड के मैदानों पर उन्होंने 91 के आक्रामक स्ट्राइक रेट से गेंदबाजों का सामना किया है, जिसमें 1 शतक और 4 अर्धशतकीय पारियां शामिल हैं। भले ही उनका बीता कीवी दौरा उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा था, लेकिन इस बार उनका पूरा ध्यान उन पुरानी चूकों को भुलाकर नए कीर्तिमान स्थापित करने पर टिका हुआ है।
वीरेंद्र सहवाग के रिकॉर्ड से महज तीन कदम दूर
न्यूजीलैंड के मैदानों पर भारत के लिए सबसे ज्यादा एकदिवसीय रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची पर नजर डालें, तो विराट कोहली इस समय तीसरे पायदान पर काबिज हैं। इस सूची में केवल दो दिग्गज भारतीय उनसे आगे मौजूद हैं। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने न्यूजीलैंड की धरती पर 821 रन बनाए हैं और वह शीर्ष स्थान पर बने हुए हैं। वहीं दूसरे स्थान पर वीरेंद्र सहवाग काबिज हैं, जिन्होंने केवल 12 एकदिवसीय मुकाबलों में विस्फोटक अंदाज से 598 रन जुटाए थे।
विराट कोहली के खाते में इस समय 596 रन हैं, जिसका सीधा अर्थ यह है कि वह सहवाग के 598 रनों के आंकड़े को पार करने से मात्र 3 रन दूर खड़े हैं। श्रृंखला के पहले ही मुकाबले में कुछ रन बनाते ही वह सहवाग को पछाड़कर न्यूजीलैंड में दूसरे सबसे सफल भारतीय वनडे बल्लेबाज बन जाएंगे। आगामी मुकाबलों में भारतीय फैंस की नजरें इस बात पर होंगी कि क्या कोहली इस रिकॉर्ड को तोड़कर सचिन के 821 रनों के ऐतिहासिक आंकड़े की तरफ भी तेजी से कदम बढ़ा पाते हैं या नहीं।



















