न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने आगामी श्रृंखला के लिए भारतीय टीम के दो दिग्गज खिलाड़ियों विराट कोहली और रोहित शर्मा के खिलाफ अपनी रणनीति का खुलासा करते हुए एक खुला बयान दिया है। सैंटनर ने इस बात को स्वीकार किया कि बीते समय में इन दोनों अनुभवी बल्लेबाजों ने न्यूजीलैंड की पिचों पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है, लेकिन इस बार हालात और चुनौतियां बिल्कुल अलग रहने की उम्मीद है। वर्तमान समय में विराट कोहली और रोहित शर्मा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर केवल एक दिवसीय प्रारूप यानी पचास ओवर के फॉर्मेट में ही मैदान पर उतरते हैं। भारत और न्यूजीलैंड के बीच इस निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इस साल अक्टूबर और नवंबर के महीनों के दौरान पांच वनडे मैचों, पांच टी ट्वेंटी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों और दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेली जानी है।
वनडे सीरीज और वर्ल्ड कप की तैयारियां
सैंटनर ने इस पूरी श्रृंखला को आगामी विश्व कप की तैयारियों का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है। यूरोपीय टी ट्वेंटी प्रीमियर लीग में एडिनबर्ग कैसल रॉकर्स की कमान संभाल रहे सैंटनर ने स्पष्ट किया कि यह सीरीज दोनों टीमों के लिए बेहद रोमांचक होने वाली है। सीमित ओवरों के इस खेल में हर टीम का मुख्य उद्देश्य अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के लिए अपने सबसे मजबूत संयोजन को तलाशना और तैयार करना है। कीवी कप्तान ने बताया कि भारत के खिलाफ पांच वनडे मुकाबलों के बाद उनकी टीम को श्रीलंका के खिलाफ भी घरेलू मैदान पर तीन मैच खेलने हैं और इसके बाद सितंबर 2027 में इंग्लैंड में होने वाले वर्ल्ड कप की मुख्य तैयारियों पर काम शुरू किया जाएगा। उनके अनुसार सबसे पहला लक्ष्य घरेलू सरजमीं पर भारतीय टीम के खिलाफ इस आगामी श्रृंखला को अपने नाम करना है, जो उनके लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि होगी। इसके बाद टीम प्रबंधन का पूरा ध्यान अक्टूबर तक वर्ल्ड कप के लिए परफेक्ट प्लेइंग इलेवन तय करने पर रहेगा।
पिछला ऐतिहासिक प्रदर्शन और टेस्ट श्रृंखला की कठिन चुनौती
भारत और न्यूजीलैंड के बीच हाल ही में खेली गई टेस्ट श्रृंखला में कीवी टीम ने बेहद शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन शून्य से ऐतिहासिक क्लीन स्वीप किया था। उस यादगार जीत के साथ न्यूजीलैंड ने भारतीय टीम के घरेलू मैदान पर बारह साल से अधिक समय से चले आ रहे और लगातार अठारह श्रृंखलाओं के अजेय रथ को रोक दिया था। भारतीय टेस्ट टीम में चल रहे बदलाव के दौर का जिक्र करते हुए सैंटनर ने यह भी माना कि नवंबर के महीने में न्यूजीलैंड की पिचों पर होने वाले दो टेस्ट मैच भारतीय टीम के युवा और नए खिलाड़ियों के लिए काफी कठिन साबित हो सकते हैं। भारत के पिछले दौरे पर पुणे में खेले गए दूसरे टेस्ट मुकाबले में कुल तेरह विकेट झटककर अपनी टीम को ऐतिहासिक श्रृंखला जिताने वाले सैंटनर ने पुराने अनुभवों को याद करते हुए कहा कि नए खिलाड़ियों के लिए विदेशी परिस्थितियों में खुद को तुरंत ढालना सबसे जरूरी कदम होगा।
भारतीय टीम का संतुलन और गेंदबाजी आक्रमण
सैंटनर ने बताया कि उन्होंने पहले भी इस बात पर चर्चा की है कि न्यूजीलैंड के हालात में लाल गेंद से क्रिकेट खेलना और पिच की नई प्रकृति को समझना नए खिलाड़ियों के लिए एक नया अनुभव हो सकता है, क्योंकि यहां की पिचें भारत की तुलना में तेज गेंदबाजों को अधिक सहायता प्रदान करती हैं। हालांकि इन तमाम चुनौतियों के बावजूद उन्होंने मौजूदा भारतीय टेस्ट टीम को एक पूरी तरह संतुलित इकाई बताया और कहा कि वे आगामी मुकाबलों के लिए अच्छी तरह तैयार नजर आ रहे हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की टीम में वापसी से भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को और अधिक मजबूती मिलेगी। इसके अलावा मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा के पास अपनी गेंदों में अतिरिक्त उछाल पैदा करने की कला है, जबकि रविंद्र जडेजा और मानव सुथार विरोधी टीम के बल्लेबाजों के लिए स्पिन का बेहतरीन विकल्प साबित होंगे।



















