अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में पाकिस्तान की टीम जब अपने स्वर्णिम दौर में थी, तब उसके पास कई मैच विनर खिलाड़ी मौजूद थे। इन्हीं खिलाड़ियों में बाएं हाथ के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज सईद अनवर का नाम प्रमुखता से शामिल है। क्रीज पर उतरते ही विपक्षी गेंदबाजों पर हावी हो जाने वाले सईद अनवर ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से कई सालों तक क्रिकेट की दुनिया पर राज किया। एक समय एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में व्यक्तिगत सर्वोच्च स्कोर बनाने का ऐतिहासिक कीर्तिमान भी उनके नाम दर्ज था, जिसे कई वर्षों के बाद सचिन तेंदुलकर ने दोहरा शतक जड़कर अपने नाम किया था। मैदान पर चमक बिखेरने वाले इस बल्लेबाज का निजी जीवन भी बेहद भावनात्मक और कई बड़े उतार-चढ़ाव से भरा रहा है।
चचेरी बहन लुबना से निकाह और पारिवारिक जीवन
सईद अनवर की निजी जिंदगी की बात करें तो उन्होंने अपनी चचेरी बहन लुबना से निकाह किया था। दोनों के बीच रिश्ता उस दौर में परवान चढ़ा जब सईद अनवर पाकिस्तान क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज बन चुके थे और पूरी दुनिया में उनका बल्ला रनों की बारिश कर रहा था। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और इसके बाद उन्होंने साल 1996 में शादी करने का फैसला किया। लुबना पेशे से एक डॉक्टर हैं। निकाह के बाद दोनों का वैवाहिक जीवन बहुत सुखद और खुशहाल चल रहा था।
बेटी के असामयिक निधन से लगा गहरा सदमा
शादी के कुछ समय बाद सईद अनवर और लुबना के घर में खुशियों ने दस्तक दी, जब लुबना ने एक बेटी को जन्म दिया। इस नन्हीं परी का नाम बिस्माह रखा गया था। हालांकि परिवार की यह खुशियां ज्यादा समय तक नहीं टिक सकीं। बिस्माह जन्म के बाद से ही लगातार गंभीर रूप से बीमार रहने लगीं। तमाम कोशिशों और इलाज के बावजूद साल 2001 में बिस्माह ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
जिस समय बिस्माह का इंतकाल हुआ, उस दौरान सईद अनवर राष्ट्रीय टीम के साथ बांग्लादेश के दौरे पर खेल रहे थे। बेटी के इस आकस्मिक निधन की खबर ने उन्हें भीतर से झकझोर कर रख दिया। इस असहनीय व्यक्तिगत नुकसान ने उनके पूरे जीवन दर्शन को बदलकर रख दिया। बेटी के जाने के गहरे दुख ने उन्हें आध्यात्मिक और धार्मिक गतिविधियों की तरफ मोड़ दिया। इस सदमे से उबरने के दौरान उन्होंने दाढ़ी रख ली और उनका पूरा जीवन धार्मिक रीति-रिवाजों और मौलवी के रूप में समर्पित हो गया।
अंतरराष्ट्रीय करियर और गेंदबाजी के आंकड़े
सईद अनवर का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर उपलब्धियों से भरा रहा। उन्होंने पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम के लिए 55 टेस्ट मैच और 247 एकदिवसीय मैच खेले। टेस्ट क्रिकेट के 55 मुकाबलों में उन्होंने 4052 रन बनाए। वहीं एकदिवसीय प्रारूप के 247 मैचों में उनके बल्ले से 8824 रन निकले। बल्लेबाजी के अलावा सईद अनवर गेंदबाजी में भी योगदान देते थे। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 48 विकेट दर्ज हैं, जबकि वनडे मैचों में उन्होंने 191 विकेट चटकाए थे।
चेन्नई में 194 रनों की ऐतिहासिक पारी और तेंदुलकर का कीर्तिमान
सईद अनवर के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड रहा जिसे टूटने में पूरे 13 साल का लंबा वक्त लगा। साल 1997 में उन्होंने भारत के खिलाफ तूफानी बल्लेबाजी करते हुए 194 रनों की यादगार पारी खेली थी। उस दौर में एकदिवसीय क्रिकेट में यह किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया दुनिया का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर था। सईद अनवर के इस महारिकॉर्ड को 13 साल बाद साल 2010 में सचिन तेंदुलकर ने तोड़ा, जब उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नाबाद 200 रन बनाकर वनडे इतिहास का पहला दोहरा शतक जमाया था।



















