पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच में भले ही पाकिस्तानी टीम पर हार का संकट मंडरा रहा हो, लेकिन इस मुकाबले ने क्रिकेट जगत को एक नया उभरता हुआ सितारा दिया है। मात्र 21 वर्ष के युवा खिलाड़ी रजाउल्ला ने अपने पहले ही टेस्ट मैच में ऐसी तूफानी बल्लेबाजी की कि हर कोई उनका मुरीद हो गया। उन्होंने पाकिस्तान की दूसरी पारी में ताबड़तोड़ खेल दिखाते हुए केवल 63 गेंदों में 81 रनों की विस्फोटक पारी खेली। इस बेहतरीन पारी के दौरान उन्होंने मैदान के चारों तरफ शॉट लगाए और अपनी पारी में कुल 9 गगनचुंबी छक्के और 4 चौके जड़े।
रजाउल्ला का रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन और मैच का रोमांच
रजाउल्ला ने इस धमाकेदार पारी के जरिए इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है। उन्होंने टेस्ट डेब्यू पर नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 9 छक्के लगाने का कारनामा किया और न्यूजीलैंड के दिग्गज खिलाड़ी टिम साउदी के 18 साल पुराने ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। इस मैच के समीकरणों की बात करें तो इंग्लैंड को जीत के लिए 130 रनों का लक्ष्य मिला है। मैच में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था, जिसके बाद पाकिस्तान की पहली पारी महज 133 रनों पर सिमट गई थी। इसके जवाब में इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में शानदार खेल दिखाते हुए 453 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया और 320 रनों की भारी-भरकम बढ़त हासिल कर ली थी। हालांकि, पाकिस्तानी टीम ने दूसरी पारी में शानदार जुझारूपन दिखाया और 449 रन बनाकर इंग्लैंड के सामने 129 रनों की बढ़त के साथ 130 रनों का लक्ष्य रखा।
पासपोर्ट और वीजा विवाद पर खिलाड़ी ने दिया जवाब
रजाउल्ला अपने शानदार खेल के साथ-साथ मैदान के बाहर चल रही चर्चाओं को लेकर भी काफी सुर्खियों में रहे। दरअसल, लॉर्ड्स टेस्ट के बाद पाकिस्तानी टीम प्रबंधन ने बड़ा फैसला लेते हुए 7 सीनियर खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर दिया था। इसके बाद टीम में कुछ नए चेहरों को शामिल किया गया, जिनमें रजाउल्ला भी शामिल थे। टीम में उनके चयन के बाद सोशल मीडिया पर यह दावा किया जाने लगा कि जब रजाउल्ला को चुना गया, तब उनके पास यात्रा करने के लिए पासपोर्ट और वीजा भी उपलब्ध नहीं था। अफवाहों में कहा गया कि उन्होंने बेहद जल्दबाजी में अपना पासपोर्ट बनवाया और फिर इंग्लैंड के लिए रवाना हुए।
तीसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद जब रजाउल्ला प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए, तो उन्होंने इन सभी अफवाहों को खारिज कर दिया। रजाउल्ला ने स्पष्ट करते हुए कहा, "यह बात बिल्कुल गलत है कि मेरे पास पासपोर्ट नहीं था, मैंने इसे एक साल पहले ही बनवा लिया था।" उन्होंने आगे बताया कि जब उन्हें इंग्लैंड दौरे के बारे में पता चला, तो उन्होंने यात्रा से 7 दिन पहले ही अपने पासपोर्ट को वीजा प्रक्रिया के लिए जमा कर दिया था। इस बयान का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पाकपैशन द्वारा भी साझा किया गया है।
पाकिस्तानी खेमे में मची अन्य हलचलें
इस टेस्ट मैच के दौरान पाकिस्तानी क्रिकेट जगत में केवल रजाउल्ला का पासपोर्ट विवाद ही चर्चा का विषय नहीं रहा, बल्कि कुछ अन्य चौंकाने वाली खबरें भी सामने आईं। पाकिस्तानी टीम के वरिष्ठ खिलाड़ी मोहम्मद रिजवान और इमाम उल हक को लेकर भी एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। खबरों के अनुसार, इन दोनों खिलाड़ियों को साइबर क्राइम की टीम ने अपनी हिरासत में ले लिया था, जहां उनसे करीब 4 घंटे तक गहन पूछताछ की गई। इस घटना ने पाकिस्तानी टीम के आंतरिक माहौल और खिलाड़ियों की सुरक्षा व अनुशासन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मैदान पर चल रहे रोमांचक मुकाबले के बीच इस तरह की ऑफ-फील्ड गतिविधियों ने प्रशंसकों और विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।



















