नाहन में चार दिन के लिए धारा-163 लागू, पंजाब से निहंगों के जुटने की आशंका पर प्रशासन सख्तपाकिस्तान को हर हाल में दुश्मन माने देशवासी, फारूक अब्दुल्ला के बयान पर भड़के दानिश आजाद अंसारीहैरी केन ने जीता बैलोन डी'ओर, इंग्लैंड के लिए 25 साल का लंबा सूखा हुआ समाप्तटाटा संस में एन चंद्रशेखरन के सेवा विस्तार पर विवाद, नोएल टाटा ने बोर्ड के फैसले पर उठाई आपत्तिजनेश्वर मिश्र पार्क को लेकर अखिलेश यादव का गंभीर आरोप, भाजपा सरकार पर लगाए बड़े सवालमूलांक 8 दैनिक अंकज्योतिष 27 अक्टूबर 2026: रिश्तों में बढ़ेगा सहयोग और आर्थिक मामलों में बरतें सावधानीबेंजामिन नेतन्याहू की सत्ता पर जनता का फैसला, गाजा युद्ध और सेना भर्ती विवाद के बीच नई संसद चुनने निकला इजरायलतारंगा हिल रेल प्रोजेक्ट: राजस्थान और गुजरात को जोड़ेगी नई ब्रॉडगेज लाइन, अरावली में बन रही हैं विशाल सुरंगेंपर्यावरण के अनुकूल उद्यमों से करें मोटी कमाई, सौर ऊर्जा और कचरा प्रबंधन पर मिल रही बंपर सरकारी छूटरिपल को मिला ओसीसी का अंतिम अप्रूवल, नेशनल ट्रस्ट बैंक के जरिए स्टेबलकॉइन आरएलयूएसडी को मिलेगा सीधा फेडरल सपोर्ट
प्लेइंग इलेवन से नाम कटते ही साउथ जोन कैंप छोड़कर बेंगलुरु पहुंचे करुण नायर, जड़ दिया शतकक्रिकेट
8 सित॰ 2026, 9:18 am (49 दिन पहले)· 4

प्लेइंग इलेवन से नाम कटते ही साउथ जोन कैंप छोड़कर बेंगलुरु पहुंचे करुण नायर, जड़ दिया शतक

दलीप ट्रॉफी फाइनल की प्लेइंग इलेवन से बाहर होने के बाद करुण नायर साउथ जोन कैंप छोड़कर कर्नाटक लौट आए और बेंगलुरु में केएससीए सेक्रेटरी इलेवन के लिए शतक जड़ दिया, जिसके बाद कोच के बयान और नायर के पोस्ट में फर्क को लेकर विवाद खड़ा हो गया।

चेन्नई के एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम में साउथ जोन और ईस्ट जोन के बीच खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी फाइनल की प्लेइंग इलेवन में करुण नायर की जगह नहीं बन पाई, लेकिन इस झटके ने उन्हें रोका नहीं। बाहर बैठने के फौरन बाद उन्होंने कर्नाटक जाकर एक घरेलू मुकाबले में तूफानी शतक जड़ दिया और अपने आलोचकों को करारा जवाब दे डाला।

प्लेइंग इलेवन से नाम कटते ही टीम छोड़कर लौटे नायर

करुण नायर शनिवार को चिदंबरम स्टेडियम में साउथ जोन के अभ्यास सत्र में मौजूद थे, उस वक्त फाइनल शुरू होने में महज एक दिन बाकी था। लेकिन जैसे ही उन्हें पता चला कि लगातार दूसरे मैच में भी उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिलेगी, वह साउथ जोन की टीम छोड़कर सीधे कर्नाटक रवाना हो गए। इसके बाद सोमवार को बेंगलुरु में उन्होंने छत्तीसगढ़ के खिलाफ केएससीए सेक्रेटरी इलेवन के लिए बल्लेबाजी करते हुए शानदार शतक पूरा किया। यह पारी उन खिलाड़ियों के लिए एक साफ संदेश जैसी थी जिन्होंने उन्हें बाहर बैठाने का फैसला किया था। यह मुकाबला 7 सितंबर को बेंगलुरु में डॉ. के. थिम्मप्पैया मेमोरियल टूर्नामेंट के तहत खेला गया, जो रेड-बॉल फॉर्मेट में होने वाला एक स्थानीय टूर्नामेंट है और आमतौर पर कर्नाटक की टीम इसी टूर्नामेंट से अपनी रणजी ट्रॉफी की तैयारी शुरू करती है।

ये भी पढ़ें

कोच ने बताया 'निजी कारण', लेकिन नायर के पोस्ट ने खड़े कर दिए सवाल

दलीप ट्रॉफी के दूसरे दिन का खेल खत्म होते ही साउथ जोन के कोच विक्रम वर्मा मीडिया के सामने आए और उन्होंने बताया कि करुण नायर निजी कारणों से टीम छोड़कर गए हैं। लेकिन एक्स पर नायर की तरफ से किए गए पोस्ट ने कुछ और ही इशारा किया। इस अंतर ने साउथ जोन में खिलाड़ियों के चयन को लेकर पहले से उठ रहे सवालों को और हवा दे दी, और अब टीम प्रबंधन के फैसलों पर बहस छिड़ गई है।

वर्मा बोले, कॉम्बिनेशन के आगे मजबूर थे

विवाद बढ़ने पर विक्रम वर्मा ने अपनी टीम की रणनीति का बचाव करते हुए कहा, "हमने एक अच्छा कॉम्बिनेशन चुना क्योंकि हर टीम में दो बाएं हाथ के स्पिनर हैं।" उनका तर्क था कि मिडिल ऑर्डर में बाएं हाथ का बल्लेबाज होने से टीम को विपक्षी स्पिनरों पर दबदबा बनाने में मदद मिलती। वर्मा ने आगे समझाया कि देवदत्त पडिक्कल की वापसी के बाद टीम का संयोजन पहले से तय हो चुका था, जिससे करुण नायर को अंतिम एकादश में जगह देना मुश्किल हो गया। उन्होंने यह भी माना कि नायर को बाहर रखना आसान फैसला नहीं था, फिर भी मौजूदा संयोजन में यही सबसे बेहतर विकल्प था।

यह पूरा घटनाक्रम दिखाता है कि घरेलू क्रिकेट में टीम चयन के फैसले किस तरह खिलाड़ियों के भरोसे और करियर को प्रभावित करते हैं। करुण नायर का यह शतक अब चयनकर्ताओं और साउथ जोन के टीम प्रबंधन, दोनों के लिए एक बड़ा सवाल बनकर उभरा है, क्योंकि आने वाले घरेलू सीजन में उनकी दावेदारी को नजरअंदाज करना अब और मुश्किल हो जाएगा।

सवाल-जवाब

करुण नायर को दलीप ट्रॉफी फाइनल की प्लेइंग इलेवन में जगह क्यों नहीं मिली?
साउथ जोन ने टीम कॉम्बिनेशन के आधार पर फैसला लिया, क्योंकि देवदत्त पडिक्कल की वापसी के बाद मिडिल ऑर्डर में बाएं हाथ के बल्लेबाज को प्राथमिकता दी गई।
नायर ने किसके खिलाफ और कहां शतक बनाया?
उन्होंने 7 सितंबर को बेंगलुरु में डॉ. के. थिम्मप्पैया मेमोरियल टूर्नामेंट में छत्तीसगढ़ के खिलाफ केएससीए सेक्रेटरी इलेवन के लिए बैटिंग करते हुए शतक बनाया।
दलीप ट्रॉफी फाइनल कहां और किन टीमों के बीच खेला जा रहा है?
यह फाइनल चेन्नई के एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम में ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच खेला जा रहा है।
कोच विक्रम वर्मा ने नायर के टीम छोड़ने की क्या वजह बताई?
उन्होंने कहा कि नायर निजी कारणों से टीम छोड़कर गए हैं, हालांकि नायर के एक्स पोस्ट से कुछ और ही संकेत मिले।
डॉ. के. थिम्मप्पैया मेमोरियल टूर्नामेंट क्या है?
यह रेड-बॉल फॉर्मेट में खेला जाने वाला एक स्थानीय टूर्नामेंट है, जिससे कर्नाटक की टीम आमतौर पर अपनी रणजी ट्रॉफी की तैयारी शुरू करती है।
करुण नायर कब साउथ जोन की प्रैक्टिस में शामिल थे?
वह दलीप ट्रॉफी फाइनल शुरू होने से एक दिन पहले शनिवार को चिदंबरम स्टेडियम में साउथ जोन के अभ्यास सत्र में मौजूद थे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp