सीमांचल के खेल जगत में एक नया अध्याय जोड़ते हुए पूर्णिया शहर महिला क्रिकेट के एक बड़े उत्सव का गवाह बना है। जिला स्कूल मार्ग पर मौजूद डीएसए मैदान में 30 सितंबर से एक भव्य महिला क्रिकेट प्रतियोगिता का सफर शुरू हो चुका है, जो आगामी 6 अक्टूबर तक लगातार जारी रहेगा। इस प्रतिष्ठित आयोजन में मेजबान बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश, केरल और पश्चिम बंगाल सहित लगभग आधा दर्जन प्रांतों की प्रतिभाशाली महिला क्रिकेटर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। शहर में अपनी तरह की इस शुरुआती स्पर्धा को लेकर न सिर्फ मैदान में उतरने वाली युवतियों में बल्कि बाउंड्री के बाहर खड़े स्थानीय खेल प्रशंसकों में भी जबरदस्त उमंग महसूस की जा रही है।
मंत्री लेशी सिंह ने बल्ला थामकर किया उद्घाटन
प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ बिहार सरकार में भवन निर्माण मंत्रालय संभाल रहीं लेशी सिंह के कर-कमलों द्वारा संपन्न कराया गया। समारोह के दौरान उन्होंने पारंपरिक तरीके से दीप प्रज्ज्वलित किया और स्वयं पिच पर उतरकर खूबसूरत शॉट खेलते हुए प्रतिभागियों का हौसला बुलंद किया। खिलाड़ियों को उनके सुनहरे भविष्य का आशीर्वाद देते हुए उन्होंने इस जमीनी प्रयास की सराहना की। इस खास पल पर स्थानीय खेल प्रशासक और कई प्रतिष्ठित गणमान्य हस्तियां मंच पर उपस्थित रहीं।
उद्घाटन सत्र में क्रिकेट संघ के अध्यक्ष गौतम कुमार, समिति के सदस्य अवनीश कुमार, मैदान के अध्यक्ष दिलीप कुमार दीपक, वरिष्ठ खिलाड़ी विजय कुमार तथा एथलेटिक्स संघ के अध्यक्ष एमएचएम रहमान प्रमुख रूप से शरीक हुए। मैदान की दीर्घा में जमा सैकड़ों नागरिकों ने घंटों बैठकर रोमांचकारी खेल का लुत्फ उठाया और हर बाउंड्री पर तालियां बजाकर खिलाड़ियों का उत्साह दोगुना किया।
प्रतिभाओं को बड़ा मंच और स्थानीय सहयोग
आयोजन की रूपरेखा पर बात करते हुए क्रिकेट एसोसिएशन के प्रमुख गौतम कुमार ने स्पष्ट किया कि पूर्णिया के इतिहास में महिला खिलाड़ियों के लिए इस पैमाने का मुकाबला पूर्व में कभी आयोजित नहीं हुआ था। उन्होंने बताया कि इस खेल महाकुंभ को धरातल पर उतारने में क्षेत्र के अनेक उद्योगपतियों और जागरूक स्थानीय नागरिकों ने आगे बढ़कर हाथ बंटाया है।
इस पूरे प्रयास का मूल लक्ष्य महिला खिलाड़ियों के सामने एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी वातावरण तैयार करना है। जब ग्रामीण और कस्बाई पृष्ठभूमि से आने वाली लड़कियों को कड़े मैच खेलने को मिलेंगे, तो उनका आत्मसंशय दूर होगा। यही अनुभव आगे चलकर उन्हें राज्य स्तरीय टीमों और राष्ट्रीय फलक पर अपना नाम दर्ज कराने की आवश्यक शक्ति प्रदान करेगा।
दूसरे प्रदेशों से पहुंची प्रतिभाओं का अनुभव
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से पूर्णिया की धरती पर मुकाबला खेलने पहुंचीं सुप्रिया भारद्वाज, सोनम कुमारी और प्रियांशी पांडे जैसी प्रमुख खिलाड़ियों ने स्थानीय प्रबंधन व आतिथ्य की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। खिलाड़ियों का कहना था कि यहां का स्नेह और खेल सुविधाएं दोनों ही यादगार हैं। मैदान की खूबसूरत सजावट, शाम के मुकाबलों के लिए प्रकाश व्यवस्था और प्रबंधकीय तालमेल ने उनका दिल जीत लिया।
बाहर से आईं इन खिलाड़ियों ने भरोसा जताया कि वे पूरे टूर्नामेंट के दौरान अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन मैदान में झोंकेंगी और अपनी टीम को खिताबी जीत दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगी। स्थानीय लोगों से मिल रहे आदर और प्रेरणा को उन्होंने अपने खेल जीवन के लिए अनमोल करार दिया।
स्थानीय प्रतिभाओं के लिए सीखने का स्वर्णिम अवसर
छह विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों की खिलाड़ियों के आमने-सामने होने से मैचों का स्तर बेहद प्रतिस्पर्धी बन चुका है। बिहार और पूर्णिया के आसपास की नवोदित महिला क्रिकेटरों के लिए यह टूर्नामेंट किसी पाठशाला से कम साबित नहीं हो रहा है, जहां उन्हें अनुभवी खिलाड़ियों की तकनीक, फिटनेस और मैच रणनीति को करीब से परखने का मौका मिल रहा है। आगामी 6 अक्टूबर के फाइनल मुकाबले तक चौकों और छक्कों की यह रोमांचक जंग पूरे इलाके के खेल प्रेमियों को बांधे रखेगी।



















