क्रिकेट जगत में पदार्पण मुकाबले को यादगार बनाना हर युवा खिलाड़ी की बड़ी ख्वाइश होती है। कुछ ऐसा ही कारनामा अफगानिस्तान के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज रहमानुल्लाह ने करके दिखाया है, जिन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ अपने करियर के पहले ही टेस्ट मैच में शतक जड़ दिया। शारजाह के मैदान पर चल रहे इस मुकाबले में उन्होंने अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी का मुजायरा पेश करते हुए 156 गेंदों के भीतर ही शतक का आंकड़ा छू लिया।
डेब्यू पर शतक लगाने वाले दूसरे खिलाड़ी
इस उपलब्धि के साथ ही रहमानुल्लाह अफगानिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के किसी भी प्रारूप में पदार्पण मैच पर शतक लगाने वाले केवल दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले यह खास उपलब्धि रहमानुल्लाह गुरबाज के नाम दर्ज थी, जिन्होंने वर्ष 2021 में आयरलैंड के खिलाफ अपने वनडे डेब्यू पर शतकीय पारी खेलकर सुर्खियां बटोरी थीं। अब रहमानुल्लाह ने टेस्ट क्रिकेट में यह कमाल करके देश के लिए एक नया अध्याय लिख दिया है।
सेदीकुल्लाह के साथ मजबूत साझेदारी
जिम्बाब्वे के खिलाफ इस मैच में केवल रहमानुल्लाह ही नहीं, बल्कि सेदीकुल्लाह अटल ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए शतक पूरा किया। सेदीकुल्लाह के करियर का यह केवल चौथा टेस्ट मैच है जिसमें उन्होंने अपना दूसरा शतक जड़ा है। पारी की शुरुआत करने आए सेदीकुल्लाह ने एक छोर संभाले रखा और रहमानुल्लाह का बखूबी साथ निभाया। हालांकि अफगानिस्तान की शुरुआत खराब रही थी और टीम ने महज 14 रन के स्कोर पर ही अपना पहला विकेट गंवा दिया था, लेकिन इसके बाद दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे दिन के लंच ब्रेक तक 205 रनों की बड़ी नाबाद साझेदारी कर टीम को संकट से निकाल लिया।
जिम्बाब्वे की पहली पारी का स्कोर
इस मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम ने अपनी पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा करते हुए कुल 504 रन बनाए। जिम्बाब्वे की तरफ से बल्लेबाजी करते हुए ब्रेंडन टेलर और ब्रायन बेनेट दोनों ने ही शतकीय पारियां खेलीं। टेलर ने 168 गेंदों का सामना करके 131 रन बनाए, जबकि बेनेट ने 206 गेंदों पर 128 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया। इसके अलावा वेस्ली मधेवेरे ने 55 रन और ताफदजवा त्सिगा ने 44 रनों का योगदान देकर अपनी टीम को एक मजबूत स्थिति तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।



















