बांग्लादेश क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज तौहीद हृदोय ने वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मुकाबले में अपने शानदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया है। मैच की पहली पारी में जब बांग्लादेश की टीम शुरुआती झटकों के कारण गहरे संकट में नजर आ रही थी, तब तौहीद हृदोय ने क्रीज पर डटकर मुकाबला किया। उन्होंने न केवल टीम को मुश्किल हालात से सुरक्षित बाहर निकाला, बल्कि अपने टेस्ट करियर का पहला शतक पूरा करने के बाद उसे एक ऐतिहासिक दोहरे शतक में भी बदल दिया। इस शानदार पारी के दौरान उन्होंने साथी खिलाड़ियों के साथ महत्वपूर्ण साझेदारियां करके टीम के स्कोर को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
ऐतिहासिक दोहरे शतक की खास बातें
तौहीद हृदोय ने 7 नवंबर को अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 359 गेंदों पर नाबाद 242 रन बनाए। इस मैराथन पारी में उन्होंने कुल 22 चौके और 11 छक्के लगाए, जिससे विपक्षी गेंदबाजों की रणनीति पूरी तरह विफल हो गई। तौहीद हृदोय की इस साहसिक पारी की बदौलत बांग्लादेश ने पहली पारी में 386 रन का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में वेस्टइंडीज की पहली पारी 356 रन पर सिमट गई थी, जिसके चलते बांग्लादेश ने पहली पारी के आधार पर 30 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली।
तोड़ा मुशफिकुर रहीम का बड़ा रिकॉर्ड
इस दोहरे शतक के साथ ही तौहीद हृदोय टेस्ट क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाले बांग्लादेश के चौथे बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि केवल मुशफिकुर रहीम, शाकिब अल हसन और तमीम इकबाल ही हासिल कर पाए थे। इसके अलावा, उन्होंने मुशफिकुर रहीम के 219 रन के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। अब तौहीद हृदोय के नाम टेस्ट क्रिकेट की एक पारी में किसी भी बांग्लादेशी बल्लेबाज द्वारा बनाए गए सबसे ज्यादा व्यक्तिगत रन का रिकॉर्ड दर्ज हो गया है।
संकट के समय हुई उपयोगी साझेदारियां
मैच के तीसरे दिन जब खेल की शुरुआत हुई थी, तब बांग्लादेश का स्कोर तीन विकेट पर महज 88 रन था। शुरुआती झटकों के बाद तौहीद हृदोय और अनुभवी बल्लेबाज मुशफिकुर रहीम ने संभलकर खेलते हुए पारी को आगे बढ़ाया। दोनों के बीच 73 रन की साझेदारी हुई, जिसे जोमेल वॉरिकन ने मुशफिकुर को आउट करके तोड़ा। इसके बाद वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने लगातार अंतराल पर विकेट झटके और बांग्लादेश का स्कोर सात विकेट पर 184 रन कर दिया, जिससे टीम पर संकट के बादल मंडराने लगे।
निचले क्रम के बल्लेबाजों का बेहतरीन सहयोग
मुश्किल समय में तौहीद हृदोय को तैजुल इस्लाम का अच्छा साथ मिला और दोनों ने आठवें विकेट के लिए 117 रन जोड़े। हृदोय ने 171 गेंदों का सामना करते हुए अपना पहला टेस्ट शतक पूरा किया और इसके बाद अपनी आक्रामक शैली अपनाई। तैजुल इस्लाम के 22 रन पर आउट होने के बाद, उन्होंने तस्कीन अहमद के साथ नौवें विकेट के लिए 85 रन की साझेदारी की। अंततः हृदोय ने 304 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा किया और 359 गेंदों पर 242 रन बनाकर नाबाद पवेलियन लौटे। वेस्टइंडीज की ओर से जोमेल वॉरिकन ने 104 रन देकर चार विकेट चटकाए, जबकि जेडन सील्स ने तस्कीन अहमद को आउट करके पारी का अंत किया।


















