वेलिंग्टन में खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में भारतीय टीम ने डकवर्थ लुईस यानी DLS नियम के तहत न्यूजीलैंड की टीम को 4 रनों से रोमांचक शिकस्त दी। इस बेहद रोमांचक मैच में तेज गेंदबाज गुरनूर बरार ने अपनी घातक गेंदबाजी का जलवा बिखेरा और अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर प्लेयर ऑफ द मैच का प्रतिष्ठित अवॉर्ड हासिल किया। उन्होंने अपनी बेहतरीन गेंदबाजी के दौरान कुल 10 ओवर फेंके जिसमें उन्होंने केवल 30 रन खर्च किए और विरोधी टीम के 4 अहम बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। इस शानदार गेंदबाजी स्पेल में उन्होंने 2 मेडन ओवर भी अपने नाम किए। मैच की समाप्ति के बाद गुरनूर बरार ने भारतीय कप्तान शुभमन गिल की कप्तानी की जमकर सराहना की और अपनी इस बड़ी सफलता का पूरा श्रेय कप्तान तथा टीम मैनेजमेंट को दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कप्तान और कोच के लगातार मिल रहे समर्थन तथा ड्रेसिंग रूम के सकारात्मक माहौल की बदौलत ही उन्हें मैदान पर खुलकर अपनी गेंदबाजी कला दिखाने का पूरा अवसर मिला।
टीम मैनेजमेंट के भरोसे पर क्या बोले गुरनूर बरार?
मैच के बाद आयोजित हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बातचीत करते हुए गुरनूर बरार ने खुलासा किया कि टीम मैनेजमेंट और कप्तान ने हमेशा से सभी तेज गेंदबाजों को अपनी प्राथमिक ताकत पर पूरा भरोसा बनाए रखने और किसी भी प्रकार के दबाव या डर के बिना खुलकर गेंदबाजी करने की सीख दी है, चाहे मैदान पर हालात कैसे भी क्यों न हों। बरार ने आगे बताया कि टीम का यह पॉजिटिव माहौल और लगातार मिलने वाला समर्थन किसी भी खिलाड़ी के करियर के लिए बहुत अधिक मायने रखता है। भारत में रहते हुए भी उन्हें यही बात समझाई गई थी कि सही लाइन और लेंथ पर अपनी गेंदबाजी जारी रखें और न्यूजीलैंड पहुंचने के बाद भी कप्तान ने उन्हें यही स्पष्ट निर्देश दिए थे कि किसी भी चौके या छक्के की फिक्र करने की कोई आवश्यकता नहीं है, बस अपनी पूरी ताकत और आत्मविश्वास के साथ गेंदबाजी करनी है। कप्तान और प्रबंधन के इसी अटूट भरोसे के कारण ही वह आज मैदान पर इतना बेहतरीन और असरदार प्रदर्शन करने में पूरी तरह कामयाब हो पा रहे हैं।
कप्तान शुभमन गिल की नेतृत्व शैली की सराहना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब गुरनूर से कप्तान शुभमन गिल द्वारा मैदान पर दिखाए गए भरोसे के बारे में सवाल पूछा गया, तो तेज गेंदबाज ने जवाब देते हुए कहा कि कप्तान टीम के हर एक खिलाड़ी का एक जैसा और समान रूप से समर्थन करते हैं। टीम के अंदर किसी भी खिलाड़ी को केवल एक मैच या एक दिन के प्रदर्शन के आधार पर जज या नहीं परखा जाता है। उनके अनुसार सबसे महत्वपूर्ण बात यह होती है कि खिलाड़ी अपनी प्रैक्टिस में कितनी मेहनत कर रहा है, उसकी ट्रेनिंग किस दिशा में आगे बढ़ रही है और वह खुद को कितना बेहतर बनाने का प्रयास कर रहा है। शुभमन गिल खुद भी स्वभाव से ऐसे ही हैं और उनके अंदर हमेशा टीम को हर हाल में जिताने की तथा खुद को बेहतर करने की एक अलग ही भूख नजर आती है। वे मैदान पर लगातार सभी खिलाड़ियों के साथ अपने मैच प्लान साझा करते हैं और पूरी टीम एकजुट होकर आगे बढ़ती है।


















