बस्तर अंचल का पारंपरिक खानपान अपनी अनूठी सादगी और स्वाद के लिए जाना जाता है। यहाँ के स्थानीय व्यंजनों में एक बेहद लोकप्रिय नाम कुंदरू और काले चने की सब्जी का आता है। यह घरेलू नुस्खा न केवल बनाने में बेहद आसान है बल्कि स्वाद के मामले में भी काफी अनोखा है। इस पारंपरिक रेसिपी की सबसे खास बात यह है कि इसे तैयार करने में बहुत कम मसालों और न्यूनतम सामग्री की आवश्यकता पड़ती है।
बस्तर में क्यों है इस व्यंजन का खास क्रेज
आदिवासी समुदायों और ग्रामीण क्षेत्रों में इस व्यंजन को विशेष पसंद किया जाता है। मानसून के मौसम में जब स्थानीय बाजारों और जंगलों में कुंदरू बहुतायत में मिलते हैं, तब हर घर में इस डिश को पकाया जाता है। केवल बारिश ही नहीं बल्कि सर्दियों की शुरुआत तक जब तक कुंदरू की उपलब्धता बनी रहती है, ग्रामीण इस देसी स्वाद का लुत्फ उठाते रहते हैं। सादगी पसंद लोगों के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है जिसे रोजाना के भोजन में शामिल किया जा सकता है।
सब्जी तैयार करने की पूरी विधि
इस लजीज व्यंजन को घर पर बनाने की प्रक्रिया काफी सीधी है। सबसे पहले एक लोहे या सामान्य कढ़ाई में थोड़ा सा तेल डालकर गर्म करें। जब तेल अच्छी तरह गर्म हो जाए, तब उसमें जीरा, बारीक कटा हुआ प्याज और हरी मिर्च डालकर सुनहरा होने तक भून लें। इसके बाद कढ़ाई में कटे हुए कुंदरू और काले चने को एक साथ मिलाएं और कुछ देर तक मध्यम आंच पर पकने दें।
अब इस मिश्रण में हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और अपने स्वादानुसार नमक डालें तथा सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाते हुए भूनें। इसके बाद इसमें कटे हुए टमाटर शामिल करें। टमाटर मिलाने के बाद आंच को धीमा कर दें और सब्जी को लगभग 20 मिनट तक पकने के लिए छोड़ दें। निर्धारित समय के बाद जब कुंदरू पूरी तरह गल जाएं और मसाले अच्छी तरह मिल जाएं, तो कढ़ाई को चूल्हे से उतार लें। इस तरह आपकी गरमागरम और स्वादिष्ट देसी कुंदरू-चने की सब्जी तैयार हो जाती है, जिसे आप आसानी से सादी रोटी या चावल के साथ परोस सकते हैं।


















