घरेलू क्रिकेट के मौजूदा सत्र में दिल्ली के युवा बल्लेबाज आयुष बडोनी जबर्दस्त फॉर्म में नजर आ रहे हैं। रणजी ट्रॉफी ग्रुप सी के तहत खेले जा रहे एक कड़े मुकाबले में मंगलवार के दिन इस खिलाड़ी ने एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया। विरोधी गेंदबाजों की रणनीतियों को पूरी तरह ध्वस्त करते हुए उन्होंने लगातार दूसरे प्रथम श्रेणी मुकाबले में डबल सेंचुरी जमाई। इस असाधारण बल्लेबाजी के चलते राष्ट्रीय चयनकर्ताओं के सामने उनकी दावेदारी बेहद मजबूत होकर उभरी है, जबकि मुकाबले में झारखंड के सामने दिल्ली की टीम काफी मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी है।
गुजरात के बाद झारखंड के विरुद्ध भी गरजा बल्ला
बडोनी का हालिया प्रदर्शन किसी भी विरोधी टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। चालू महीने के आरंभिक दौर में गुजरात के खिलाफ टक्कर के दौरान उन्होंने 217 रनों की लंबी और जुझारू पारी खेली थी। उसी लय को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने झारखंड के गेंदबाजों के खिलाफ भी मैदान के चारों तरफ शानदार स्ट्रोक्स लगाए। क्रीज पर टिकने के बाद बडोनी ने केवल 228 गेंदों पर नाबाद 210 रनों का योगदान दिया। उनकी इस पारी की खासियत संयम के साथ आक्रामक अंदाज का संतुलन रही, जिसने स्कोरबोर्ड की गति धीमी नहीं पड़ने दी। इस बेजोड़ बल्लेबाजी के सहारे दिल्ली ने 515 रन बनाकर 5 विकेट के नुकसान पर अपनी पहली पारी समाप्ति की घोषणा कर दी।
सुमित माथुर संग छठे विकेट के लिए 334 रनों का अटूट जोड़
इस बड़े स्कोर की नींव केवल एक छोर से नहीं रखी गई, बल्कि दूसरे छोर से सुमित माथुर ने उनका बेहतरीन साथ निभाया। दोनों खिलाड़ियों ने मिलकर विपक्षी गेंदबाजी आक्रमण की योजनाओं पर पानी फेर दिया। माथुर और बडोनी के बीच छठे विकेट के लिए 334 रनों की नाबाद साझेदारी दर्ज हुई। पारी घोषित होने तक माथुर ने भी 253 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 150 रनों की अहम पारी पूरी कर ली थी। इन दोनों बल्लेबाजों के अटूट तालमेल ने दिल्ली को ड्राइविंग सीट पर बैठा दिया और मैच में विरोधी पक्ष पर भारी दबाव बना दिया।
संकट में घिरी झारखंड की टीम, फॉलोऑन का साया
पहाड़ जैसे 515 रनों के जवाब में अपनी पहली पारी की शुरुआत करने उतरी झारखंड की टीम के लिए आगाज बिल्कुल अनुकूल नहीं रहा। दिल्ली के अनुशासित गेंदबाजी आक्रमण ने रन बनाने के मौकों को पूरी तरह बांध कर रखा। दूसरे दिन स्टंप्स घोषित होने तक झारखंड 131 रनों पर अपने 4 प्रमुख विकेट गंवा चुका था। टीम अभी भी पहली पारी के स्कोर से काफी फासले पर खड़ी है और उस पर फॉलोऑन बचाने की चुनौती आ चुकी है। हालांकि, उत्कर्ष सिंह ने धैर्य का परिचय देते हुए 53 रन जोड़ लिए हैं और वे क्रीज पर बने हुए हैं। मुकाबले के तीसरे दिन झारखंड को संकट से उबारने का दारोमदार पूरी तरह उनकी बल्लेबाजी पर टिका होगा।
विराट कोहली और गौतम गंभीर की कतार में दर्ज हुआ नाम
लगातार दो प्रथम श्रेणी पारियों में दोहरे शतक का आंकड़ा छूना भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक दुर्लभ मील का पत्थर माना जाता है। बडोनी अब उन चुनिंदा बल्लेबाजों के समूह का हिस्सा बन चुके हैं, जिन्होंने यह करिश्मा कर दिखाया है। दिल्ली क्रिकेट की बात करें तो इस विशेष सूची में पहले से ही विराट कोहली और गौतम गंभीर जैसे नाम मौजूद हैं। भारतीय क्रिकेट के पन्नों में यह मुकाम हासिल करने वाले बडोनी कुल 21वें बल्लेबाज बने हैं। प्रथम श्रेणी स्तर पर उनका बल्लेबाजी औसत 60 से अधिक का चल रहा है, जो लंबे प्रारूप में उनकी निरंतरता और तकनीकी परिपक्वता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।




















