घरेलू मैदान पर पांच मुकाबलों की द्विपक्षीय टी20 श्रृंखला के शुरुआती मैच में आठ विकेट की एकतरफा जीत दर्ज करने के उपरांत भारतीय क्रिकेट दल अब दूसरे मुकाबले के लिए कमर कस चुका है। दोनों टीमों के बीच यह भिड़ंत शुक्रवार, 9 अक्टूबर को रांची स्थित जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में शाम 7:00 बजे आयोजित होगी। एशियाई खेलों 2026 के निर्णायक मुकाबले में स्वर्ण पदक हासिल करने वाली राष्ट्रीय टीम ने अपनी उसी शानदार फॉर्म को इस सीरीज में भी आगे बढ़ाया है। कप्तान श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में मेजबान टीम ने लखनऊ के मैदान पर पहले गेंदबाजी करते हुए कैरेबियाई बल्लेबाजों को 171 के स्कोर पर रोक दिया था, जिसके बाद खुद कप्तान के आक्रामक और बेजोड़ शतक की बदौलत भारत ने बिना किसी परेशानी के लक्ष्य हासिल कर लिया।
संजू सैमसन के हालिया आंकड़े और वैभव सूर्यवंशी की दावेदारी
शुरुआती मुकाबले में मिली शानदार कामयाबी के बाद अब क्रिकेट प्रशंसकों और समीक्षकों के बीच अंतिम ग्यारह के चयन को लेकर गहन विमर्श चल रहा है। सबसे बड़ा सवाल विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन की फॉर्म को लेकर उठ रहा है। टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में उनकी पिछली चार पारियों पर नजर डालें तो उनके बल्ले से केवल 29 रन निकले हैं, जिसमें लखनऊ में बनाए गए 11 रन भी शामिल हैं। रनों के इस अकाल की वजह से उभरते हुए प्रतिभावान खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को अंतिम एकादश में शामिल करने की आवाजें उठने लगी हैं। इसके बावजूद मुख्य कोच गौतम गंभीर और सहयोगी स्टाफ संजू की तकनीकी महारत तथा लंबे अंतरराष्ट्रीय अनुभव को नजरअंदाज करने के मूड में नहीं दिखते। लखनऊ में जिस तरह का दबदबा टीम ने दिखाया था, उसे देखते हुए इस बात के आसार न के बराबर हैं कि प्रबंधन तुरंत किसी नए खिलाड़ी को उतारने का जोखिम उठाएगा।
मजबूत शीर्ष क्रम और मध्य क्रम में निरंतरता का भरोसा
बल्लेबाजी क्रम में दूसरे सलामी बल्लेबाज की भूमिका निभा रहे अभिषेक शर्मा और तीसरे क्रम पर आने वाले ईशान किशन अपनी जगह निर्विवाद रूप से सुरक्षित कर चुके हैं। चालू कैलेंडर वर्ष 2026 में दोनों ही बल्लेबाजों ने छोटे प्रारूप में गजब का निरंतर प्रदर्शन दिखाया है। अभिषेक के नाम इस साल 832 रन दर्ज हैं, जबकि ईशान ने बेहतरीन निरंतरता दिखाते हुए 1042 रन जुटाए हैं। पहले मुकाबले में ऐतिहासिक शतकीय पारी खेल चुके कप्तान श्रेयस अय्यर रांची की पिच पर भी रनों की इसी भूख को बरकरार रखना चाहेंगे। दूसरी तरफ उप-कप्तान तिलक वर्मा ने भी साल 2026 में 536 टी20 रन बनाकर मध्य क्रम को स्थिरता देने का काम बखूबी किया है। इन स्थापित नामों की मौजूदगी बल्लेबाजी क्रम को भारी गहराई और संतुलन प्रदान करती है।
ऑलराउंडरों का लाजवाब प्रदर्शन और निचले क्रम की ताकत
टीम के संतुलन में हरफनमौला खिलाड़ियों की भूमिका लखनऊ में निर्णायक साबित हुई थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण करते हुए नमन धीर ने अपने पहले ही टी20 मुकाबले में तीन विकेट चटकाकर सबको प्रभावित किया था, जिससे उनका स्थान इस मैच के लिए पूरी तरह पक्का माना जा रहा है। अनुभवी अक्षर पटेल ने भी अपनी उपयोगिता सिद्ध की थी, जिन्होंने रोवमैन पॉवेल और अकील हुसैन को पवेलियन भेजने के साथ फील्डिंग में शाई होप और शमार स्प्रिंगर के महत्वपूर्ण कैच लपके थे। इसके साथ ही शिवम दुबे की विस्फोटक बल्लेबाजी टीम के लिए बड़ा अस्त्र बनी हुई है। साल 2026 में शिवम ने 166.77 के तूफानी स्ट्राइक रेट के साथ कुल 532 रन बनाए हैं, जिसके चलते वह प्लेइंग इलेवन में अपनी जगह आसानी से बरकरार रखने के हकदार हैं।
गेंदबाजी संयोजन और तेज गेंदबाज मयंक यादव की चुनौती
प्रमुख तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में आक्रमण की अगुवाई अर्शदीप सिंह के हाथों में रहेगी। अर्शदीप इस प्रारूप में भारत के सबसे कामयाब विकेटकीपर-गेंदबाज की साख रखते हैं और उन्होंने पहले मैच में विपक्षी टीम के खतरनाक ओपनर को आउट करके शानदार शुरुआत दिलाई थी। स्पिन आक्रमण में कुलदीप यादव ने रवि विश्नोई की जगह मिलते ही अपनी उपयोगिता साबित की और लखनऊ में दो महत्वपूर्ण सफलताएं अर्जित कीं। गेंदबाजी विभाग में एकमात्र चर्चा मयंक यादव को लेकर है, जिन्होंने पिछले मैच में 40 रन लुटाए थे और वह सबसे महंगे साबित हुए थे। हालांकि विकल्प के तौर पर मौजूद प्रिंस यादव अभी-अभी चोट से उबरे हैं। मयंक की असाधारण गति और प्रतिभा को देखते हुए टीम प्रबंधन उन्हें अपनी लय वापस पाने का एक और मौका देने के पक्ष में दिखाई देता है।
दूसरे टी20 मैच के लिए भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन
संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, नमन धीर, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, मयंक यादव।


















