दूसरे टी20 मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम ने अफगानिस्तान के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 विकेट से जीत दर्ज की और तीन मैचों की इस द्विपक्षीय सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। इस मुकाबले में आक्रामक बल्लेबाजी और धारदार गेंदबाजी का बेहतरीन संतुलन देखने को मिला। लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया के लिए सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और मैदान के चारों तरफ चौके-छक्कों की बरसात कर दी। हालांकि, इस ताबड़तोड़ पारी के बावजूद मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का सम्मान युवा ऑलराउंडर की झोली में गया।
नीतीश कुमार रेड्डी की कसी गेंदबाजी ने पलटा मैच का रुख
अफगानिस्तान की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए बड़े स्कोर की तरफ बढ़ रही थी, लेकिन 23 वर्षीय ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी की अनुशासित गेंदबाजी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। नीतीश ने अपने कोटे के 3 ओवरों में मात्र 24 रन खर्च किए और विपक्षी बल्लेबाजी क्रम की रीढ़ तोड़ दी। उन्होंने विरोधी खेमे के सबसे खतरनाक और जमे हुए बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा।
नीतीश ने क्रीज पर टिक चुके इब्राहिम जादरान, आक्रामक ऑलराउंडर गुलबदीन नायब और निचले क्रम में तेजी से रन बटोरने वाले कप्तान राशिद खान के महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। उनके इस मैच जिताऊ स्पैल के चलते अफगानिस्तान की पूरी पारी 159 रनों पर ही सिमट गई। इसी बहुमूल्य योगदान के चलते उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
चोट से वापसी और तेज गेंदबाजी पर बोले नीतीश
मैच के उपरांत पुरस्कार वितरण के दौरान नीतीश कुमार रेड्डी ने अपनी फिटनेस और खेल में आए बदलावों पर विस्तार से बात की। उन्होंने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बिताए समय का जिक्र करते हुए बताया कि चोट से उबरने के बाद अब उनका शरीर पूरी लय में महसूस कर रहा है।
गेंदबाजी में गति बढ़ाने को लेकर उन्होंने कहा,
"मैं हमेशा दुनिया का सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर बनना चाहता था और इसके लिए अपनी गेंदबाजी में अतिरिक्त गति लाना चाहता था."
नीतीश ने यह भी स्पष्ट किया कि तेज गति के साथ चोट का जोखिम भी बढ़ जाता है, इसलिए वह अपने वर्कलोड और फिटनेस पर विशेष ध्यान दे रहे हैं ताकि लगातार टीम के लिए उपलब्ध रह सकें।
संजू सैमसन की तूफानी फिफ्टी और ऐतिहासिक रिकॉर्ड
लक्ष्य का पीछा करते हुए संजू सैमसन ने शुरुआत से ही अफगान गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। उन्होंने मात्र 20 गेंदों में अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का सबसे तेज अर्धशतक पूरा किया। सैमसन ने 259 से अधिक के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए कुल 22 गेंदों का सामना किया और 57 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 7 चौके और 4 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। साल 2026 में यह उनके बल्ले से निकला चौथा टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक रहा।
अपनी इस पारी के दौरान संजू सैमसन ने एक बड़ा कीर्तिमान भी अपने नाम दर्ज कराया। वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के लिए बतौर सलामी बल्लेबाज 1,000 रन का आंकड़ा छूने वाले पांचवें खिलाड़ी बन गए हैं। इस विशिष्ट सूची में उनसे पहले केवल रोहित शर्मा, केएल राहुल, शिखर धवन और अभिषेक शर्मा ही जगह बना पाए थे। इस धमाकेदार शुरुआत के दम पर भारत ने मुकाबला आसानी से अपने नाम कर लिया।
















