मुंबई की तरफ से खेलते हुए तेज गेंदबाज तुषार देशपांडे ने घरेलू क्रिकेट में एक और खास उपलब्धि अपने नाम कर ली है। रणजी ट्रॉफी के एक मुकाबले में चंडीगढ़ के खिलाफ खेलते हुए इस मीडियम पेसर ने लगातार तीन गेंदों पर तीन विकेट हासिल करके हैट्रिक अपने नाम की। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर मुंबई की टीम मैच में पूरी तरह हावी नजर आ रही है और मुकाबला तीसरे दिन ही समाप्त होने की संभावना जताई जा रही है क्योंकि चंडीगढ़ की टीम को फॉलोऑन खेलना पड़ रहा है।
चंडीगढ़ की पहली पारी सस्ते में सिमटी
मैच के दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक चंडीगढ़ की स्थिति काफी दबाव में थी। मुंबई की पहली पारी के विशाल स्कोर 429 रन के जवाब में चंडीगढ़ की पूरी टीम मात्र 75 रन पर ही ढेर हो गई। इस घातक गेंदबाजी के दौरान तुषार देशपांडे ने अपने फर्स्ट-क्लास करियर में छठी बार एक पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा भी पूरा किया। मुंबई की तरफ से फॉलोऑन मिलने के बाद जब दिन का खेल खत्म हुआ, तब चंडीगढ़ ने अपनी दूसरी पारी में भी बिना कोई रन बनाए एक विकेट गंवा दिया था।
मुंबई के रणजी हैट्रिक लेने वाले अन्य गेंदबाज
तुषार देशपांडे से पहले मुंबई के लिए रणजी ट्रॉफी में हैट्रिक लेने का कारनामा केवल पांच अन्य गेंदबाजों ने किया है। इस विशेष सूची में जहांगीर खोट का नाम शामिल है जिन्होंने 1943–44 में बड़ौदा के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की थी। इसके बाद उमेश कुलकर्णी ने 1963–64 में गुजरात के खिलाफ, अब्दुल इस्माइल ने 1973–74 में सौराष्ट्र के खिलाफ, रॉयस्टन डायस ने 2023–24 में बिहार के खिलाफ और शार्दुल ठाकुर ने 2024–25 में मेघालय के खिलाफ यह कारनामा किया था।
किस तरह पूरी हुई ऐतिहासिक हैट्रिक
तुषार देशपांडे ने अपने 5.3 ओवर के स्पेल के दौरान चंडीगढ़ के बल्लेबाजों को टिकने का कोई मौका नहीं दिया। उन्होंने सबसे पहले अर्जुन आजाद को आउट किया जो शॉर्ट गेंद को पुल करने के प्रयास में थे, लेकिन बल्ले का ऊपरी किनारा लगने के कारण फाइन लेग पर तैनात सिल्वेस्टर डिसूजा के हाथों में कैच थमा बैठे। इसके बाद अगली ही गेंद पर शिवम भाम्बरी प्लेड ऑन होकर पवेलियन लौट गए, और फिर दीपेंद्र कुश को उन्होंने पहली स्लिप में यशस्वी जायसवाल के हाथों कैच आउट कराकर अपनी हैट्रिक पूरी की।
घरेलू क्रिकेट में क्यों इतने खतरनाक हैं तुषार देशपांडे
पिछले कुछ वर्षों के घरेलू क्रिकेट के आंकड़ों पर नजर डालें तो तुषार देशपांडे का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। वह तेजी से घरेलू सर्किट के सबसे प्रभावशाली तेज गेंदबाजों में गिने जाने लगे हैं। उनकी गेंदबाजी शैली में तेज रन-अप, मुश्किल लेंथ पर लगातार गेंद डालना और लगातार विकेट लेने के मौके बनाना शामिल है, साथ ही वह निचले क्रम में बल्लेबाजी से भी टीम में उपयोगी योगदान देते हैं। अपने करियर के शुरुआती दौर में उन्हें आईपीएल के दौरान महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में चेन्नई सुपरकिंग्स की तरफ से खेलने का मौका मिला और उन्होंने अपनी खेल शैली को और बेहतर किया। वर्तमान में वह आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की तरफ से खेलते हैं।





















