क्रिसमस और खेल जगत के लिए एक बेहद दुखद सूचना सामने आई है, जहाँ जिम्बाब्वे क्रिकेट की जानी-मानी हस्ती और पूर्व तेज गेंदबाज सारा डाम्बानेवाना इस दुनिया में नहीं रहीं। हरारे में उनका निधन हो गया और वह केवल 36 साल की थीं। खिलाड़ी के रूप में मैदान पर अपने सफर की शुरुआत करने वाली सारा ने बाद में अंपायरिंग की दुनिया में असाधारण सफलता हासिल की और कई बड़े वैश्विक टूर्नामेंटों में अपनी निष्पक्ष सेवाएं दीं। जिम्बाब्वे क्रिकेट की ओर से जारी किए गए आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई कि सारा को मार्च के महीने में एक मेडिकल प्रक्रिया से गुजरना पड़ा था, जिसके बाद से वह लगातार अस्पताल में भर्ती थीं और वहीं उनका इलाज चल रहा था। हालांकि, उनके असामयिक निधन की असली वजह को लेकर कोई विस्तृत या स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इस दुखद घटना के बीच, NPL T20 ब्लॉस्ट मुकाबलों के शुरू होने से पहले दिवंगत सारा डाम्बानेवाना की याद में एक मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
अंपायरिंग की दुनिया में बनाए कई बड़े कीर्तिमान
सारा डाम्बानेवाना के अंतरराष्ट्रीय अंपायरिंग करियर की शुरुआत 2 सितंबर 2023 को हुई थी। इसके बाद उन्होंने अपनी प्रतिभा के दम पर महिला T20 वर्ल्ड कप 2024 में संयुक्त अरब अमीरात के मैदानों पर और महिला ODI वर्ल्ड कप 2025 में भारत तथा श्रीलंका में अंपायर की जिम्मेदारी निभाई। साल 2025 के महिला ODI वर्ल्ड कप के दौरान वह उस ऐतिहासिक पैनल का हिस्सा थीं जो टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार पूरी तरह से महिला अंपायरों से मिलकर बना था।
इससे पहले के सफर को देखें तो सारा ने साउथ अफ्रीका की मेजबानी में खेले गए 2023 अंडर-19 महिला T20 वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में भारत और इंग्लैंड के बीच अंपायर की भूमिका बखूबी निभाई थी। इस मुकाबले के साथ ही वह किसी भी वर्ल्ड कप के खिताबी मुकाबले में अंपायरिंग करने वाली जिम्बाब्वे देश की पहली महिला अंपायर बनने का गौरव हासिल कर चुकी थीं। यह उपलब्धि उनके देश के संपूर्ण क्रिकेट इतिहास में एक अत्यंत विशिष्ट स्थान रखती है।
खेल के मैदान पर खिलाड़ी से लेकर अंपायर तक का सफर
अपने पूरे अंतरराष्ट्रीय अंपायरिंग करियर के दौरान सारा ने कुल 63 मुकाबलों में आधिकारिक रूप से अपनी सेवाएं दीं। इन मैचों में 42 महिला T20I, 11 महिला ODI और 10 पुरुष T20I मुकाबले शामिल रहे। इसके अलावा उन्होंने घरेलू स्तर के विभिन्न मुकाबलों और कई अंतरराष्ट्रीय युवा टूर्नामेंटों में भी अंपायरिंग का जिम्मा संभाला। उनकी कार्यकुशलता को देखते हुए वर्ष 2022 में उन्हें ICC के अंपायर डेवलपमेंट पैनल में शामिल कर लिया गया था। अंपायर की कैप पहनने से पहले सारा ने एक खिलाड़ी के रूप में जिम्बाब्वे के लिए क्रिकेट खेला था। वह वर्ष 2009 से 2014 तक देश की राष्ट्रीय टीम का अहम हिस्सा बनी रहीं और 2011 में आयोजित वर्ल्ड कप क्वालीफायर टूर्नामेंट में भी जिम्बाब्वे का प्रतिनिधित्व किया था।
जिम्बाब्वे क्रिकेट के अध्यक्ष तवेंगवा मुकुहलानी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि जिम्बाब्वे क्रिकेट के लिए यह बड़ी क्षति है। उनके निधन पर जिम्बाब्वे क्रिकेट ने X पर लिखा कि सारा ने पहले एक खिलाड़ी के तौर पर और बाद में बेहतरीन अंपायर के रूप में देश की शानदार सेवा की।





















