भारतीय महिला क्रिकेट टीम की आक्रामक सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में एक नया इतिहास रच दिया है। जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मुकाबलों की टी20 अंतरराष्ट्रीय द्विपक्षीय सीरीज के दूसरे मैच में उतरते ही इस 22 वर्षीय बल्लेबाज ने अपने स्वाभाविक अंदाज में चौकों और छक्कों की बरसात कर दी। इस मुकाबले में उन्होंने महज 25 गेंदों पर 55 रनों की तेजतर्रार पारी खेलकर न केवल भारत की एकतरफा जीत तय की, बल्कि एक ही कैलेंडर वर्ष में महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में सर्वाधिक पचास या उससे अधिक रन बनाने का विश्व कीर्तिमान भी अपने नाम दर्ज कर लिया।
रायपुर के मैदान पर जिम्बाब्वे की पारी और भारतीय गेंदबाजों का शिकंजा
इस मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की महिला टीम भारतीय गेंदबाजों की सटीक लाइन और लेंथ के आगे पूरी तरह बेबस दिखाई दी। भारतीय गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे के किसी भी बल्लेबाज को क्रीज पर जमने का मौका नहीं दिया। लगातार अंतराल पर विकेट गिरने के कारण विपक्षी टीम निर्धारित ओवरों में बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही। जिम्बाब्वे की टीम अंततः भारतीय टीम के सामने जीत के लिए केवल 103 रनों का आसान सा लक्ष्य ही रख सकी। रायपुर की पिच पर इतने छोटे स्कोर का बचाव करना किसी भी गेंदबाजी आक्रमण के लिए नामुमकिन माना जा रहा था, और भारतीय पारी की शुरुआत होते ही यह बात पूरी तरह सच साबित हुई।
शेफाली की 25 गेंदों में 55 रनों की आंधी और सीरीज में अजेय बढ़त
लक्ष्य का पीछा करने मैदान पर उतरीं भारतीय ओपनर शेफाली वर्मा ने पहले ही ओवर से आक्रामक रुख अपना लिया। उन्होंने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को कोई राहत नहीं दी और मैदान के हर कोने में आकर्षक शॉट खेले। 22 वर्षीय इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी ने केवल 25 गेंदों का सामना किया और 55 रन जड़ दिए। इस आतिशी पारी में उनके बल्ले से छह दर्शनीय चौके और चार गगनचुंबी छक्के देखने को मिले। शेफाली के इस हमले की बदौलत भारत ने बेहद कम ओवरों में ही 103 रनों का लक्ष्य बिना किसी परेशानी के हासिल कर लिया। इस शानदार जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने तीन मैचों की इस टी20 सीरीज में 2-0 की निर्णायक और अजेय बढ़त हासिल कर ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
स्मृति मंधाना का रिकॉर्ड टूटा, शीर्ष पर पहुंचीं शेफाली वर्मा
रायपुर में खेली गई यह पारी केवल एक सामान्य अर्धशतक नहीं थी, बल्कि इसने एक कैलेंडर वर्ष में सबसे अधिक बार पचास से अधिक का स्कोर बनाने के विश्व रिकॉर्ड को भी नए सिरे से परिभाषित किया। साल 2026 में यह शेफाली वर्मा का कुल नौवां मौका था जब उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 50 या उससे अधिक का स्कोर बनाया। इसके साथ ही उन्होंने अपनी ही सीनियर साथी खिलाड़ी स्मृति मंधाना को पीछे छोड़ दिया। स्मृति मंधाना ने साल 2024 में महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल आठ बार 50 या उससे अधिक रनों की पारियां खेलकर यह रिकॉर्ड अपने नाम किया था। अब नौवीं बार यह कारनामा करके शेफाली विश्व क्रिकेट की इस विशिष्ट सूची में अकेले शीर्ष स्थान पर काबिज हो गई हैं।
मिताली राज और नताशा माइल्स की संयुक्त मौजूदगी
इस सर्वकालिक सूची पर नजर डाली जाए तो भारतीय महिला बल्लेबाजों का दबदबा पूरी तरह साफ नजर आता है। शेफाली वर्मा नौ पचास-प्लस स्कोर के साथ पहले स्थान पर हैं, जबकि स्मृति मंधाना आठ ऐसे स्कोर के साथ दूसरे पायदान पर मौजूद हैं। सूची में संयुक्त रूप से तीसरा स्थान भारत की पूर्व दिग्गज बल्लेबाज मिताली राज और हांगकांग की नताशा माइल्स के नाम दर्ज है। मिताली राज ने साल 2018 के दौरान शानदार खेल दिखाते हुए सात बार पचास से अधिक रन बनाए थे। वहीं हांगकांग की नताशा माइल्स ने भी साल 2026 के दौरान ही सात बार 50 या उससे अधिक का स्कोर बनाकर इस सूची में तीसरा स्थान साझा किया है। नताशा के लिए यह साल अभी समाप्त नहीं हुआ है और वह इस वर्ष और मुकाबले खेलने जा रही हैं।
साल 2026 में रनों का अंबार और एशियाई खेलों का शतक
शेफाली वर्मा के अंतरराष्ट्रीय करियर के लिहाज से साल 2026 सबसे बेहतरीन और मील का पत्थर साबित हो रहा है। उन्होंने केवल सामान्य द्विपक्षीय मुकाबलों में ही नहीं, बल्कि बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में भी असाधारण निरंतरता का परिचय दिया है। इस कैलेंडर वर्ष में अब तक शेफाली टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल 922 रन बना चुकी हैं, जो किसी भी महिला क्रिकेटर द्वारा एक कैलेंडर वर्ष में बनाए गए सर्वाधिक रन हैं। इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत लगभग 38.41 का रहा है। साल 2026 में उन्होंने नौ पचास-प्लस स्कोर बनाने के अलावा एशियाई खेल 2026 के दौरान एक यादगार शतकीय पारी भी खेली थी, जिसने उन्हें विश्व की सबसे खतरनाक बल्लेबाजों की कतार में सबसे आगे लाकर खड़ा कर दिया है।



















