संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा की योजना बना रहे भारतीय नागरिकों के लिए एक अहम परामर्श सामने आया है। खाड़ी देश की उड़ान भरने से पहले अब यात्रियों को अपने पास पर्याप्त और व्यापक स्वास्थ्य बीमा रखने की हिदायत दी गई है। विदेश में अचानक तबीयत बिगड़ने या किसी अप्रत्याशित मेडिकल संकट के दौरान प्रवासियों और पर्यटकों को आने वाली भारी वित्तीय दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
भारी अस्पताल खर्च और अचानक पैदा होने वाली परेशानियां
दुबई स्थित भारतीय राजनयिक मिशन के संज्ञान में ऐसे कई मामले आए हैं जहां भारतीय यात्रियों को गंभीर बीमारी अथवा दुर्घटना की स्थिति में लाखों रुपये के बिल भरने पड़े। संयुक्त अरब अमीरात में स्वास्थ्य सेवाएं विश्वस्तरीय हैं, लेकिन बिना बीमा के वहां अस्पताल में भर्ती होना और उपचार कराना बेहद महंगा साबित होता है। कई मौकों पर मरीजों के परिवारों को इलाज का खर्च जुटाने के लिए भारी कर्ज लेना पड़ता है या चंदा इकट्ठा करना पड़ता है। इसी संकट से बचाने के लिए मुसाफिरों को यात्रा से पूर्व ही सुरक्षा कवच तैयार रखने को कहा गया है।
बीमा पॉलिसी में किन बातों का ध्यान रखना जरूरी
जारी किए गए दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि केवल नाम मात्र का साधारण बीमा लेना ही पर्याप्त नहीं होगा। यात्रियों को ऐसी पॉलिसी चुनने की सलाह दी गई है जिसमें अस्पताल में भर्ती होते ही कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध हो, ताकि मौके पर तुरंत बड़ी रकम न चुकानी पड़े। इसके साथ ही पॉलिसी में आपातकालीन चिकित्सा निकासी और जरूरत पड़ने पर मरीज को हवाई मार्ग से सुरक्षित भारत वापस लाने का पूरा खर्च भी शामिल होना चाहिए।
सुरक्षा प्रोटोकॉल और पूर्व परामर्शों का संदर्भ
पश्चिम एशिया के बदलते घटनाक्रम और क्षेत्रीय परिस्थितियों के मद्देनजर भारतीय मिशन समय-समय पर अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश जारी करता रहा है। इससे पहले भी क्षेत्र में उत्पन्न तनावपूर्ण हालातों के दौरान वहां रहने वाले और आने-जाने वाले भारतीयों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने तथा स्थानीय नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई थी। अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य बीमा का यह नया परामर्श यात्रियों के सफर को सुरक्षित और तनावमुक्त बनाने के उद्देश्य से दिया गया है।






















