क्रिकेट के मैदान पर हुनर कभी पैसे या पहुंच का मोहताज नहीं रहा. जरूरत होती है तो बस एक सही मौके और सही मार्गदर्शन की. उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जिला आज इसी सोच को जमीन पर उतार कर देश के खेल नक्शे पर अपनी अलग पहचान बना रहा है. इस बदलाव की सबसे बड़ी कड़ी है ‘सहारनपुर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन’ (SDCA), जो आर्थिक तंगी और संसाधनों की कमी से जूझ रहे बच्चों के लिए किसी सहारे से कम नहीं. इसी संस्था की मेहनत का असर है कि शहर की तंग गलियों से निकले युवा अब बल्ले और गेंद के दम पर IPL और इंडिया अंडर-19 जैसी टीमों तक पहुंच रहे हैं.
2014 में पड़ी थी इस बदलाव की नींव
सहारनपुर में क्रिकेट की इस मुहिम की शुरुआत साल 2014 में हुई थी. संस्था बनाने के पीछे सोच साफ थी कि पैसों की कमी की वजह से किसी होनहार बच्चे का क्रिकेटर बनने का सपना अधूरा न रह जाए. इसी मकसद के साथ एसोसिएशन ने गांवों और पिछड़े इलाकों में छिपी प्रतिभाओं को तलाशना और उन्हें निखारना शुरू कर दिया. आज इसी कोशिश का नतीजा कई कामयाब चेहरों की शक्ल में सामने है.
मैदान से निकले वो नाम जिन्होंने रचा इतिहास
प्रशांत वीर: हाल ही में हुए IPL ऑक्शन में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने जिस सबसे महंगे और अहम विकेटकीपर-बल्लेबाज को अपनी टीम में जगह दी, वो प्रशांत वीर इसी एसोसिएशन की पिच पर दौड़ते हुए क्रिकेट की एबीसीडी सीखकर आगे बढ़े.
मोहम्मद अमन (पूर्व अंडर-19 कप्तान): बेहद गरीब और साधनहीन परिवार से होने के बावजूद मोहम्मद अमन ने अपनी मेहनत और एसोसिएशन के साथ के बल पर भारतीय अंडर-19 टीम की कप्तानी का गौरव हासिल किया.
गरीब बच्चों को गोद ले रही एसोसिएशन
जिन बच्चों के माता-पिता महंगी किट, जूते या कोचिंग की फीस का बोझ नहीं उठा सकते, उन्हें यह डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन पूरी तरह अपना लेती है. ऐसे बच्चों को विश्वस्तरीय ट्रेनिंग, आधुनिक उपकरण और टूर्नामेंट खेलने तक का खर्च बिल्कुल मुफ्त मुहैया कराया जाता है, ताकि उनके हुनर को रुकने का कोई बहाना न मिले.
बड़े महानगरों को टक्कर देता इंफ्रास्ट्रक्चर
सहारनपुर का खेल ढांचा भी अब किसी बड़े शहर से कम नहीं रहा. यहां एक चमचमाता नेशनल स्तर का क्रिकेट स्टेडियम और कई हाई-टेक ग्राउंड बनकर तैयार हैं. हालत यह है कि रणजी, अंडर-19 और IPL तक खेलने वाले बड़े खिलाड़ी भी नेट प्रैक्टिस के लिए यहीं पहुंचते हैं.
नए पदाधिकारियों का बड़ा ऐलान
हाल ही में सहारनपुर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन ने अपने नए पदाधिकारियों की टीम का औपचारिक ऐलान किया. कुर्सी संभालते ही इन युवा पदाधिकारियों ने जिले के नए खिलाड़ियों के लिए बड़ी घोषणा कर दी. इसके मुताबिक, जो भी बच्चा क्रिकेट खेलना चाहता है मगर उसके पास आर्थिक साधन नहीं हैं, उसके लिए एसोसिएशन के दरवाजे हमेशा खुले रहेंगे. ऐसे बच्चों की ट्रेनिंग, ग्राउंड फीस, किट और रहने-खाने तक की पूरी व्यवस्था निशुल्क रहेगी, ताकि वे किसी मानसिक और आर्थिक दबाव के बिना देश का नाम रोशन करने का अपना सपना पूरा कर सकें.













