आयरलैंड के खिलाफ पहले मुकाबले में भारतीय टीम की हार के बाद क्रिकेट प्रेमियों के बीच बहस तेज हो गई है। खेल के जानकारों और प्रशंसकों का मानना है कि यदि इस मुकाबले में युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में मौका दिया जाता, तो मैच का नतीजा कुछ और हो सकता था। इस चर्चा के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व मुख्य चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर ने भी इस युवा बल्लेबाज का खुलकर समर्थन किया है। अस्सी के दशक में भारतीय टीम की कप्तानी संभालने वाले इस दिग्गज खिलाड़ी का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के लिए लंबी रेस के घोड़े साबित हो सकते हैं।
युवा प्रतिभा को मिला पूर्व दिग्गज का मजबूत साथ
वर्ष 2006 से 2008 के बीच चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में काम कर चुके दिलीप वेंगसरकर से जब यह सवाल किया गया कि क्या वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड के खिलाफ आगामी T20I सीरीज में भारतीय टीम का हिस्सा होना चाहिए, तो उन्होंने इस युवा खिलाड़ी की जमकर सराहना की। भारत के लिए 116 टेस्ट मैच और 129 वनडे (ODI) मुकाबले खेल चुके दिलीप वेंगसरकर ने कहा कि वैभव एक बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं जिन्होंने T20 प्रारूप में शानदार खेल दिखाया है।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस युवा बल्लेबाज में टेस्ट क्रिकेट में भी बेहतर प्रदर्शन करने की पूरी क्षमता है। हालांकि, दिलीप वेंगसरकर ने यह भी स्पष्ट किया कि लंबे फॉर्मेट में उनके प्रदर्शन को करीब से देखना बेहद जरूरी होगा। उन्होंने आधुनिक कोचिंग और अपने समय की बल्लेबाजी शैलियों की तुलना करते हुए कहा कि जब वे क्रिकेट सीख रहे थे, तब बल्लेबाजों को केवल 'V' में खेलने और गेंद को जमीन पर रखने की सलाह दी जाती थी। लेकिन आज के दौर में विभिन्न प्रारूपों के चलते खिलाड़ियों को एक अलग दृष्टिकोण के साथ तैयार किया जाता है।
जब विराट कोहली के लिए भिड़ गए थे दिलीप वेंगसरकर
दिलीप वेंगसरकर की ओर से वैभव सूर्यवंशी का समर्थन करना उनके पुराने कड़े और साहसिक फैसलों की याद दिलाता है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारतीय क्रिकेट में कई क्रांतिकारी बदलाव किए थे। यह दिलीप वेंगसरकर ही थे जिन्होंने युवा विराट कोहली को टीम इंडिया में शामिल करने के लिए चयन समिति के भीतर बड़ा मोर्चा खोल दिया था, जिसके चलते बाद में उन्हें मुख्य चयनकर्ता के पद से भी हटना पड़ा था। वर्ष 2006 से 2008 के बीच उनके कार्यकाल में भारतीय क्रिकेट बदलाव के एक बड़े दौर से गुजर रहा था, जहां उन्होंने घरेलू स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले युवाओं को सीनियर टीम में जगह देकर टेस्ट और ODI टीम की तस्वीर बदल दी थी।
बेलफास्ट में कब मिलेगा डेब्यू का मौका?
क्रिकेट के गलियारों में अब सबसे बड़ा सवाल यही तैर रहा है कि इस 15 साल के उभरते हुए बल्लेबाज को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका कब मिलेगा। आयरलैंड के खिलाफ पहले मैच में वैभव सूर्यवंशी को मैदान पर उतरने का अवसर नहीं मिल सका, जिसके बाद टीम प्रबंधन की रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं। श्रृंखला का दूसरा मुकाबला 28 जून को रविवार के दिन बेलफास्ट के उसी मैदान पर खेला जाना है, जहां भारतीय टीम को पहले मैच में 34 रनों से शिकस्त झेलनी पड़ी थी। यदि इस मुकाबले में भी वैभव को मौका नहीं मिलता है, तो उनके पास 1 जुलाई से शुरू होने जा रही पांच मैचों की T20 सीरीज में अपनी प्रतिभा साबित करने का बेहतरीन अवसर रहेगा।













