भारतीय क्रिकेट टीम के श्रीलंका दौरे के तहत खेली जाने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले प्लेइंग इलेवन के चयन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज दीप दासगुप्ता ने इस आगामी लाल गेंद की श्रृंखला में भारत की अंतिम एकादश में कलाई के चतुर स्पिनर कुलदीप यादव को शामिल करने की जोरदार वकालत की है। दासगुप्ता का मानना है कि श्रीलंकाई उपमहाद्वीपीय परिस्थितियां स्पिन गेंदबाजों के लिए बेहद अनुकूल मानी जाती हैं और ऐसे में कुलदीप यादव की भूमिका भारतीय टीम के आक्रमण में निर्णायक साबित हो सकती है। यह टेस्ट सीरीज भारतीय टीम के लिए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
श्रीलंका दौरे का शेड्यूल और पिच का मिजाज
भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का आगाज 14 अगस्त से होने जा रहा है। पहला मुकाबला 14 से 18 अगस्त के दौरान गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। गॉल की पिच पारंपरिक रूप से स्पिनरों की मददगार रही है और मैच आगे बढ़ने के साथ यहां फिरकी गेंदबाजों की भूमिका और अधिक अहम हो जाती है। इसके बाद सीरीज का दूसरा और अंतिम टेस्ट मैच 22 से 26 अगस्त तक कोलंबो के ऐतिहासिक सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर आयोजित होगा। दोनों ही मुकाबले भारतीय टीम के लिए अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने के दृष्टिकोण से बेहद अहम हैं।
टीम चयन पर दीप दासगुप्ता का नजरिया
दीप दासगुप्ता ने टीम संयोजन का विश्लेषण करते हुए बताया कि चयनकर्ताओं ने श्रीलंकाई परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित टीम चुनी है। उन्होंने कहा कि टीम में तेज गेंदबाजों की संख्या सीमित रखी गई है जबकि स्पिनरों पर अधिक भरोसा जताया गया है। दासगुप्ता के अनुसार श्रीलंकाई मैदानों पर टेस्ट मैचों में पहले भी ऐसा देखा गया है कि परिस्थितियां चार स्पिनरों को एक साथ खिलाने के अनुकूल हो जाती हैं। अतिरिक्त स्पिनरों को टीम में शामिल करना पूरी तरह से परिस्थितियों की मांग और उम्मीदों के मुताबिक है।
वॉशिंगटन सुंदर की चोट और टीम का समीकरण
दासगुप्ता ने वॉशिंगटन सुंदर की अनुपस्थिति पर भी अपना मत व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि वॉशिंगटन सुंदर चोटिल न होते तो वह इस दौरे पर मुख्य पसंदीदा स्पिनर के रूप में टीम का हिस्सा होते। सुंदर की चोट के कारण टीम प्रबंधन को अन्य विकल्पों की ओर देखना पड़ा। हालांकि दासगुप्ता का मानना है कि वर्तमान में चुनी गई टीम में कोई बड़ा नाम छूटा नहीं है और उपलब्ध खिलाड़ियों में से सर्वश्रेष्ठ संयोजन तैयार किया गया है।
अंतिम एकादश में तीन स्पिनर और कुलदीप की दावेदारी
प्लेइंग इलेवन की रणनीति पर चर्चा करते हुए पूर्व क्रिकेटर ने जोर देकर कहा कि भारतीय टीम को निश्चित रूप से तीन स्पिनरों के साथ मैदान पर उतरना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुलदीप यादव को प्लेइंग इलेवन में हर हाल में जगह मिलनी चाहिए। कुलदीप यादव इस समय इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट का हिस्सा हैं और यॉर्कशायर टीम के लिए वनडे कप में भाग ले रहे हैं। इंग्लैंड की परिस्थितियों में मैच प्रैक्टिस हासिल करने के बाद वह श्रीलंका दौरे पर तरोताजा होकर उतरेंगे।
टेस्ट क्रिकेट में कुलदीप यादव का शानदार रिकॉर्ड
वर्ष 2017 में अंतरराष्ट्रीय टेस्ट डेब्यू करने के बाद से कुलदीप यादव को भारतीय टीम में ज्यादा नियमित मौके नहीं मिल सके हैं। उन्होंने अब तक खेले गए अपने करियर में महज 18 टेस्ट मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। हालांकि इन कम मौकों में भी उनका प्रदर्शन बेहद प्रभावी रहा है। कुलदीप यादव ने 18 टेस्ट मैचों में कुल 79 विकेट हासिल किए हैं। इस दौरान उन्होंने 5 बार एक पारी में 5 या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा भी दर्ज किया है। हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज में कुलदीप को खेलने का मौका नहीं मिला था जिसको लेकर क्रिकेट विशेषज्ञों ने सवाल उठाए थे। अब श्रीलंका की स्पिन-फ्रेंडली पिचों पर उनका अनुभव और फिरकी का जादू भारत के लिए जीत की चाबी बन सकता है।



















