भारत और श्रीलंका के बीच खेली जा रही टेस्ट सीरीज के दूसरे मुकाबले को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद काफी सख्त रवैया अपनाए हुए है। सीरीज के इस चरण में अनुशासनात्मक कार्रवाई का दौर लगातार जारी है। कुछ ही समय पहले आईसीसी ने भारतीय बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो पर मैच फीस का जुर्माना लगाया था। अब इस कड़ी में श्रीलंका के एक और खिलाड़ी को आधिकारिक रूप से फटकार का सामना करना पड़ा है। इस बार श्रीलंकाई स्पिनर प्रभात जयसूर्या आईसीसी की अनुशासन संहिता के दायरे में आए हैं।
मैच के दूसरे दिन शाम को आउट हुए थे प्रभात जयसूर्या
श्रीलंकाई स्पिन गेंदबाज प्रभात जयसूर्या को आईसीसी की ओर से कड़ी फटकार दी गई है। प्रभात जयसूर्या को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के प्लेयर्स और प्लेयर सपोर्ट स्टाफ के लिए निर्धारित कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.2 का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया है। यह विशिष्ट नियम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के दौरान क्रिकेट के साजो-सामान या कपड़ों, मैदान के उपकरणों या फिर फिक्सचर्स और फिटिंग्स के गलत या अनुचित इस्तेमाल से जुड़ा हुआ मामला है। इस कार्रवाई के तहत उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में आधिकारिक रूप से एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ा गया है।
बाउंड्री पर गुस्से में आकर प्रभात ने दे मारा था बल्ला
घटना की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो सोमवार की शाम को श्रीलंकाई टीम अपनी दूसरी पारी में बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरी थी। पारी की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम का पहला विकेट मात्र दूसरे ओवर में ही गिर गया, उस समय टीम का कुल स्कोर बोर्ड पर केवल एक रन दर्ज था। सलामी बल्लेबाज लाहिरु उदारा केवल एक रन का योगदान दे पाए थे, जिन्हें प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर यशस्वी जायसवाल ने कैच आउट कर पवेलियन का रास्ता दिखाया था। आमतौर पर प्रभात जयसूर्या बल्लेबाजी क्रम में काफी नीचे उतरते हैं, लेकिन उस समय दिन का खेल समाप्त होने में बहुत कम समय बचा हुआ था। इसी वजह से टीम प्रबंधन ने एक नाइटवॉचमैन के रूप में प्रभात जयसूर्या को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए मैदान पर भेजा था, लेकिन उनकी यह पारी भी असफल साबित हुई और वे भी आउट हो गए।
प्रभात ने स्वीकार की अपनी गलती, आगे की सुनवाई टली
नाइटवॉचमैन की भूमिका निभाने आए प्रभात जयसूर्या सात गेंदों का सामना करने के बाद मात्र दो रन बनाकर आउट हो गए। उन्हें भारतीय गेंदबाज मानव सुथार ने अपना शिकार बनाया। जैसे ही उनका यह विकेट गिरा, उसी के साथ उस दिन का खेल भी समाप्त घोषित कर दिया गया। जब प्रभात जयसूर्या आउट होने के बाद निराश होकर मैदान से वापस पवेलियन लौट रहे थे, तब उन्होंने गुस्से में आकर अपने बल्ले से बाउंड्री वेजज पर प्रहार कर दिया था। खेल के नियमों के लिहाज से इस तरह का आचरण पूरी तरह से गलत माना जाता है। इसी आचरण को संज्ञान में लेते हुए आईसीसी ने इस सजा की घोषणा की है। राहत की बात यह रही कि प्रभात जयसूर्या ने अपनी गलती तुरंत स्वीकार कर ली, जिसके चलते अब इस मामले में आगे किसी अतिरिक्त सुनवाई की कोई आवश्यकता नहीं बची है।
यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो पहले ही हो चुके हैं दंडित
इस मुकाबले से जुड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाइयों के इतिहास को देखें तो इससे पहले यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो को भी मैदान पर हुई आपसी भिड़ंत के लिए आईसीसी द्वारा सजा सुनाई जा चुकी है। दरअसल, मैच के 17वें ओवर में जब युवा भारतीय बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल आउट होकर लौट रहे थे, तब असिथा फर्नांडो ने उनकी तरफ कुछ तीखे शब्द कहे थे, जिसके बाद दोनों खिलाड़ी आपस में भिड़ गए थे। श्रीलंकाई तेज गेंदबाज फर्नांडो ने आक्रामक अंदाज में अपना सिर यशस्वी की तरफ बढ़ाया था, जिसके जवाब में यशस्वी भी झुक गए थे और दोनों खिलाड़ियों के सिर आपस में टकरा गए थे। हालांकि वह गरमागरम विवाद का मामला अब पूरी तरह से रफादफा हो चुका है, लेकिन मौजूदा टेस्ट मैच में अनुशासनहीनता की घटनाएं लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं।



















