श्रीलंका के महत्वपूर्ण दौरे से ठीक पहले भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के कोचिंग ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मुख्य कोच गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में काम कर रहे दो प्रमुख सदस्य, असिस्टेंट कोच रेयान टैन डोशेट और फील्डिंग कोच टी. दिलीप अब राष्ट्रीय टीम की जिम्मेदारियों से अलग हो गए हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने पुष्टि की है कि दोनों सहायकों का कार्यकाल पूरा होने के बाद उनके अनुबंध को आगे न बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इस प्रशासनिक फेरबदल के तुरंत बाद बोर्ड ने सुभादीप घोष को भारतीय टीम का नया फील्डिंग कोच नियुक्त किया है, जो 15 अगस्त से शुरू हो रही आगामी 2 टेस्ट मैचों की श्रृंखला से इस भूमिका को संभालेंगे।
अनुबंध समाप्ति और श्रीलंका दौरे से पहले फेरबदल की वजह
क्रिकेट बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया कि दोनों प्रशिक्षकों का प्रस्थान उनके अनुबंध की अवधि समाप्त होने से जुड़ा हुआ है। आंकड़ों के अनुसार टी. दिलीप साल 2021 से लगातार भारतीय टीम के साथ फील्डिंग कोच के रूप में सेवाएं दे रहे थे और उनका अनुबंध 8 जून को समाप्त हो गया था। वहीं नीदरलैंड्स के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर रेयान टैन डोशेट का कार्यकाल 10 जून को खत्म हुआ था। आगामी श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टीम के रवाना होने की तारीख 4 अगस्त तय की गई है। एक दशक के लंबे अंतराल के बाद भारतीय टीम श्रीलंका की धरती पर 2 मैचों की टेस्ट श्रृंखला खेलने जा रही है। यह दौरा आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) की तालिका में अंक अर्जित करने के दृष्टिकोण से भारतीय टीम के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
खराब प्रदर्शन का असर और कोचिंग स्टाफ का आंतरिक समीकरण
इस बड़े फैसले के पीछे टीम के हालिया प्रदर्शन से जुड़े सवाल भी उठाए जा रहे हैं। यद्यपि रेयान टैन डोशेट को आधिकारिक रूप से असिस्टेंट कोच का पद दिया गया था, परंतु उनका मुख्य कार्य सितांशु कोटक के साथ मिलकर बल्लेबाजी विभाग को मजबूती देना था। इसके अतिरिक्त वे फील्डिंग सत्रों में भी टी. दिलीप का सहयोग करते थे। ड्रेसिंग रूम में रेयान टैन डोशेट की छवि एक ऐसे सहयोगी की थी, जिनसे खिलाड़ी बिना किसी संकोच के अपनी तकनीकी और मानसिक समस्याएं साझा कर लेते थे, विशेषकर वे बातें जिन्हें सीधे मुख्य कोच गौतम गंभीर के सामने रखने में खिलाड़ी झिझकते थे। हालांकि हाल के दौर में टीम की बल्लेबाजी में अनिरंतरता और मैदान पर कैच छोड़ने जैसी कमजोरियों की वजह से कोचिंग ग्रुप की रणनीतियों की समीक्षा की जा रही थी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।
कोलकाता नाइटराइडर्स में नई भूमिका और मोर्ने मोर्केल का भविष्य
भारतीय टीम से अलग होने के तुरंत बाद रेयान टैन डोशेट को आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) में नई जिम्मेदारी सौंप दी गई है। उल्लेखनीय है कि 2024 के मध्य में जब गौतम गंभीर ने भारतीय टीम के मुख्य कोच का पदभार संभाला था, तब वे केकेआर के सफल कोचिंग दल से रेयान टैन डोशेट को अपने साथ राष्ट्रीय टीम में लाए थे। केकेआर में गौतम गंभीर की कोर कोचिंग टीम ने लंबे अरसे बाद आईपीएल ट्रॉफी जीती थी। अब केकेआर में वे अपने पुराने साथी अभिषेक नायर के साथ काम करेंगे, जो वहां मुख्य कोच की भूमिका निभा रहे हैं। गौरतलब है कि 2024-25 की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में टीम इंडिया के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद अभिषेक नायर को भारतीय टीम के असिस्टेंट कोच पद से मुक्त कर दिया गया था और उनकी जगह सितांशु कोटक को शामिल किया गया था। दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज मोर्ने मोर्केल भारतीय टीम के साथ बतौर तेज गेंदबाजी कोच बने रहेंगे। क्रिकेट प्रबंधन का मानना है कि दक्षिण अफ्रीका में आयोजित होने वाले आगामी 50 ओवर के विश्व कप में मोर्केल का स्थानीय अनुभव टीम के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा, इसलिए उनका अनुबंध बढ़ा दिया गया है।
गौतम गंभीर का नया सपोर्ट स्टाफ और आगामी टेस्ट चुनौती
आगामी श्रीलंका दौरे पर गौतम गंभीर के नेतृत्व वाला पूरा कोचिंग स्टाफ अब पूरी तरह व्यवस्थित हो चुका है। मुख्य कोच के रूप में गौतम गंभीर पूरी रणनीति की कमान संभालेंगे, जबकि सितांशु कोटक बल्लेबाजी कोच का दायित्व निभाएंगे। तेज गेंदबाजी विभाग की जिम्मेदारी मोर्ने मोर्केल के पास रहेगी और साईराज बहुतुले स्पिन गेंदबाजी प्रशिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं जारी रखेंगे। टीम के प्रदर्शन का विश्लेषण करने के लिए हरि प्रसाद मोहन बतौर डेटा एनालिस्ट दल का हिस्सा बने रहेंगे। सुभादीप घोष के जुड़ने से फील्डिंग विभाग को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। 4 अगस्त को श्रीलंका रवाना होने के बाद भारतीय टीम 15 अगस्त से मैदान में उतरेगी, जहां 2 टेस्ट मैचों की यह श्रृंखला वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में बढ़त बनाने के लिहाज से निर्णायक होगी।



















