श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला का पहला मुकाबला जीतकर भारतीय टीम ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को नया जीवन दिया है। इस शानदार जीत से भारतीय टीम का अंक प्रतिशत (PCT) बढ़ा है और फाइनल में प्रवेश की दावेदारी पहले से कहीं अधिक मजबूत हो गई है। हालांकि खिताबी मुकाबले तक का सफर अभी भी आसान नहीं है। क्रिकेट प्रेमियों के मन में यह सवाल लगातार तैर रहा है कि टीम इंडिया को फाइनल का टिकट हासिल करने के लिए कितना पीसीटी हासिल करना होगा और इस मौजूदा चक्र में टीम को आगे किन देशों के खिलाफ कितने टेस्ट मैच खेलने हैं।
अंक प्रतिशत में उछाल के बावजूद पांचवें स्थान पर बरकरार है भारत
श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में उतरने से पहले भारतीय टीम का पीसीटी 48.15 दर्ज किया गया था। मैच में धमाकेदार जीत दर्ज करने के बाद टीम का पीसीटी बढ़कर 53.33 हो गया है। इसके बावजूद डब्ल्यूटीसी अंक तालिका में भारतीय टीम फिलहाल पांचवें पायदान पर ही बनी हुई है। पिछले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्रों के आंकड़े बताते हैं कि फाइनल में पहुंचने वाली शीर्ष दो टीमों का पीसीटी हमेशा 60 से अधिक रहा है। मिसाल के तौर पर पिछले डब्ल्यूटीसी फाइनल में जगह बनाने वाली साउथ अफ्रीका की टीम का पीसीटी 69.44 था, जबकि उपविजेता ऑस्ट्रेलिया का पीसीटी 67.54 रहा था। ऐसे में भारतीय टीम को 60 से अधिक का सुरक्षित आंकड़ा छूने के लिए अभी काफी मेहनत करनी होगी।
फाइनल का गणित: बचे हुए 8 मैचों में कितने मुकाबलों में जीत जरूरी?
भारतीय टीम को मौजूदा डब्ल्यूटीसी चक्र में अभी कुल आठ और टेस्ट मैच खेलने हैं, जिसमें श्रीलंका के खिलाफ जारी श्रृंखला का दूसरा व अंतिम मैच भी शामिल है। फाइनल में जगह पक्की करने के लिए भारत को इन बचे हुए 8 मुकाबलों में से कम से कम पांच से छह मैचों में जीत हासिल करनी होगी। यदि टीम इंडिया पांच मैच जीतने में सफल रहती है और दो मैच ड्रॉ पर समाप्त होते हैं, तो भारत का पीसीटी इतना पर्याप्त हो जाएगा कि वह फाइनल में प्रवेश कर सके। ऐसे में दो हार मिलने पर भी टीम की दावेदारी पर संकट नहीं आएगा।
समीकरणों का बारीकी से विश्लेषण करें तो अगर भारत इन आठ में से छह मैच जीतता है और दो मैच हार जाता है, तो उसका पीसीटी बढ़कर 62.96 हो जाएगा। वहीं यदि भारतीय टीम सात मैचों में जीत का परचम लहराती है और सिर्फ एक मैच गंवाती है, तो उसका पीसीटी 68.52 के उच्च स्तर तक पहुंच जाएगा। यह आंकड़ा टीम इंडिया को आसानी से फाइनल की दौड़ में सबसे आगे खड़ा कर देगा।
आगे का रास्ता चुनौतीपूर्ण: न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया से होगी कड़ी भिड़ंत
श्रीलंका के खिलाफ जारी टेस्ट श्रृंखला का दूसरा मुकाबला भले ही भारत के लिए अनुकूल दिख रहा हो, लेकिन इसके बाद आने वाली चुनौतियां बेहद कठिन हैं। भारतीय टीम को इसके बाद न्यूजीलैंड का दौरा करना है, जहां उसे कीवी टीम के खिलाफ उसकी घरेलू सरजमीं पर दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलनी होगी। इसके अलावा पांच मैचों की हाई प्रोफाइल टेस्ट श्रृंखला के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत का दौरा करेगी।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया दोनों ही टीमें वर्तमान में डब्ल्यूटीसी अंक तालिका में भारत से ऊपर के पायदानों पर काबिज हैं। श्रीलंका के खिलाफ पहला मैच जीतने से भारत का पीसीटी तो जरूर सुधरा है, लेकिन रैंकिंग में छलांग लगाने के लिए अगले मैच में भी जीत दर्ज करना अनिवार्य होगा।
बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया टेस्ट के नतीजे का भी पड़ेगा सीधा असर
भारतीय टीम की रैंकिंग और फाइनल की संभावनाओं पर केवल उसके अपने प्रदर्शन का ही असर नहीं पड़ेगा, बल्कि अन्य देशों के बीच खेली जा रही श्रृंखलाएं भी बड़ा उलटफेर कर सकती हैं। इस समय बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के बीच भी दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेली जा रही है। श्रृंखला के पहले ही मुकाबले में बांग्लादेश की टीम ने बड़ा कारनामा करते हुए मजबूत ऑस्ट्रेलिया को शिकस्त देकर सबको चौंका दिया है।
दोनों टीमों के बीच दूसरा टेस्ट मैच शनिवार से शुरू होने जा रहा है। इस मुकाबले में यह देखने लायक होगा कि ऑस्ट्रेलियाई टीम पलटवार करते हुए वापसी करती है या फिर बांग्लादेश की टीम अपना दबदबा बरकरार रखती है। इस मैच के परिणाम से ऑस्ट्रेलिया के पीसीटी में बदलाव आएगा, जिसका सीधा प्रभाव भारत की रैंकिंग और फाइनल में पहुंचने के समीकरणों पर पड़ेगा।



















