अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के ऐतिहासिक मैदान पर हमेशा दो अलग-अलग श्रेणियों के खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिलता है। पहली श्रेणी में वे महान खिलाड़ी शामिल हैं, जिनकी खेल शैली में एक स्वाभाविक लय, तकनीकी पूर्णता और शास्त्रीय खूबसूरती झलकती है। उदाहरण के तौर पर, बल्लेबाजी में सचिन तेंदुलकर का मास्टरक्लास स्ट्रेट ड्राइव या फिर तेज गेंदबाजी में वसीम अकरम और डेल स्टेन का बेहद सहज, पाठ्यपुस्तकीय बॉलिंग एक्शन। वहीं दूसरी तरफ वे खिलाड़ी आते हैं, जिनका बॉलिंग एक्शन क्रिकेट की किसी भी पारंपरिक कोचिंग बुक या ट्रेनिंग मैनुअल के नियमों में फिट नहीं बैठता। पहली बार उनके एक्शन को देखकर दर्शकों और विशेषज्ञों को हैरानी हो सकती है या चेहरे पर मुस्कान आ सकती है। हालांकि, जब वही अजीबोगरीब और अनूठा एक्शन क्रीज पर मौजूद दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों के स्टंप उखाड़ देता है, तो पूरी क्रिकेट दुनिया उनकी जादुई कला की मुरीद हो जाती है।
पॉल एडम्स: 'मिक्सर ग्राइंडर में फंसा मेंढक' एक्शन का जादू
विश्व क्रिकेट के इतिहास में अतरंगी और अजीबोगरीब बॉलिंग एक्शन वाले गेंदबाजों की एक बेहद दिलचस्प और यादगार परंपरा रही है। 90 के दशक में जब दक्षिण अफ्रीका के बाएं हाथ के चाइनामैन स्पिनर पॉल एडम्स ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मंच पर कदम रखा था, तो पूरी दुनिया उनकी गेंदबाजी देखकर दंग रह गई थी। बहुत ही छोटे रनअप के साथ गेंदबाजी करने वाले पॉल एडम्स गेंद को रिलीज करते समय अपने शरीर को इस तरह मोड़ते थे कि उनका सिर आसमान के बजाय सीधे नीचे जमीन की ओर झुक जाता था और उनकी गर्दन में एक तीखा झटका लगता था। इंग्लैंड के पूर्व महान बल्लेबाज माइक गैटिंग ने पॉल एडम्स के इस बेहद अनूठे बॉलिंग एक्शन को 'मिक्सर ग्राइंडर में फंसा मेंढक' (फ्रॉग इन ए ब्लेंडर) की संज्ञा दी थी। उस दौर में किसी भी बल्लेबाज या क्रिकेट जानकार के लिए यह यकीन करना नामुमकिन जैसा था कि बिना बल्लेबाज और पिच को सीधे देखे कोई गेंदबाज इतनी सटीक और घातक गेंदें कैसे फेंक सकता है। पॉल एडम्स ने अपनी इसी चमत्कारी और अनोखी शैली के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 45 टेस्ट मैचों में 134 विकेट और 24 वनडे मैचों में 29 विकेट हासिल किए थे। बाद में IPL के मंच पर गुजरात लायंस की ओर से खेलते हुए भारतीय स्पिनर शिविल कौशिक ने भी ठीक उसी तरह के सिर घुमाने वाले एडम्स शैली के एक्शन से क्रिकेट प्रेमियों को हैरान कर दिया था।
देबाशीष मोहंती: खूबसूरत आर्म एक्शन जो वर्ल्ड कप का लोगो बना
यदि अनूठे बॉलिंग एक्शन में छिपी खूबसूरती, आकर्षण और कलात्मकता की बात की जाए, तो भारत के पूर्व तेज गेंदबाज देबाशीष मोहंती का नाम सबसे पहले याद किया जाता है। गेंद को हवा में रिलीज करते समय देबाशीष मोहंती के दोनों हाथों की मुद्रा और उछाल इतनी मनमोहक और विशिष्ट थी कि 1999 के क्रिकेट वर्ल्ड कप का आधिकारिक ग्राफिक लोगो उनके इसी बॉलिंग एक्शन से प्रेरित होकर डिजाइन किया गया था। देबाशीष मोहंती की गेंद में हवा और पिच से इतनी तीखी स्विंग होती थी कि पाकिस्तान के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज सईद अनवर भी उनके सामने बेबस नजर आते थे। एक प्रसिद्ध टीवी शो में भारतीय दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने इस मजेदार वाकये का खुलासा करते हुए बताया था कि कनाडा में आयोजित सहारा कप के दौरान सईद अनवर ने उनके पास आकर पूछा था, "यह देबाशीष कैसी गेंदबाजी करता है, वह भागकर ऐसा एक्शन बनाता है जैसे मुझसे ही पूछ रहा हो कौन सी गेंद डालूं, और मुझे सच में समझ नहीं आता कि बॉल अंदर की तरफ आएगी या बाहर की तरफ निकलेगी।" उस सहारा कप की 5 मैचों की पूरी वनडे सीरीज के सभी मुकाबलों में देबाशीष मोहंती ने अपनी स्विंग का जाल बुनकर सईद अनवर को पवेलियन भेजा था।
जैफ थॉमसन: क्रिकेट इतिहास का पहला तूफानी स्लिंगर
विश्व क्रिकेट में तेज गेंदबाजी के स्वर्णिम पन्नों को पलटने पर ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज जैफ थॉमसन का नाम एक ऐतिहासिक मील के पत्थर के रूप में सामने आता है। जैफ थॉमसन को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का पहला असली 'स्लिंगर' गेंदबाज माना जाता है। अपने बेहद झटकेदार, चाबुक जैसे एक्शन और शरीर के खिंचाव से थॉमसन इतनी अत्यधिक रफ्तार से गेंदें फेंकते थे कि वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज विव रिचर्ड्स जैसे दिग्गज भी उन्हें अपने पूरे क्रिकेट करियर का सबसे खौफनाक और खतरनाक गेंदबाज स्वीकार करते थे। जैफ थॉमसन ने अपनी इस तूफानी गति और स्लिंगिंग एक्शन के दम पर 51 टेस्ट मैचों में 200 विकेट और 50 वनडे मैचों में 55 बल्लेबाजों का शिकार करके इतिहास रचा था।
लसिथ मलिंगा: 90-डिग्री आर्म और घातक टो-क्रशिंग यॉर्कर
आधुनिक क्रिकेट के दौर में इसी स्लिंगिंग कला को एक नए मुकाम और नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का ऐतिहासिक काम श्रीलंका के महान तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा ने किया। पारंपरिक ओवर-द-हेड या हाई-आर्म एक्शन से पूरी तरह अलग, लसिथ मलिंगा का हाथ गेंद रिलीज करते समय लगभग 90 डिग्री के कोण पर कंधे की बिल्कुल सीध में रहता था। क्रीज पर खड़े बल्लेबाजों को अक्सर ऐसा लगता था कि गेंद साइटस्क्रीन के पीछे से निकलकर सीधे उनकी ओर आ रही है। 'स्लिंगा मलिंगा' के नाम से विश्व प्रसिद्ध इस अनोखे एक्शन से निकलने वाली उनकी तीखी, लेट-इनस्विंगिंग यॉर्कर गेंदों ने बल्लेबाजों के पैरों के अंगूठे तोड़ने का काम किया। लसिथ मलिंगा ने अपने स्वर्णिम अंतरराष्ट्रीय करियर में टेस्ट मैचों में 101 विकेट, वनडे मैचों में 338 विकेट और T20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 107 विकेट चटकाए। वह सीमित ओवरों के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 5 बार हैट्रिक लेने वाले और दो अलग-अलग मौकों पर लगातार 4 गेंदों में 4 विकेट हासिल करने वाले दुनिया के एकमात्र गेंदबाज हैं।
सोहेल तनवीर: 'रॉन्ग फुट' लैंडिंग से राजस्थान को बनाया चैंपियन
पाकिस्तान के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सोहेल तनवीर का गेंदबाजी अंदाज भी क्रिकेट प्रशंसकों के लिए कौतूहल का विषय रहा है। वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के गिने-चुने 'रॉन्ग फुटेड' गेंदबाजों में शामिल थे। इसका अर्थ यह है कि डिलीवरी स्ट्राइड में गेंद फेंकते समय उनका लैंडिंग पैर आम बाएं हाथ के गेंदबाजों की तुलना में विपरीत होता था। हवा में पैर तैरते हुए गेंद फेंकने की इस खास शैली के कारण पाकिस्तान में क्रिकेट फैंस उन्हें प्यार से 'पंखा' कहकर बुलाते थे। इसी अजीब लेकिन बेहद प्रभावी एक्शन की बदौलत सोहेल तनवीर ने IPL के पहले सीजन में राजस्थान रॉयल्स को ऐतिहासिक चैंपियन बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई थी और पूरे टूर्नामेंट में 22 विकेट लेकर पर्पल कैप पर कब्जा जमाया था। सोहेल तनवीर के नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वनडे में 71 विकेट और T20 अंतरराष्ट्रीय में 54 विकेट दर्ज हैं।
जसप्रीत बुमराह: रोबोटिक सटीकता और शॉर्ट रनअप का खौफ
समकालीन क्रिकेट में इस फेहरिस्त का सबसे बड़ा, घातक और प्रभावशाली नाम भारत के जसप्रीत बुमराह का है। जसप्रीत बुमराह का एक्शन सिर्फ अजीब या अपरंपरागत नहीं है, बल्कि यह विश्व क्रिकेट के बल्लेबाजों के लिए एक अनसुलझी पहेली जैसा है। सीधे चलते हुए बहुत छोटे रनअप से शुरुआत करने के बाद, अचानक हाइपर-एक्सटेंशन आर्म के साथ क्रीज के बेहद करीब जाकर गेंद रिलीज करना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। आम गेंदबाजों के मुकाबले बुमराह का रिलीज पॉइंट काफी आगे होता है, जिसकी वजह से बल्लेबाज को गेंद की लेंथ और स्विंग भांपने के लिए मिलीसेकंड का समय भी नहीं मिल पाता। अपनी रोबोटिक सटीकता से यॉर्कर और बाउंसर फेंकने वाले बुमराह ने T20 वर्ल्ड कप 2024 में केवल 4.17 की इकॉनमी रेट और 8.26 के बेमिसाल औसत के साथ 15 विकेट झटककर भारत को विश्व विजेता बनाया। बुमराह अब तक अपने करियर में 36 टेस्ट मैचों में 159 विकेट, 89 वनडे मैचों में 149 विकेट और 70 T20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 89 विकेट हासिल कर चुके हैं।



















