श्रीलंका के खिलाफ गॉल अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए टेस्ट मुकाबले में 10 विकेट चटकाकर भारतीय टीम की 165 रनों की यादगार विजय की पटकथा लिखने वाले 24 वर्षीय युवा स्पिनर मानव सुथार हाल ही में क्रिकेट जगत की सुर्खियों में आ गए हैं। गॉल के फिरकी के अनुकूल मैदान पर लंकाई बल्लेबाजों को अपनी उंगलियों पर नचाने वाले इस प्रतिभावान गेंदबाज ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत में ही ऐसी गहरी छाप छोड़ी है जिसकी गूंज हर तरफ दिखाई दे रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिग्गज बल्लेबाजों को अपनी घातक गेंदों से चकमा देना मानव सुथार के लिए कोई नई बात नहीं है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इस मुकाम तक पहुंचने से काफी पहले साल 2023 में ही उन्होंने भारतीय टीम के बेंगलुरु अभ्यास शिविर में देश के सबसे अनुभवी और दिग्गजों की श्रेणी में शामिल बल्लेबाजों को नेट्स पर अपनी फिरकी से पूरी तरह बेबस कर दिया था।
बेंगलुरु अभ्यास शिविर में दिग्गजों को बुना था फिरकी का जाल
साल 2023 में एशिया कप और भारत में आयोजित होने वाले वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने बेंगलुरु के आलूर में एक विशेष अभ्यास शिविर का आयोजन किया था। इस गहन अभ्यास सत्र में राष्ट्रीय टीम के मुख्य बल्लेबाजों को गुणवत्तापूर्ण अभ्यास प्रदान करने के उद्देश्य से घरेलू क्रिकेट के कई उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को बतौर नेट बॉलर आमंत्रित किया गया था। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले की तपती रेत से निकलकर आए अनकैप्ड स्पिनर मानव सुथार भी इस प्रतिष्ठित शिविर का हिस्सा बने थे।
नेट्स अभ्यास के दौरान मानव सुथार ने अपनी सधी हुई लाइन-लेंथ और जादुई मोड़ से भारतीय टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों और राष्ट्रीय कोचों को आश्चर्यचकित कर दिया। उन्होंने उस समय के कप्तान और सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा, रन-मशीन के नाम से मशहूर विराट कोहली और टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप के शीर्ष बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव को एक बार नहीं बल्कि कई बार गच्चा दिया और आउट किया। सफेद गेंद से अभ्यास करते हुए सुथार जिस तरह से हवा में गेंद को तैरा रहे थे और पिच से तीखा टर्न हासिल कर रहे थे, उसने शिविर में मौजूद राष्ट्रीय चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन पर गहरा प्रभाव छोड़ा। शिविर में मौजूद विशेषज्ञों ने माना कि उनकी सफेद गेंद की ड्रिफ्ट किसी भी स्थापित बल्लेबाज को मुश्किल में डालने के लिए पर्याप्त थी।
गेंदबाजी की अनूठी तकनीक: हवा में ड्रिफ्ट और पिच पर अतिरिक्त उछाल
पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों और क्रिकेट विशेषज्ञों ने मानव सुथार की गेंदबाजी तकनीक का बारीकी से अध्ययन किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानव सुथार के पास एक पारंपरिक बाएं हाथ के ऑर्थोडॉक्स स्पिनर की तमाम उत्कृष्ट क्षमताएं मौजूद हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत गेंद को हवा में सही फ्लाइट देना है। जब वे गेंद को हवा में ऊपर की ओर छोड़ते हैं, तो बल्लेबाज बड़े शॉट खेलने के लालच में अपनी क्रीज से बाहर निकलने पर मजबूर हो जाता है और गति का सही अंदाजा नहीं लगा पाता।
इसके अलावा हवा में गेंद का अंदर या बाहर की तरफ तैरना (ड्रिफ्ट होना) बल्लेबाजों के फुटवर्क को पूरी तरह से बांध देता है। बेंगलुरु के अभ्यास शिविर में रोहित शर्मा और विराट कोहली इसी हवा में मिलने वाली ड्रिफ्ट की वजह से गच्चा खाकर आउट हो गए थे। सुथार अपनी उंगलियों और कलाई का बेहद शानदार इस्तेमाल करके गेंद पर ओवर-स्पिन जनरेट करते हैं। इस वजह से गेंद टप्पा खाने के बाद अचानक अतिरिक्त उछाल लेती है और तेजी से दिशा बदलती है। पिच पर होने वाले इसी अप्रत्याशित बदलाव और अपनी नियंत्रित गेंदबाजी के कारण कई पूर्व दिग्गज खिलाड़ी मानव सुथार को भारत के महान ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा का भावी उत्तराधिकारी मानने लगे हैं।
गॉल टेस्ट में रचा इतिहास: अश्विन के बाद बने दूसरे भारतीय
मानव सुथार ने जून 2026 में अफगानिस्तान के खिलाफ मैच खेलकर अपने टेस्ट अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज किया था। इसके बाद श्रीलंका के खिलाफ गॉल में आयोजित मुकाबला उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का केवल दूसरा टेस्ट मैच था। इस मुकाबले में नियमित सीनियर खिलाड़ियों जैसे रविचंद्रन अश्विन, विराट कोहली और रोहित शर्मा की अनुपस्थिति वाली युवा टीम इंडिया की कप्तानी शुभमन गिल संभाल रहे थे।
कप्तान शुभमन गिल ने गेंदबाजी आक्रमण को धार देने के लिए रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव के साथ मानव सुथार को तीसरे स्पिनर के तौर पर अंतिम एकादश में मौका दिया। मानव ने इस बड़े अवसर का पूरा फायदा उठाया और मैच में कुल 10 विकेट झटककर भारतीय टीम की जीत में मुख्य भूमिका निभाई। उन्होंने पहली पारी में 76 रन देकर 4 विकेट हासिल किए, जबकि दूसरी पारी में घातक गेंदबाजी करते हुए 55 रन देकर 6 विकेट चटकाए। श्रीलंका की दूसरी पारी में तो सुथार ने एक ही ओवर के भीतर 3 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजकर मेजबान टीम की बल्लेबाजी की रीढ़ तोड़ दी। इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही वे ऐतिहासिक गॉल स्टेडियम में एक ही टेस्ट मैच में 10 विकेट लेने का कारनामा करने वाले, रविचंद्रन अश्विन के अतिरिक्त एकमात्र भारतीय स्पिनर बन गए हैं। दो टेस्ट मैचों के अपने शुरुआती करियर में ही वे कुल 17 विकेट अपने नाम कर चुके हैं।
श्रीगंगानगर की भीषण गर्मी से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक का सफर
मानव सुथार को मिली यह अंतरराष्ट्रीय सफलता किसी रातों-रात हुए चमत्कार का नतीजा नहीं है, बल्कि इसके पीछे वर्षों का कड़ा परिश्रम और अनुशासन छिपा है। राजस्थान के श्रीगंगानगर की भीषण गर्मी में अभ्यास के दौरान पसीना बहाने वाले सुथार शुरुआती दिनों में अपनी पहचान एक विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में बनाना चाहते थे। हालांकि उनके शुरुआती कोच धीरज शर्मा ने उनके स्वाभाविक गेंदबाजी एक्शन को देखा और उन्हें स्पिनर बनने की सलाह दी। कोच की इस दूरदर्शी सलाह ने उनके खेल का रुख बदल दिया और इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
घरेलू क्रिकेट में कदम रखते ही उन्होंने अपनी उपयोगिता साबित की। रणजी ट्रॉफी के 2022-23 सत्र में उन्होंने राजस्थान की ओर से खेलते हुए महज 6 मुकाबलों में 39 विकेट चटकाकर तहलका मचा दिया था। इसके बाद वे इंडियन प्रीमियर लीग में गुजरात टाइटंस की टीम से जुड़े और इंडिया-ए की तरफ से खेलते हुए भी लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया। बेंगलुरु के अभ्यास शिविर में भारतीय टीम के दिग्गजों को चकमा देने वाले इस युवा खिलाड़ी ने अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा दी है। भारतीय टेस्ट क्रिकेट के इस बदलाव के दौर में मानव सुथार को भविष्य के एक प्रभावशाली मैच-विजेता के तौर पर देखा जा रहा है।



















