इकाना इंटरनेशनल स्टेडियम में यूपी टी20 लीग सीजन 4 के आठवें मैच के दौरान क्रिकेट का एक बेहद रोमांचक मुकाबला देखने को मिला. लखनऊ फाल्कन्स और मेरठ मावेरिक्स के बीच खेले गए इस मुकाबले में एक तरफ जहां बल्ले और गेंद के बीच जबरदस्त जंग देखने को मिली, वहीं दूसरी तरफ मौसम ने भी अपनी अनिश्चितता से मैच का रुख लगातार बदला. 184 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेरठ मावेरिक्स की टीम एक समय गहरी मुश्किल में दिख रही थी. लेकिन टीम के कप्तान रिंकू सिंह ने दबाव के क्षणों में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का लोहा मनवाते हुए मैच की बाजी पूरी तरह पलट दी. जब बारिश के कारण खेल रोका गया, तब मेरठ की टीम डकवर्थ-लुईस पार स्कोर से आगे थी और अंततः टीम ने 5 रनों से जीत हासिल की.
टॉस जीतकर लखनऊ फाल्कन्स ने खड़ा किया 183 रनों का विशाल स्कोर
मुकाबले की शुरुआत में लखनऊ फाल्कन्स के कप्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. टीम के सलामी बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया. शीर्ष क्रम में मोहम्मद सैफ ने जिम्मेदारी संभालते हुए 32 गेंदों में 45 रनों की तेज तर्रार पारी खेली और टीम को एक मजबूत आधार प्रदान किया. मोहम्मद सैफ के आउट होने के बाद मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने आए अजीत वर्मा ने विपक्षी गेंदबाजों पर करारा हमला बोला. अजीत वर्मा ने मैदान के चारों तरफ आकर्षक शॉट खेलते हुए महज 37 गेंदों पर 53 रन जड़ दिए. अपनी इस शानदार पारी में उन्होंने आठ चौके और एक गगनचुंबी छक्का जमाया.
अंतिम ओवरों में सत्यम पांडे और विप्रज निगम ने ताबड़तोड़ अंदाज में उपयोगी रन बटोरे, जिससे लखनऊ फाल्कन्स ने निर्धारित 20 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 183 रनों का एक मजबूत और चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया. मेरठ मावेरिक्स की ओर से गेंदबाजी करते हुए जीशान अंसारी और विजय कुमार ने बेहतरीन नियंत्रण दिखाया और दोनों गेंदबाजों ने दो-दो विकेट अपने नाम किए.
लक्ष्य का पीछा करते हुए मेरठ मावेरिक्स की शुरुआती बदहाली
184 रनों के बड़े लक्ष्य को हासिल करने उतरी मेरठ मावेरिक्स की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही. लखनऊ के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने पहले ही ओवर में लय में चल रहे खतरनाक बल्लेबाज स्वास्तिक चिकारा को आउट कर पवेलियन की राह दिखा दी. इस शुरुआती झटके से मेरठ की टीम उबर भी नहीं पाई थी कि दूसरे ओवर में गेंदबाजी करने आए अभिनंदन सिंह ने कहर बरपा दिया. अभिनंदन सिंह ने अपने एक ही ओवर में ऋतुराज शर्मा और अक्षय दुबे को लगातार आउट कर मेरठ के शीर्ष क्रम की कमर तोड़ दी.
महज 22 रन के स्कोर पर अपने 3 मुख्य बल्लेबाजों के आउट हो जाने के बाद मेरठ मावेरिक्स गहरे संकट में आ गई. ऐसे कठिन समय में दिव्यांश जोशी और दिव्यांश राजपूत ने पारी को संभालने का बीड़ा उठाया. दोनों बल्लेबाजों ने संयम और सूझबूझ का परिचय देते हुए चौथे विकेट के लिए 52 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई. हालांकि, लखनऊ फाल्कन्स के गेंदबाज लगातार सटीक लाइन लेंथ पर गेंदबाजी कर रहे थे, जिससे मेरठ की टीम पर रन रेट का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था.
रिंकू सिंह की क्रीज पर एंट्री और आक्रामक पलटवार
जब मेरठ मावेरिक्स के कप्तान रिंकू सिंह क्रीज पर बल्लेबाजी के लिए आए, तब मैच का समीकरण काफी कठिन हो चुका था. मेरठ को जीत दर्ज करने के लिए अंतिम 5 ओवरों में 59 रनों की जरूरत थी. 15वें ओवर में रिंकू सिंह ने गियर बदला और तेज गेंदबाज अभिनंदन सिंह के ओवर पर करारे प्रहार किए. रिंकू सिंह ने उस अकेले ओवर से 19 रन बटोर कर मैच में मेरठ की वापसी का बिगुल बजा दिया. ठीक इसी समय मैदान पर हल्की बारिश शुरू हो गई, जिससे मैच में डकवर्थ-लुईस नियम का गणित प्रभावी हो गया.
बारिश के साए में डकवर्थ-लुईस पार स्कोर का गणित और रिंकू का तूफान
बारिश तेज होने की आशंका के बीच ड्रेसिंग रूम से मैदान पर लगातार डकवर्थ-लुईस पार स्कोर के संदेश भेजे जा रहे थे. 16.3 ओवर का खेल समाप्त होने तक मेरठ मावेरिक्स का स्कोर पार स्कोर से ठीक 1 रन पीछे चल रहा था, और अंपायर किसी भी पल खेल को रोकने का इशारा कर सकते थे. ऐसे अत्यधिक तनावपूर्ण पल में रिंकू सिंह ने अपना क्लास दिखाते हुए अगली ही गेंद को दर्शकों के बीच छक्के के लिए भेज दिया और टीम को पार स्कोर से आगे निकाल दिया.
इसके बाद नवनीत कुमार के ओवर में रिंकू सिंह का असली रौद्र रूप देखने को मिला. रिंकू ने नवनीत कुमार की महज 5 गेंदों में 26 रन ठोक दिए और लखनऊ के गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया. उन्होंने दबाव के बावजूद बिना किसी हड़बड़ाहट के महज 24 गेंदों पर नाबाद 55 रनों की आतिशी पारी खेली.
बारिश के कारण रुका मुकाबला, मेरठ मावेरिक्स को मिली 5 रनों से जीत
16.5 ओवर के खेल के बाद तेज मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जिसके कारण अंपायरों को खेल तुरंत रोकना पड़ा. उस समय मेरठ मावेरिक्स का स्कोर 6 विकेट के नुकसान पर 154 रन था. डकवर्थ-लुईस नियम की गणना के अनुसार, मेरठ मावेरिक्स उस समय आवश्यक पार स्कोर से ठीक 5 रन आगे थी. मैदान पर काफी देर तक इंतजार किया गया, लेकिन बारिश न थमने के कारण आगे का खेल संभव नहीं हो सका. अंततः अंपायरों ने डकवर्थ-लुईस नियम के आधार पर मेरठ मावेरिक्स को 5 रनों से विजयी घोषित कर दिया.



















