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ताजपुर का लाल टीम इंडिया तक कैसे पहुंचा? चाचा राजीव सूर्यवंशी ने बताई वैभव की वो खूबी जिसने बदल दी किस्मतक्रिकेट
13 जून 2026, 3:13 pm (91 दिन पहले)· 0

ताजपुर का लाल टीम इंडिया तक कैसे पहुंचा? चाचा राजीव सूर्यवंशी ने बताई वैभव की वो खूबी जिसने बदल दी किस्मत

समस्तीपुर के ताजपुर से निकले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के टीम इंडिया में चयन के पीछे की वजह उनके छोटे चाचा राजीव सूर्यवंशी ने साझा की, और इसके लिए BCCI का आभार जताया।

बिहार के समस्तीपुर जिले के एक छोटे से कस्बे ताजपुर का नाम इन दिनों क्रिकेट की दुनिया में गूंज रहा है, और इसकी वजह हैं यहां के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी। कम उम्र में ही टीम इंडिया तक पहुंच बनाने वाले इस खिलाड़ी की चर्चा पूरे इलाके में है। जब से उनके चयन की खबर आई है, लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है — आखिर इस लड़के में ऐसा क्या है जो उसे सीधे भारतीय टीम तक ले गया? इसी पहेली का जवाब तलाशने के लिए परिवार के सबसे करीबी सदस्य, वैभव के छोटे चाचा राजीव सूर्यवंशी से बातचीत की गई।

बचपन से ही बाकी बच्चों से अलग

राजीव सूर्यवंशी की मानें तो वैभव शुरू से ही दूसरे बच्चों जैसे नहीं थे। खेल को लेकर उनके भीतर एक अलग ही दीवानगी थी। घंटों तक मैदान में पसीना बहाना उनकी आदत में शामिल था, और हर दिन खुद को पहले से बेहतर बनाने की जिद उनके स्वभाव का हिस्सा थी। चाचा बताते हैं कि यही अनुशासन और लगन धीरे-धीरे उन्हें इस मुकाम तक खींच लाई। परिवार को कभी इसमें संदेह नहीं रहा कि यह बच्चा एक दिन बड़ा नाम कमाएगा।

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IPL बना करियर का सबसे बड़ा मोड़

राजीव खुलकर कहते हैं कि अगर वैभव ने IPL के मंच पर अपना दमखम न दिखाया होता, तो शायद यह दिन देखना मुश्किल था। बड़े और नामी गेंदबाजों के सामने बिना किसी डर के बल्ला घुमाना, लगातार रन जुटाना और अपने खेल से हर किसी को हैरान कर देना — यही वह बात थी जिसने चयनकर्ताओं की नजरें उनकी ओर मोड़ दीं। चाचा के मुताबिक यही वह मंच साबित हुआ जहां से वैभव को राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान मिली।

वे आगे जोड़ते हैं कि पिछले दो IPL सीजन वैभव के सफर में निर्णायक मोड़ बनकर आए। IPL में सबसे ज्यादा छक्के जड़ने का रिकॉर्ड और दिग्गज गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक तेवर ने यह जता दिया कि यह खिलाड़ी बड़े मंचों के लिए ही बना है। राजीव कहते हैं कि भले ही राजस्थान रॉयल्स खिताब अपने नाम न कर पाई हो, मगर पूरे सीजन में चर्चा का केंद्र सिर्फ और सिर्फ वैभव की बल्लेबाजी रही।

परिवार ने जताया BCCI का आभार

छोटे चाचा राजीव सूर्यवंशी ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड के प्रति गहरा आभार जताया। उन्होंने कहा कि जिस भरोसे के साथ बोर्ड ने उनके भतीजे को टीम में जगह दी है, उसके लिए पूरा परिवार दिल से शुक्रगुजार है। उनके अनुसार चयनकर्ताओं ने वैभव के भीतर छिपी प्रतिभा को सही समय पर पहचाना और उसे आगे बढ़ने का उचित अवसर दिया। यही वजह रही कि टीम प्रबंधन ने उनके खेल को गंभीरता से लिया और उन्हें टीम इंडिया में शामिल करने का फैसला किया। आज सिर्फ समस्तीपुर ही नहीं, बल्कि पूरा बिहार इस उपलब्धि पर गर्व से भरा हुआ है।

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