जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में युवा भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपने दमदार खेल से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इस मैच में उन्होंने 49 गेंदों का सामना करते हुए 81 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 8 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। उनका स्ट्राइक रेट 165.31 का रहा और उनकी इस शानदार बल्लेबाजी के बूते भारतीय टीम ने 192 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। इस प्रदर्शन के दम पर भारत ने मुकाबला अपने नाम किया और वैभव को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इसके साथ ही, पूरी सीरीज के दौरान कुल 151 रन बनाने के कारण उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब भी मिला।
दूसरा सबसे युवा खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड
इस शानदार उपलब्धि के बाद कई लोग यह मान बैठे कि वैभव टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम उम्र में प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार जीतने वाले दुनिया के इकलौते खिलाड़ी बन गए हैं। हालांकि, आंकड़ों के लिहाज से यह सच नहीं है। जब उन्होंने यह मुकाम हासिल किया, तब उनकी उम्र 15 साल 121 दिन थी और इस लिहाज से वह टी20 इंटरनेशनल इतिहास के दूसरे सबसे कम उम्र के प्लेयर ऑफ द मैच विजेता बने हैं। इस सूची में शीर्ष स्थान किसी अन्य खिलाड़ी के नाम पर दर्ज है, जिन्होंने उम्र के मामले में वैभव को पीछे छोड़ा हुआ है।
सिएरा लियोन के खिलाड़ी के नाम है विश्व कीर्तिमान
टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम उम्र में प्लेयर ऑफ द मैच बनने का विश्व रिकॉर्ड सिएरा लियोन के अलुसीन तुरे के नाम दर्ज है। अलुसीन तुरे ने साल 2022 के दौरान कैमरून के खिलाफ खेले गए अपने टी20 इंटरनेशनल पदार्पण मुकाबले में ही यह करिश्मा कर दिखाया था। उस समय उनकी आयु महज 15 साल और 74 दिन थी। उस मैच में उन्होंने बेहतरीन ऑलराउंड खेल का प्रदर्शन करते हुए गेंदबाजी में 2 विकेट झटके और बल्लेबाजी में केवल 20 गेंदों पर 33 रन बनाकर अपनी टीम को जीत दिलाई थी। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन की बदौलत वह दुनिया के सबसे कम उम्र के प्लेयर ऑफ द मैच बने। हालांकि, यदि पूर्णकालिक सदस्य देशों की बात की जाए, तो यह रिकॉर्ड वैभव सूर्यवंशी के नाम ही रहेगा।
सपनों के सच होने जैसा अनुभव
मुकाबले के बाद आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में अपनी इस सफलता को लेकर बात करते हुए वैभव सूर्यवंशी ने इसे अपने जीवन का बेहद खास पल बताया। उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए ड्रीम कम ट्रू मोमेंट है। उन्होंने आगे कहा कि वह अपना पहला प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड जीतकर बेहद खुश हैं तथा हरारे में पहले अंडर-19 वर्ल्ड कप खेल चुके होने के कारण उन्हें यहां खेलना काफी पसंद है। उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि कप्तान, कोच और पूरी टीम ने उनका पूरा साथ दिया, जिससे उनका आत्मविश्वास काफी ज्यादा बढ़ गया।
वीवीएस लक्ष्मण के मार्गदर्शन का असर
इस पूरे जिम्बाब्वे दौरे पर भारतीय टीम के नियमित मुख्य कोच गौतम गंभीर को विश्राम दिया गया था। उनकी गैरमौजूदगी में वीवीएस लक्ष्मण ने कार्यवाहक मुख्य कोच की भूमिका निभाई। वीवीएस लक्ष्मण की देखरेख और कोचिंग में ही वैभव सूर्यवंशी ने मैदान पर बेहतरीन खेल दिखाया और न केवल अपना पहला व्यक्तिगत पुरस्कार जीता, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य के रूप में अपनी मजबूत दावेदारी भी पेश कर दी।



















