घरेलू मैदानों पर भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का नया अभियान रविवार, 27 सितंबर से शुरू होने जा रहा है, जब तीन मैचों की द्विपक्षीय एकदिवसीय श्रृंखला का उद्घाटन मैच तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में आयोजित होगा। इस एकदिवसीय मुकाबले के दौरान राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने परिस्थितियों को देखते हुए एक सुगठित संयोजन तैयार किया है। राष्ट्रीय टी20 टीम के कई नियमित सदस्य इस समय 2026 के एशियाई खेलों में शिरकत करने जापान पहुंचे हुए हैं, इसके बावजूद मेजबान दल अपनी पूरी ताकत और गहराई के साथ कैरेबियाई चुनौती से निपटने के लिए तैयार खड़ा है। युवा बल्लेबाज शुभमन गिल के हाथों में टीम की बागडोर सौंपी गई है, और यह मेजबान टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ श्रृंखला में शुरुआती बढ़त बनाने के लक्ष्य से उतरेगी।
ओपनिंग संयोजन और शीर्ष क्रम की रूपरेखा
टीम के शीर्ष क्रम में अनुभव और आक्रामकता का तालमेल देखने को मिलेगा। युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल पंद्रह सदस्यीय दल में मौजूद हैं, परंतु रणनीतिक रूप से वरिष्ठ बल्लेबाज रोहित शर्मा का पहले मुकाबले में ओपनर की भूमिका निभाना लगभग निश्चित माना जा रहा है। अपने हालिया एकदिवसीय प्रदर्शन के दौरान रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर शतक जड़कर अपनी शानदार फॉर्म का परिचय दिया था। योजना के अनुसार, कप्तान शुभमन गिल स्वयं अनुभवी रोहित शर्मा के साथ भारतीय पारी का श्रीगणेश करेंगे, जिससे शुरुआती ओवरों में वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर दबाव बनाया जा सके।
तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज विराट कोहली का उतरना तय है। अपनी चिरपरिचित शैली और अनुशासन के साथ वह पारी को स्थिरता प्रदान करेंगे। हालांकि, मुख्य समस्या मध्यक्रम के चौथे पायदान को लेकर बनी हुई है, क्योंकि नियमित चौथे नंबर के बल्लेबाज श्रेयस अय्यर इस द्विपक्षीय मुकाबले के लिए उपलब्ध नहीं हो सके हैं।
चौथे नंबर की जंग और मध्यक्रम की मजबूती
श्रेयस अय्यर के उपलब्ध न होने से खाली पड़े चौथे पायदान के लिए दल में तीन मजबूत विकल्प मौजूद हैं, जिनमें ऋतुराज गायकवाड़, नमन धीर तथा ध्रुव जुरेल के नाम शामिल हैं। तकनीकी मजबूती, अंतरराष्ट्रीय अनुभव और लंबी पारियां खेलने की क्षमता को देखते हुए टीम प्रबंधन का झुकाव ऋतुराज गायकवाड़ की तरफ अधिक दिखाई दे रहा है। गायकवाड़ शीर्ष क्रम के साथ-साथ परिस्थितियों के अनुकूल गति बदलने में सक्षम माने जाते हैं।
पांचवें नंबर पर विकेटकीपर बल्लेबाज की जिम्मेदारी केएल राहुल के कंधों पर होगी। मध्यक्रम में राहुल का खेल दबाव की परिस्थितियों में संयम और अनुभव लेकर आता है, जिससे निचला क्रम सुरक्षित महसूस करता है। उनके बाद निचले मध्यक्रम में संतुलन साधने के लिए ऑलराउंडर जोड़ी की भूमिका बेहद अहम रहने वाली है।
ऑलराउंडर और स्पिन आक्रमण में वापसी की राह
निचले क्रम में गति देने और गेंद से योगदान देने के लिए युवा हरफनमौला नितिश कुमार रेड्डी और अनुभवी खिलाड़ी रवींद्र जडेजा की मौजूदगी तय नजर आ रही है। इंग्लैंड के खिलाफ पिछली एकदिवसीय श्रृंखला में ये दोनों खिलाड़ी दल का हिस्सा नहीं बन सके थे। इसलिए वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू परिस्थितियों में खुद को दोबारा साबित करने के लिए यह जोड़ी काफी उत्साहित होगी।
स्पिन गेंदबाजी विभाग की बात करें तो अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर की कमी साफ महसूस होगी, क्योंकि दोनों ही खिलाड़ी जापान में आयोजित एशियाई खेलों की टी20 टीम में व्यस्त हैं। ऐसी स्थिति में विशेषज्ञ कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव भारतीय स्पिन आक्रमण के मुख्य कर्णधार बनेंगे। कुलदीप इंग्लैंड दौरे पर भारतीय दल में शामिल जरूर थे, लेकिन तीनों मैचों में उन्हें अंतिम ग्यारह में शामिल होने का अवसर नहीं मिल पाया था। अब वह कैरेबियाई बल्लेबाजों को अपनी फिरकी से परेशान करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।
तेज गेंदबाजी का मोर्चा और संभावित ग्यारह
प्रमुख तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति में भारतीय तेज गेंदबाजी की अगुवाई मोहम्मद सिराज करेंगे। सिराज के साथ नई गेंद साझा करने और बीच के ओवरों में प्रहार करने के लिए प्रसिद्ध कृष्णा तथा युवा गेंदबाज गुरनूर ब्रार को मैदान पर उतारा जाएगा। जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी दार को भी 15 सदस्यीय दल में जगह दी गई है, जो निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी भी कर सकते हैं, हालांकि सिराज, ब्रार और प्रसिद्ध कृष्णा की उपस्थिति को देखते हुए पहले मैच में उनके पदार्पण की संभावना बेहद कम है।
तिरुवनंतपुरम में होने वाले इस मुकाबले के लिए भारत की संभावित अंतिम एकादश में शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (विकेटकीपर), नितिश कुमार रेड्डी, रवींद्र जडेजा, गुरनूर ब्रार, मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा के शामिल होने की पूरी संभावना है।



















