औद्योगिक बुनियादी ढांचे में तेल, गैस और पेट्रोकेमिकल को सुरक्षित रखने के लिए पाइपलाइनों के जोड़ों को मजबूती से कसना सबसे चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियों में गिना जाता है। पाइपों को आपस में जोड़ने वाले हिस्से, जिन्हें तकनीकी भाषा में बोल्टेड फ्लैंज जॉइंट्स कहा जाता है, उन्हें खोलने और कसने में भारी शारीरिक ताकत लगती है। इस श्रमसाध्य काम में अक्सर कर्मचारी चोटिल भी होते हैं। इसी कठिन और जोखिम भरे काम को आसान बनाने के मकसद से नेक्स्टेरिटी ने एक नया ऑटोमेटेड समाधान पेश किया है।
थकावट और कम उत्पादकता से निपटने की पहल
पाइप फिटिंग के क्षेत्र में लंबे समय से कुशल कामगारों की भारी कमी महसूस की जा रही है। लगातार तीन महीनों तक रोजाना 12 घंटे काम करने की वजह से तकनीशियन अत्यधिक शारीरिक थकावट का शिकार हो जाते हैं। अमेरिका और कनाडा के उद्योग जगत में लंबे समय से यह बात सामने आती रही है कि अत्यधिक थकान के कारण उत्तरी अमेरिकी पाइप फिटिंग उत्पादकता काफी कम दर्ज की जाती है। भारी शारीरिक दबाव के कारण साइटों पर चोट लगने की घटनाएं भी आम बात हैं।
पोर्टेबल रोबोट का ढांचा और काम करने का तरीका
एक्सॉनमोबिल की पूर्व इंजीनियर और योजनाकार लिंडसे इलियट ने बोल्टिंग प्रक्रिया को आधुनिक बनाने के लिए इस रोबोटिक तकनीक की नींव रखी। 13वें वार्षिक बोल्टिंग सिम्पोजियम जैसे आयोजनों में उद्योग विशेषज्ञों के अनुभवों को समझने के बाद उन्होंने इस प्रणाली को आकार दिया। यह रोबोट मुख्य रूप से दो हिस्सों में तैयार किया गया है, जो किसी भी पाइप के चारों तरफ आसानी से फिट हो जाता है। बैटरी से चलने वाला यह उपकरण पाइप पर लग जाने के बाद उस पर आगे-पीछे सरक सकता है और एक साथ चार बोल्टों को तेजी से ढीला या टाइट करने की क्षमता रखता है।
किराए के मॉडल पर आधारित लचीली तैनाती
विभिन्न मानक पाइप आकारों को ध्यान में रखते हुए नेक्स्टेरिटी ने इस रोबोट के कई अलग-अलग कॉन्फ़िगरेशन विकसित किए हैं। इन सभी मॉडलों का आकार इतना कॉम्पैक्ट रखा गया है कि वे एक साधारण पेलिकन केस में समा जाते हैं। इसका मतलब यह है कि केवल एक अकेला कर्मचारी इसे किसी भी कार्यस्थल पर आसानी से हाथ में लेकर जा सकता है। कार्यस्थलों पर तुरंत तैनात करने की यही खूबी कंपनी के कारोबारी मॉडल का आधार है, जिसके तहत इन रोबोटों को किराए पर मिलने वाले निर्माण उपकरणों की तरह साइटों को उपलब्ध कराया जाएगा।
विशाल बाजार और ऑटोमेशन की व्यापक संभावनाएं
अमेरिकन सोसाइटी ऑफ मैकेनिकल इंजीनियर्स के प्रेशर वेसल्स एंड पाइपिंग डिवीजन के विशेषज्ञों और इंजीनियरों से विचार-विमर्श के बाद इस डिजाइन को अंतिम रूप दिया गया। तकनीकी आंकड़ों के मुताबिक उद्योगों में इस्तेमाल होने वाले 80 प्रतिशत पाइप दो से आठ इंच व्यास के होते हैं, जिन्हें एनपीएस2 से एनपीएस8 कहा जाता है। पाइप आकारों में इतनी अधिक समानता होने के कारण यह क्षेत्र रोबोटिक ऑटोमेशन के लिए बेहद उपयुक्त साबित होता है। हालांकि आम लोग नियमित तौर पर पाइपिंग बुनियादी ढांचे पर गौर नहीं करते, लेकिन इसका दायरा सिर्फ तेल या गैस तक सीमित नहीं है। जल आपूर्ति, अपशिष्ट जल शोधन, खाद्य एवं पेय पदार्थ, खनन, परमाणु ऊर्जा और सभी आधुनिक टिकाऊ विनिर्माण संयंत्रों में इसी तरह की पाइपिंग प्रणाली का उपयोग किया जाता है, जिससे इस तकनीक के लिए एक बहुत बड़ा वैश्विक बाजार उपलब्ध है।



















